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आज का खास स्टॉक: Videocon में 5% का लोअर सर्किट, NCLT के दायरे में आने का असर

NCLT के मुंबई पीठ ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ लेनदारों की दिवालिया याचिका स्वीकार कर ली।

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नई दिल्ली.  वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के स्टॉक में 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा है। दरअसल, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के मुंबई पीठ ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ लेनदारों की दिवालिया याचिका स्वीकार कर ली। वीडियोकॉन अब बैंकरप्सी कोड के तहत एनसीएलटी के दायरे में आ गई है। कंपनी 21,000 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाने में नाकाम रही। अगले 180 दिनों में बोली के जरिए कंपनी के लिए नए मालिक की तलाश की जा सकती है। इस खबर से गुरुवार के कारोबार में वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के शेयर में 5 फीसदी का लोअर सर्किट लग गया। बीएसई पर वीडियोकॉन का शेयर 5 फीसदी गिरकर 8.62 रुपए पर आ गया। कारोबार के अंत में शेयर 2.98 फीसदी टूटकर 8.80 रुपए पर बंद हुआ।

 

कंपनी पर कुल 44 हजार करोड़ है कर्ज

भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से दिवालिया संहिता के तहत कर्ज समाधान वाली कंपनियों की दूसरी सूची में वीडियोकॉन को शामिल किए जाने के बाद लेनदारों ने कंपनी के खिलाफ मामले की शुरुआत की। वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज का कुल कर्ज 44,000 करोड़ रुपए है, लेकिन लेनदार इसकी विदेशी इकाई को दिवालिया अदालत नहीं ले गए हैं क्योंकि वह अभी भी अपने कर्ज का पुनर्भुगतान कर रही है। वीडियोकॉन का करीब आधा कर्ज इसकी विदेशी इकाई का है।

 

कोर्ट में लंबित है मामला

कर्ज के निपटान के लिए पहचाने जाने के तुरंत बाद वीडियोकॉन ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) व आरबीआई के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां तब से मामला लंबित है। इस बीच, बैंकों ने कंपनी का फॉरेंसिक ऑडिट करवाया, जिसने उसे क्लीन चिट दे दी।

 

कर्ज चुकाने के लिए बेची संपत्ति

कर्ज चुकाने के लिए पिछले दो सालों में वीडियोकॉन ने केनस्टार ब्रांड की बिक्री एवरस्टोन कैपिटल को की। समूह ने बैंकों को आश्वस्त किया है कि वह कर्ज चुकाने के लिए अपनी जमीन बेचेगी। फोर्ट मुंबई में कंपनी का मुख्यालय था जिसे पिछले साल 300 रुपए में बेचा था और अब यह टाटा समूह का अस्थायी मुख्यालय है।

 

52 हफ्ते के निचले स्तर पर स्टॉक

गुरुवार को वीडियोकॉन के शेयर की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। बीएसई पर शेयर 0.77 फीसदी की गिरावट के साथ 9 रुपए पर खुला। वहीं कारोबार के दौरान गिरावट बढ़ी और शेयर 5 फीसदी फिसलकर 8.62 रुपए के भाव पर आ गया, जो 52 हफ्ते का लो लेवल है।

 

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