Home » Market » Stockstrump decision has limited impact on metal stocks in India

घरेलू डिमांड से मेटल सेक्टर को मिलेगा सपोर्ट, यूएस ट्रेड पॉलिसी का नहीं होगा असर

ट्रम्प के फैसले का भारतीय स्टील सेक्टर पर सीमित असर होगा।

1 of

नई दिल्ली.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एल्युमीनियम और स्टील पर इंपोर्ट ड्यूटी लगाने के एलान के बाद से मेटल स्टॉक्स में कमजोरी देखने को मिल रही है। ट्रेड वार के डर से सोमवार को मेटल स्टॉक्स पर दबाव देखने को मिला।  मंगलवार को हल्की रिकवरी के बाद बुधवार को फिर मेटल स्टॉक्स में गिरावट रही। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेटल सेक्टर को लेकर चिंता नहीं है। घरेलू और एशियन बाजारों में अच्छी डिमांड की उम्मीद है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलता दिख रहा है। ट्रम्प के फैसले का सेक्टर पर सीमित असर होगा।

 

 

एल्युमीनियम-स्टील पर इम्पोर्ट ड्यूटी लगाने की वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने पिछले हफ्ते ट्वीट कर कहा था कि हम स्टील पर 25 फीसदी और एल्युमिनियम पर 10 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगाएंगे। अमेरिका कारोबार के तकरीबन हर मोर्चे पर हार रहा है। अमेरिका के दोस्तों और दुश्मनों ने सालों तक अमेरिका का फायदा उठाया है। देश स्टील और एल्यूमीनियम इंडस्ट्री खत्म हो गई है। अब बदलाव का वक्त आ गया है। अमेरिका को फिर महान बनाना है।

 

मेटल स्टॉक पर होगा सीमित असर

- केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि अगर अमेरिका इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा भी देता है तो भारतीय मेटल एक्सपोर्ट पर बहुत असर नहीं पड़ेगा। वो इसलिए कि भारत से स्टील के एक्सपोर्ट में अमेरिकी हिस्सेदारी 1 से 2 फीसदी ही है।
 - एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटी के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि अमेरिका में इम्पोर्ट ड्यूटी लगने का मेटल स्टॉक्स पर इम्पैक्ट नहीं करेगा। लेकिन डिमांड फैक्टर कमजोर होने से मेटल के लिए निगेटिव रहेगा।

- ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग लिमिटेड के डायरेक्टर संदीप जैन का कहना है कि ट्रम्प के फैसले का असर ग्लोबल मार्केट में देखने को मिला है। इस फैसले के बाद अमेरिका, एशिया और यूरोपीय बाजार में मेटल शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। लेकिन यह गिरावट सिर्फ तात्कालिक है। लेकिन, ट्रम्प के जवाब में दूसरे देश कदम उठाते हैं तो कारोबारी माहौल खराब हो सकता है।

 

ट्रेड पॉलिसी से भी मिलेगा सपोर्ट 
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने घरेलू इंडस्ट्री को सपोर्ट देने के लिए चीन से इम्पोर्ट होने वाले स्टील पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई, उसे आगे बढ़ाया। इस ट्रेड पॉलिसी से भी सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा। घरेलू कंपनियों को अपनी कैपेसिटी बढ़ाने का मौका मिला।

 

आगे पढ़ें- कैसा है मेटल सेक्टर का आउटलुक

 

घरेलू स्तर पर बेहतर है मेटल सेक्टर का आउटलुक

 

केडिया का कहना है कि घरेलू स्तर पर मेटल सेक्टर का आउटलुक बेहतर है। सरकार के हाउसिंग और इंफ्रा पर फोकस करने का फायदा मेटल सेक्टर को मिलेगा। मेटल का कंजम्पशन बढ़ने से स्टॉक को सपोर्ट मिलेगा।

 

ट्रेड स्विफ्ट के रिसर्च हेड संदीप जैन का कहना है कि मेटल की कीमतें पिछले कई सालों के टॉप पर हैं। वहीं, डोमेस्टिक लेवल पर सेक्टर का आउटलुक बेहतर नजर आ रहा है। यूरोप में बेहतर डाटा आ रहे हैं। वहीं, चीन में भी रिवाइवल होना है। ये इस बात के संकेत हैं कि ग्लोबल स्तर पर आगे मेटल की डिमांड तेज होगी। 

 

दूसरी ओर डोमेस्टिक स्तर पर सरकार का फोकस इंफ्रा और हाउसिंग पर है। ऑटोमोबाइल सेक्टर के नंबर अच्छे आ रहे हैं। रूरल इकोनॉमी बेहतर होने पर ऑटो की डिमांड आगे और बढ़ेगी। इन सभी सेक्टर से मेटल की डिमांड तेज होगी। यानी आने वाले दिनों में भारत में भी मेटज की कंजम्पशन बढ़ेगा, इससे कीमतों को सपोर्ट मिलता दिख रहा है।  

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट