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एसबीआई MF की इस स्‍कीम ने दिया 1 साल में 36% तक रिटर्न, ऐसे उठाएं फायदा

एसबीआई MF की स्‍माल कैप एंड मिड कैप स्‍कीम ने पिछले एक साल में 36 फीसदी से ज्‍यादा का रिटर्न दिया है।

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नई दिल्‍ली. SBI म्‍युचुअल फंड की स्‍माल कैप एंड मिड कैप स्‍कीम ने पिछले एक साल में 36 फीसदी से ज्‍यादा का रिटर्न दिया है। वहीं तीन साल में इस स्‍कीम ने 26 फीसदी CAGR (औसतन हर साल 26 फीसदी रिटर्न) दिया है। एसबीआई की सहयोगी कंपनी एसबीआई म्‍युचुअल फंड आसेट अंडर मैनेजमेंट (AMU) के मामले में देश की टॉप 5 कंपनियों में शामिल है। इसे यह स्‍थान मार्च 2018 में समाप्‍त वर्ष में मिला है। इस फंड हाउस के पास इक्विटी और डेट में कई तरह की स्‍कीम्‍स हैं, जहां निवेशकों को अच्‍छा रिटर्न मिल रहा है। 8 अप्रैल 2018 को इस फंड के ग्रोथ ऑप्‍शन की नेट आसेट वैल्‍यू (NAV) 57.753 रुपए थी। यह स्‍कीम स्‍मॉल एंड मिड कैटेगरी में रिटर्न देने में टॉप पर है।

 

SBI MF की स्‍माल कैप एंड मिड कैप स्‍कीम का रिटर्न

SBI MF की स्‍माल कैप एंड मिड कैप स्‍कीम का रिटर्न पिछले एक साल में 36.7 फीसदी रहा है, वहीं तीन साल में यह रिटर्न 26.5 फीसदी CAGR रहा है।

 

स्‍कीम     

1 साल का रिटर्न

3 साल का CAGR रिटर्न

एसबीआई स्‍माॅल एंड मिडकैप फंड -Direct (G)

36.7 फीसदी

26.5 फीसदी

एसबीआई स्‍मॉल एंड मिडकैप फंड रेग्‍युलर (G)

35.3 फीसदी

25.0 फीसदी

 

नोट : डाटा 6 अप्रैल 2018 का। CAGR रिटर्न का मतलब होता है कंपाउंडिड एनुअल ग्रोथ रेट। डायरेक्‍ट प्‍लान में निवेशक सीधे कंपनी की साइट पर जाकर निवेश करते हैं, बाकी तरीके रेग्‍युलर प्‍लान कहलाते हैं।



 

कब शुरू हुई थी स्‍कीम

यह स्‍कीम 25 अगस्‍त 2009 को लाॅन्‍च हुई थी। यह एक ओपेन एंडेड प्‍लान है, जिसमें कभी भी निवेश किया जा सकता है और कभी भी इसे निकाला जा कसता है। इन दोनों प्‍लान में मिलाकर कंपनी की आसेट अंडर मैनेजमेंट (AMU) 31 मार्च 2018 काे करीब 900 करोड़ रुपए थी। इस स्‍कीम में एकत्र पैसे का 97 फीसदी निवेश इक्विटी में है। इस फंड के मैनेजर आर श्रीनिवासन हैं, जो और भी सफल स्‍कीम को मैनेज कर रहे हैं।

 

 

न्‍यूनतम निवेश की राशि और एग्जिट लोड

इस फंड में अगर एक बार में निवेश करना हो तो न्‍यूनतम 5 हजार रुपए का निवेश करना होगा। लेकिन अगर कोई हर माह निवेश के माध्‍यम यानी SIP माध्‍यम से निवेश करें तो उसे न्‍यूनतम 500 रुपए का महीने का निवेशक करना होगा। कंपनी इंट्री लोड़ नहीं लगाती है, लेकिन अगर कोई निवेशक एक साल से पहले पैसा निकालता है तो उस पर 1 फीसदी एग्जिट लोड लगाती है। लेकिन अगर पैसा 1 साल के बाद निकाला जाए तो कोई भी एग्जिट लोड नहीं लगता है।

 

 

कितनी तरह के विकल्‍प

सभी म्‍युचुअल फंड की तरह इसमें दो विकल्‍प उपलब्‍ध हैं। एक है ग्रोथ, जिसमें निवेश के बाद पैसा बढ़ता रहता है। निवेशक जब चाहे पूरा पैसा या जरूरत भर का पैसा इस स्‍कीम से निकला सकता है। इसी तरह निवेश का दूसरा तरीका है कि डिविडेंड आप्‍शन, जिसमें निवेश के बाद स्‍कीम में समय समय पर डिविडेंड दिया जाता है। यह डिविडेंड सीधे बैंक में जाता है। इस स्‍कीम में भी अगर निवेशक चाहे तो बीच में अपनी जरूरत के हिसाब से पैसा निकाल सकता है। दोनों ही विकल्‍पों में अगर स्‍कीम में थोड़ा भी निवेश बचा रहेगा तो यह स्‍कीम चलती रहेंगी। इन स्‍कीम में पैसा जब तक निवेशक चाहे लगा रह सकता है। निवेशक जिस दिन चाहे उसे दिन पूरा पैसा निकाल कर स्‍कीम को बंद कर सकता है।

 

टॉप 3 निवेश

इस फंड ने वैसे तो कई शेयरों में निवेश कर रखा है, लेकिन इसकी टॉप 3 निवेश में वेस्‍टलाइफ, किर्लोस्‍कर इंडस्‍ट्रीज और एलटी फूड्स शामिल हैं। कंपनी ने वेस्‍टलाइफ में 55.76 करोड़ रुपए का निवेश कर रखा है। इसके अलावा किर्लोस्‍कर इंडस्‍ट्रीज में 42.61 करोड़ और एलटी फूड्स में 41.12 करोड़ रुपए का निवेश कर रखा है।

 

निवेश के टॉप 3 सेक्‍टर

इस फंड का ज्‍यादातर महत्‍वपूर्ण सेक्‍टरों में निवेश है। सबसे ज्‍यादा निवेश इंजीनियरिंग सेक्‍टर में 21.55 फीसदी है। इसके बाद फंड ने बैंकिंग और वित्‍तीय क्षेत्र की कंपनियों में निवेश किया है। इस सेक्‍टर में फंड का निवेश 11.41 फीसदी है। तीसरे नवंबर पर मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर है, जहां पर फंड ने 8.26 फीसदी निवेश कर रखा है।

 

एक्‍सपर्ट्स की सलाह

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम के अनुसार इस फंड ने लगातार अच्‍छा रिटर्न दिया है। अगर अभी भी इस फंड में कोई लम्‍बे समय के नजरिए से निवेश करता है तो उसे अच्‍छा रिटर्न मिल सकता है।

 

 

आगे पढ़ें : हर निवेश का तरीका

 

 



 

SIP का विकल्‍प

म्‍युचुअल फंड की हर स्‍कीम में सिस्‍टेमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) की सुविधा मिलती है। इसमें निवेशक जितना पैसा तय करता है उतना पैसा तय तारीख को निवेशक के बैंक से कट कर स्‍कीम में चला जाता है। निवेशक के पास इसे बंद करने से लेकर घटाने बढ़ाने तक का विकल्‍प होता है। यह काम निवेशक किसी भी समय कर सकता है। लेकिन जानकाराें की राय है कि इक्विटी स्‍कीम्‍स में अगर SIP माध्‍मय से लम्‍बे समय के लिए निवेश किया जाए तो अच्‍छा रिटर्न मिलने की उम्‍मीद बढ़ जाती है।

 

(नोट-निवेश सलाह ब्रोकरेज हाउस और मार्केट एक्सपर्ट्स के द्वारा दी गई हैं। कृपया इनकी अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम होते हैं।)

 

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