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सेविंग अकाउंट के पैसों पर पाएं दोगुना रिटर्न, ये है निवेश का तरीका

ये स्कीम सेविंग अकाउंट की तरह है, जहां आप 9 फीसदी तक सालाना रिटर्न पा सकते हैं।

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नई दिल्‍ली। बहुत से लोग सेविंग अकाउंट में ज्यादा पैसे इसलिए जमा करते हैं क्योंकि उसमें से जब चाहें तब पैसे निकाल लें। इसके अलावा बहुत से लोग बचत के लिए भी पैसे सेविंग अकाउंट में रखते हैं। लेकिन वह ऐसा करते समय यह ध्‍यान नहीं देते कि इस पैसे पर जो ब्याज मिल रहा है, वह बेहद कम होता है। सोचिए कि अगर बचत के इन्हीं पैसों पर आपको दोगुना तक ज्यादा रिटर्न मिले तो यह आपके लिए कितना मुनाफे का सौदा होगा। 

 

ज्यादातर बैंकों के सेविंग अकाउंट पर 4 फीसदी के आस-पास ही सालाना ब्याज मिलता है। लेकिन एक स्कीम ऐसी भी है, जिसमें आपको सेविंग अकाउंट की तरह ही सारी सुविधाएं मिलती हैं, वहीं इनमें जमा पैसों पर ब्याज भी 9 फीसदी तक मिल रहा है। यानी बैंक के सेविंग अकाउंट की तुलना में दोगुना रिटर्न। वहीं, इस अकाउंट से जब चाहें आप पैसे निकाल सकते हैं और जब चाहें इसमें निवेश बढ़ा भी सकते हैं। हम यहां आपको एक ऐसे ही विकल्प के बारे में बता रहे हैं, जिसमें सेविंग अकाउंट के बदले पैसे निवेश करने पर दोगुना रिटर्न मिल सकता है...

 

यहां मिलेगा सेविंग अकाउंट से डबल रिटर्न  

हम यहां बात कर रहे हैं कि लिक्विड फंड की। ये फंड आपको सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाली ब्याज दर के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देते हैं। साथ ही, इससे पैसा आसानी से निकाला जा सकता है। पिछले एक साल में ज्यादातर लिक्विड फंड योजनाओं ने 9 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है, जो एफडी पर मिल रहे मौजूदा रिटर्न से भी ज्यादा है। 

 

क्या है यह फंड   

- लिक्विड फंड एक तरह के म्यूचुअल फंड हैं। ये गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट, ट्रेजरी बिल्स, कॉमर्शियल पेपर्स और दूसरे डेट इंस्टू्मेंट्स में निवेश करते हैं। ये ऐसे फंड होते हैं, जिनमें जोखिम भी कम होता है। 
- लिक्विड फंड का दूसरा नाम है कैश फंड और इसका मकसद है - ज्यादा लिक्विडिटी, कम जोखिम और स्थिर रिटर्न। इस फंड में सेविंग्स अकाउंट से ज्यादा ब्याज मिल जाता है। पिछले एक साल के आंकड़ों पर गौर करें तो इसमें 8 से 9 फीसदी का रिटर्न मिला है। 
 
आगे पढ़ें, क्या है लिक्विड फंड के लाभ

लिक्विड फंडों के लाभ

 

- इनकी कोई लॉक-इन अवधि नहीं होती। मतलब आप निवेश करने के दूसरे दिन भी पैसे निकाल सकते हैं। पैसे आपको उसी दिन मिल जाएंगे। आप एक हफ्ते के लिए भी अपने पैसों का निवेश यहां कर सकते हैं।
- अगर आप लिक्विड फंड से कुछ पैसे निकालने का आवेदन कारोबारी दिनों के दौरान 2 बजे से पहले करते हैं तो अगले कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक आपके बैंक खाते में पैसे आ जाएंगे।
- इस स्कीम में जब चाहें एक्स्‍ट्रा पैसे जमा कराएं या जब चाहें इसमें से निकाल लें। 
- यह योजना बैंक या पोस्ट ऑफिस की आरडी की तरह काम करेगी। 
- लिक्विड फंडों पर ब्‍याज दर के उतार-चढ़ाव का जोखिम सबसे कम होता है क्‍योंकि प्राथमिक रूप से ये अल्‍पावधि की मेच्‍योरिटी वाले फिक्‍स्‍ड इनकम सिक्‍युरिटीज में निवेश करते हैं।
- इन फंडों पर कोई एंट्री या एक्जिट लोड नहीं लगता है।

 

कैसे चुनें बेहतर लिक्विड फंड
 
लिक्विड फंड के रिटर्न में ज्‍यादा असमानता नहीं होती है क्‍योंकि सभी लिक्विड फंड एक ही तरह की सिक्‍युरिटीज में निवेश करते हैं। हालांकि, जब आप लिक्विड फंड में निवेश का निर्णय कर लेते हैं तो यह जरूर देखिए कि जिस लिक्विड फंड में आप निवेश करने का मन बना चुके हैं उसके फंड की साइज क्‍या है यानि उसका कॉर्पस कितना है और फंड हाउस का इतिहास कैसा रहा है।
 
लिक्विड फंडों में कई तरह के प्‍लान 
लिक्विड फंडों के विभिन्‍न प्‍लान होते हैं। आप ग्रोथ, दैनिक डिविडेंड प्‍लान, साप्‍ताहिक डिविडेंड प्‍लान और मासिक डिविडेंड प्‍लान का चयन कर सकते हैं। ग्रोथ प्‍लान के तहत किसी तरह के डिविडेंड की घोषणा नहीं की जाती है और फंड में होने वाली बढ़ोतरी को यूनिट वैल्‍यू की ग्रोथ के रूप में देखा जा सकता है।


आगे पढ़ें, कैसे कर सकते हैं निवेश 

ऐसे शुरू करें निवेश

 
- अगर आप म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश कर रहे हैं तो फंड मैनेजर आपका केवाईसी तैयार करेगा। इसके बाद पहले महीने की किस्त के लिए एक चेक, ईसीएस के लिए ऑटो डेबिट फॉर्म और एक कॉमन फॉर्म भरवाया जाएगा। इसके साथ ही आपकी लिक्विड फंड में एसआईपी शुरू हो जाएगी। 
 
- इसके बाद हर महीने आपके बैंक खाते से तय तारीख पर तय रकम कटती रहेगी। इस तरह का इनवेस्टमेंट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। अगर कोई चाहे तो वह इस योजना में एक से ज्यादा एसआईपी भी शुरू करवा सकता है। 

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