Home » Market » StocksWho is Nirav Modi, Stock Market Shocked by News of Fraud in PNB, कौन हैं नीरव मोदी, जानिए कैसे बैंकों को लगाया हजारों करोड़ का चूना

कौन हैं नीरव मोदी, जानिए कैसे बैंकों को लगाया हजारों करोड़ का चूना

डायमंड कारोबारी नीरव मोदी के चलते सरकारी बैंकों के निवेशकों को 15 हजार करोड़ रुपए डूब गया।

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नई दिल्‍ली. पीएनबी में हुए 11,300 करोड़ रुपए के फ्रॉड के बाद डायमंड मर्चेंट नीरव मोदी सुर्खियों में हैं। बताया जा रहा है कि इस शख्स ने कुछ ऐसे हजारों करोड़ का खेल कर दिया, जिसकी वर्षों तक बैंक और सरकार को हवा तक नहीं लगी। इसकी चपेट में अब कई दूसरे बैंक भी आ गए हैं। साथ ही देश की कई बड़ी ज्वैलरी कंपनियों के नाम भी उछले हैं। यही वजह है कि बैंकों के अलावा ज्वैलरी कंपनियों के अरबों रुपए डूब चुके हैं। 

हम यहां नीरव मोदी और इस फ्रॉड को कैसे अंजाम दिया गया, इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

 

 

कैसे हो रहा था खेल

यह खेल लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LOUs) की आड़ में चल रहा था। इसके तहत एक बैंक की गारंटी पर दूसरे बैंक पेमेंट कर रहे थे। इस घोटाले में पंजाब नैशनल बैंक (PNB) के अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक के नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि इन बैंकों का कहना है कि वह पीएनबी के लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के आधार पर यह पेमेंट कर रहे थे।

 

कौन है मास्‍टर माइंड

इस पूरे खेल का मास्‍टर माइंड नीरव मोदी बताया जा रहा है। कुछ दिन पहले CBI ने PNB की शिकायत पर इस व्‍यक्ति के खिलाफ के खिलाफ मामला दर्ज किया था। नीरव मोदी एक डायमंड कारोबारी हैं और एक समय स्‍कूल की पढ़ाई छोड़ कर इन्‍होंने डायमंड का कारोबार शुरू किया था, और कुछ ही साल में हजारों करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी थी। एक समय फोर्ब्‍स ने इनको भारत के 100 अमीरों की लिस्‍ट में भी शामिल किया था।

 

काफी रोचक के है मोदी की जिंदगी का सफर

47 साल के नीरव को दुनिया के सबसे बड़े डायमंड ज्वैलरी डिजाइनर माना जाता है। डायमंड से इनको बचपन से ही लगाव था। इनका परिवार भी डायमंड के ही कारोबार में है। बचपन से ही मोदी अपने पिता के साथ डायमंड कटिंग से लेकर हर तरह के डिजाइनिंग हुनर को बारीकी से समझते थे। बाद में इनको पढ़ाई लिखाई के लिए विदेश भेजा गया। मोदी ने पेंसिलवेनिया में फाइनेंस की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन एक साल बाद ही मोदी ने इसे छोड़ कर बिजनेस में हाथ अजमाने का मन बनाया। 1990 में मोदी मुंबई आए, जहां उनके चाचा डायमंड के कारोबारी थे। मोदी ने इनके साथ काम शुरू किया।

 

आगे पढ़ें ; कैसे बिना किसी मदद के शुरू किया बिजनेस

 

 

बिना किसी की मदद के शुरू किया था कारोबार

मोदी का परिवार हालांकि काफी पैसे वाला था, लेकिन उन्‍होंने अपना बिजनेस शुरू करने के लिए परिवार से मदद नहीं ली। वो अपने चाचा के साथ कड़ी मेहनत करने लगे और इसके बदले में उन्‍हें हर महीने 3500 रुपए मिलते थे। करीब 10 साल तक कारोबार को समझने के बाद उन्‍होंने अपना कारोबार शुरू किया।

 

फायरस्टार कंपनी से की शुरूआत

मोदी ने 15 लोगों के साथ अपनी फायरस्टार कंपनी बनाई। अपनी कपंनी बनाने के बाद मोदी ने अपने 10 साल के एक्सपिरियंस का फायदा उठाया। मोदी के पास विदेशों के बहुत से क्लाइंट थे, मोदी अपने इन क्लाइंट्स के लिए ज्वैलरी डिजाइन करने लगे। भारत में डायमंड कटिंग की कास्ट विदेश के मुकाबले कम थी। इसका मोदी ने भरपूर फायदा उठाया। मोदी ने विदेशी क्लाइंट्स को सस्ते में सर्विस देनी शुरू कर दी और देखते ही देखते  मोदी एक ग्‍लोबल कंपनी तैयार हो गई।

 

 

11591 करोड़ रुपए की हुई नेटवर्थ

बिजनेस शुरू करने के 5 साल के दौरान मोदी की कंपनी ने एक्सपेंशन के लिए अमेरिका की दो बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण किया। इसके चलते फायरस्टार डायमंड का कारोबार अमेरिका सहित यूरोप, मिडिल ईस्ट और इंडिया मे फैल गया। फोर्ब्स के मुताबिक 25 सितंबर 2016 तक मोदी की नेटवर्थ 11,591 करोड़ की है। 2016 में 100 अमीर लोगों की सूची में मोदी 71वें पायदान मिला था।


पीएनबी ने जारी किया था यह बयान

पीएनबी ने एक स्टेटमेंट में कहा कि मुंबई की उसकी एक ब्रांच से हुए फ्रॉड ट्रांजैक्शंस से कुछ चुनिंदा अकाउंट होल्डर्स को फायदा हुआ। भाई निशाल, पत्नी ऐमी और मेहुल चीनूभाई चोकसी द्वारा किए गए इन ट्रांजैक्शंस के आधार पर अन्य बैंकों ने इन कस्टमर्स को विदेश में अग्रिम पैसा दिया। यह सब उच्च पदस्थ अधिकारियों की मदर से किया जा रहा था, जैसे 2011 से डिप्टी जनरल मैनेजर द्वारा हो रहा था।

 

 

आगे पढ़ें : कैसे खत्‍म हुआ खेल

 

 

 

ऐसे खत्‍म हुआ खेल  

सीबीआई को एक शिकायत पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से मिली थी। इसके बाद सीबीआई ने अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उनके भाई निशाल, पत्‍नी आमी और मेहुल चिनुभाई चोकसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। धोखाधड़ी का यह मामला 2017 का था। इसी शिकायत के बाद सीबीआई की तरफ से कार्रवाई की गई। इसके बाद बुधवार 14 फरवरी 2018 को पीएनबी ने अपने रेग्‍युलेटरी फाइलिंग में यह स्‍वीकार किया कि बैंक में 11400 करोड़ रुपए का फ्रॉड हुआ है। इसी के बाद शेयर बाजार में हाहाकार मच गया और सरकारी बैंकों के निवेशकों के 15 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा डूब गए।

 
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