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नौकरी छोड़ शुरू किया बिजनेस, 8 साल में खड़ी की 20 करोड़ की कंपनी

आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी।

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नई दिल्ली.  सभी जानते हैं कि अगर आपको कामयाबी पानी है तो आपको कड़ी मेहनत करनी ही होगी। लेकिन केवल मेहनत से सफलता हासिल नहीं होती। इसके लिए थोड़ा रिस्क भी उठाना जरूरी होता है। नौकरी छोड़ बिजनेस शुरू करने का रिस्क लेना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन जो रिस्क उठाते हैं उन्हें अक्सर सफलता मिलती है। ऐसे ही एक शख्स हैं डॉ देबाशीष दत्ता जिन्होंने 40 हजार रुपए मंथली सैलरी वाली नौकरी छोड़ अपना बिजनेस शुरू किया और 8 सालों में 20 करोड़ रुपए की कंपनी खड़ी कर दी। आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी।

 

 

2005 में बने एक एंटरप्रेन्योर

 

हैदराबाद के देवाशीष दत्ता ने moneybhaskar.com से बातचीत में बताया कि 1999 में पढ़ाई पूरी करने के बाद एक फार्मा कंपनी के वेटरनेरी डिविजन में करियर की शुरुआत की। कुछ सालों बाद इस कंपनी को छोड़ दूसरी कंपनी ज्वाइन की। खुद का कुछ करने की चाहत में नौकरी छोड़ी और 2005 में एक एंटरप्रेन्योर बन गए।

 

 

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नौकरी करते वक्त मिला आइडिया

 

दत्ता ने कहा कि नौकरी करते वक्त ही बिजनेस का आइडिया मिल गया था। मार्केट की जानकारी हो गई थी। आइडिया और बाजार के बारे में मालूम हो जाने के बाद बिजनेस की शुरुआत कर दी।

 

25 लाख के इन्वेस्टमेंट से की शुरुआत

दत्ता ने बताया कि उन्होंने एक पार्टनर के साथ 25 लाख रुपए की शुरुआती इन्वेस्टमेंट के साथ आरआर एनिमल हेल्थकेयर लिमिटेड की नींव रखी। कंपनी जानवारों के लिए मेडिसन बनाती है। इसके पहले वो पॉलिट्री मेडिसन का इम्पोर्ट कर देश में बेचते थे। दत्ता का मुख्य बिजनेस एनिमल मेडिसन है। इसके अलावा उनका एक फार्म भी है, जिसमें वो जापानी क्वेल की ब्रीडिंग करते हैं।

 

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एनिमल मेडिसन मैन्युफैक्चरिंग है मुख्य बिजनेस

 

उनका मुख्य बिजनेस एनिमल मेडिसन मैन्य़ुफैक्चरिंग है। उनकी कंपनी में जानवरों के लिए दवाइयां बनाती है। उनके यहां 100 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत है। कंपनी का बिजनेस देश भर में फैला है। दत्ता के मुताबिक, यह सेक्टर सालाना 8 से 10 फीसदी की दर से ग्रोथ करता है। लेकिन उनकी कंपनी की ग्रोथ रेट 25 से 30 फीसदी है। जिसकी वजह से 2009 में शुरू हुई कंपनी का टर्नओवर 8 साल में 20 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।

 

क्वेल का है ब्रीडिंग फार्म

दत्ता का मुख्य बिजनेस एनिमल मेडिसन है। इसके अलावा उनके पास एक फार्म भी है, जिसमें वो जापानी क्वेल की ब्रीडिंग करते हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों को डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल की प्रॉब्लम है, उनको इसका फायदा मिलता है। यह अपने देश में 400 से 450 रुपए प्रति किलो भाव में बिकता है। वो इसकी मीट की सप्लाई हैदराबाद के 5 स्टार होटलों में सप्लाई करते हैं।

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