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किसानों की परेशानी से मिला बिजनेस आइडिया, 3 साल में बन गया करोड़पति

65 लाख रुपए का लोन लेकर शुरू किया था कारोबार।

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नई दिल्ली. खेती-बाड़ी से जुड़कर कमाई करने के अनेक विकल्प मौजूद हैं। बस जरूरत है अवसर को पहचानने और उस पर अमल करने की। उत्तराखंड के रहने वाले हरेंद्र सिंह ने किसानों की परेशानियों को समझा और उनके लिए समाधान खोज निकाले। उनके कदम यहीं नहीं रुके और उन्होंने इससे मिले आइडिया से करोड़ों का कारोबार खड़ा कर दिया। उनके बिजनेस की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज तीन साल में ही वह करोड़पति बन गए। उनके बिजनेस का सालाना टर्नओवर 8 करोड़ रुपए हो गया। वहीं हरेंद्र सालाना 2 करोड़ रुपए की कमाई कर रहे हैं।

 

ऐसे मिला आइडिया

खूबसूरत वादियों के शहर उत्तराखंड के अधमसिंह जिले के रहने वाले हरेंद्र सिंह ने मनीभास्कर से बातचीत में बताया कि कैसे उनको खेती से जुड़े बिजनेस का आइडिया मिला। उन्होंने कहा,  उत्तराखंड में अक्सर भूस्खलन की घटनाएं होती रहती है। भूस्खलन की वजह से रास्ते टूट जाते हैं और यातायात बाधित हो जाता है। किसानों को इससे काफी परेशानी होती है और वे खेती के लिए सीड्स खरीदने कई दिनों तक बाजार नहीं पहुंच पाते हैं। इस बात को ध्यान में रख डिमांड को देखते हुए हरेंद्र ने किसानों तक पहुंच बनाई और तराई फार्म सीड्स की नींव रखी।

 

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65 लाख लोन लेकर की शुरुआत

 

हरेंद्र ने एग्रीकल्चर में बीएससी करने के बाद एमबीए किया है। फिर मुरादाबाद से एग्री क्लिनिक एंड एग्री बिजनेस सेंटर से कोर्स किया। कोर्स पूरा होने के बाद उत्तराखंड के किसानों को सीड्स की समस्याओं को देखते हुए एक प्रोजेक्ट बनाया। लोन के लिए नैनीताल बैंक प्राइवेट लिमिटेड को एक करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट सौंपा। फिर उन्हें बैंक से 65 लाख रुपए लोन पास हुआ। वहीं हिल एरिया में आने की वजह से उनको नाबार्ड की तरफ से 44 फीसदी की सब्सिडी भी मिली।

 

 

क्या है बिजनेस मॉड्यूल

उनका कहना है कि वो सीड्स के ब्रिडर खरीदते हैं। फिर उसे किसानों को देकर फसल तैयार करवाते हैं। तराई की निगरानी में सभी कार्य संपन्न होते हैं। हार्वेस्टिंग के बाद उसे क्लिन और ग्रेडेड किया जाता है। फिर सर्टिफिकेशन स्टैंडर्ड्स के मुताबिक, सीड्स को पैकेजिंग कर बेचा जाता है।

 

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सालाना 2 करोड़ है इनकम

 

हरेंद्र के मुताबिक, तराई फार्म सीड्स एंड कंपनी का सालाना टर्नओवर पिछले साल 8 करोड़ रुपए था। उन्होंने इसकी शुरुआत 2014 में की थी। गेहूं, सरसों, चावल और मटर सीड्स का उनका बिजनेस है। वो किसानों से 18,00 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से सीड्स खरीदते हैं और बाजार में 2200 से 2400 रुपए प्रति क्विंटल बेचते हैं। उनका कहना है कि सालाना टर्नओवर पर 25 फीसदी का प्रॉफिट हो जाता है। इस हिसाब से उनकी सालाना इनकम 2 करोड़ रुपए होती है।

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