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नौकरी के साथ शुरू किया मछली पालन का बिजनेस, मंथली 60 हजार हो रही एक्स्ट्रा इनकम

बालमुकुंद एक सफल एग्री बिजनेसमैन के तौर पर जाने जाते हैं और वो इससे मंथली 60 हजार रुपए की एक्स्ट्रा कमाई कर रहे हैं।

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नई दिल्ली.  उत्तर प्रदेश वाराणसी के रहने वाले बालमुकुंद गुप्ता को नौकरी के साथ खुद का बिजनेस शुरू करने का मन था। इसलिए उन्होंने मछली पालन का बिजनेस शुरू किया। आज बालमुकुंद एक सफल एग्री बिजनेसमैन के तौर पर जाने जाते हैं और वो इससे मंथली 60 हजार रुपए की एक्स्ट्रा कमाई कर रहे हैं। लेकिन उनका यह सफर इतना आसान नहीं था।


32 वर्षीय बालमुकुंद ने moneybhaskar.com से बातचीत में बताया मछली पालन का बिजनेस शुरू करने से पहले उन्होंने मोती की खेती का बिजनेस शुरू किया था। लेकिन नुकसान होने की वजह से उन्होंने इसे बंद कर दिया और फिर मछली पालन पर फोकस बढ़ाया। उनका कहना है कि मोती की खेती में मार्केट ढूंढना मुश्किल काम है, लेकिन मछली की डिमांड सभी जगह है। वहीं मछली पालन में ज्यादा समय नहीं देना पड़ा और इसमें प्रॉफिट भी ज्यादा होता है।

 

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रोहू, कतला मछली ने बदली किस्मत

 

एग्रीकल्चरल प्लांट पैथोलॉजी में मास्टर डिग्री हासिल करने वाले बालमुकुंद यूपी सरकार के संविदा विभाग में काम करते हैं। जहां उनको 20 हजार रुपए तनख्वाह मिलती है। मंथली 20 हजार रुपए कमाने वाले बालमुकुंद की किस्मत रोहू, कतला मछली ने बदली। उनका कहना है कि उत्तर भारत मौसम के हिसाब इन मछलियों के पालन का बिजनेस शुरू किया क्योंकि इनके पालन में ज्यादा समय नहीं देना पड़ा। उनके तालाब में इसके अलावा मरीगाला, कॉमन क्रैप, ग्रास क्रैप, सिल्वर क्रैप, फ्रेशवाटर प्रॉन्स और कैटफीस भी हैं।

 

2 लाख में निवेश में बनवाया तालाब

 

मछली पालन के लिए तालाब की जरूरत होती है। उन्होंने करीब 5 बीघा एरिया में तालाब बनवाए हैं जिस पर उन्हें करीब 2 लाख रुपए का खर्च आया।

 

 

 

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ऐसे होती है कमाई

 

बालमुकुंद के मुताबिक, फुटक मार्केट में रोहू, कतला मछली 250 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकती है। वहीं तालाब पर आए ग्राहकों को हम 180 रुपए प्रति किलो बेचते हैं। एरिया के हिसाब की मछली की अलग-अगल प्राइस तय होती है।

 

18 लाख रुपए है सालाना टर्नओवर

 

उन्होंने बताया कि उनकी फर्म का सालाना टर्नओवर 18 लाख रुपए हो गया है। पिछले साल सालाना टर्नओवर 10 लाख रुपए था। बालमुकुंद के मुताबिक, मछली पालन के अलावा अब वो फिश सीड्स बिजनेस पर भी फोकस बढ़ा रहे हैं।

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