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अरबपतियों की लिस्‍ट में आया ये भाजपाई नेता, कभी था पत्रकार

पत्रकारिता की नौकरी से निकाले जाने के बाद उसने अपना बिजनेस शुरू किया और अब वह दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में 2124वें प

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नई दिल्ली.  फोर्ब्‍स की ताजा जारी दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में एक भाजपाई नेता की भी एंट्री हुई है। खास बात यह है कि यह शख्स पहले कभी पत्रकार हुआ करता था। पत्रकारिता की नौकरी से निकाले जाने के बाद उसने अपना बिजनेस शुरू किया और अब वह दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में 2,124वें पायदान पर हैं।

 

हम बात कर रहे हैं बीजेपी के राज्यभा सांसद और सिक्युरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज  (एसआईएस) के फाउंडर रवीन्द्र किशोर सिन्हा की। फोर्ब्स की ‘द वर्ल्ड बिलियनेयर्स लिस्ट 2018’ में रवीन्द्र किशोर सिन्हा की दौलत 1 अरब डॉलर (6,500 करोड़ रुपए) है।

 

बिहार के रहने वाले हैं रवीन्द्र किशोर सिन्हा

1951 में बिहार के बक्सर जिले में रवीन्द्र किशोर सिन्हा का जन्‍म हुआ था। उन्‍होंने पटना यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस एंड लॉ की पढ़ाई की। फिर पटना के एक दैनिक अखबार में ट्रेनी रिपोर्टर की नौकरी शुरू की। इनकी सैलरी 230 रुपए महीना थी। साल 1971 में बांग्लादेश की आजादी को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच जब वॉर चल रहा था तो सिन्हा ने बॉर्डर पोस्ट पर बिहार रेजीमेंट के साथ रहकर रिर्पोटिंग की। इसके बाद जब वे लौटे तो जयप्रकाश नारायण के विचारों से इन्सपायर हुए और उनके आंदोलन से जुड़ गए। इसके बाद देश में इमरजेंसी लगा दी गई। उस वक्त मीडिया पर सरकार का दबाव था। लिहाजा 1974 में इन्हें भी एक महीने की एडवांस सैलरी देकर नौकरी से निकाल दिया गया। नौकरी से निकाले जाने के बाद उन फौजियों ने सिन्हा की मदद की और सिक्युरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विस चलाने की एडवाइस दी। 

 

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250 रु शुरू हुई कंपनी आज है 8 हजार करोड़ की

 

किसी समय मे अपना कारोबार महज 250 रुपए से शुरू कर उसको आज 8000 करोड़ रुपए का बनाया दिया है। उन्होंने पटना में ही एक छोटा गैराज किराए पर लेकर यह काम शुरू कर दिया। उन्होंने सबसे पहले सेना के 35 रिटायर्ड जवानों को नौकरी दी। इनमें 27 गार्ड, तीन सुपरवाइज़र, तीन गनमैन और दो सूबेदार थे। इस तरह 1974 में एसआईएस अस्तित्व में आ गई। उसके बाद रवीन्द्र किशोर सिन्हा और एसआईएस ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। 

 

डेढ़ लाख से ज्यादा हैं कर्मचारी 
आज की स्थिति यह है कि एसआईएस ग्रुप में 1.5 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। भारत में 11,800 से ज्यादा कार्यालय हैं। एसआईएस ने 2008 में ऑस्ट्रेलिया की कंपनी चब सिक्युरिटी का अधिग्रहण किया था। कंपनी का टर्नओवर 4500 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

2014 में बने राज्य सभा सांसद

 

रवीन्द्र किशोर सिन्हा राजनीति मे भी काफी वर्षों से सक्रिय रहे हैं। वह जनसंघ के दिनों से ही बीजेपी से जुड़े रहे हैं। वे बिहार बीजेपी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और दो बार चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष रहे हैं। ऐतिहासिक जेपी आंदोलन मे भी उनकी सक्रियता रही है। वह जयप्रकाश नारायण के निकटतम सहयोगियों में एक रहे हैं। वह 2014 मे बिहार से बीजेपी की ओर से राज्यसभा के लिए चुने गए।

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