Home » Market » StocksIndian rupee can touch 72 per dollar level in July

जुलाई में प्रति डॉलर 72 का लेवल छू सकता है रुपया, 4 स्टॉक दे सकते हैं 36% रिटर्न

क्रूड का ऊंचा स्तर, जियोपॉलिटिकल टेंशन, यूएस का ईरान पर प्रतिबंध जैसे कई फैक्टर्स से रुपए में अभी दबाव बना रह सकता है।

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नई दिल्ली.  क्रूड प्राइस में बढ़ोतरी, ग्लोबल ट्रेड वार का टेंशन और डॉलर इंडेक्स में मजबूती से गुरुवार को रुपया पहली बार 69 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रुपए में अभी और कमजोरी देखने को मिल सकती है। रुपया एक महीने में प्रति डॉलर 72 रुपए के स्तर तक जा सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, रुपए के मुकाबले डॉलर के मजबूत होने का फायदा आईटी, फॉर्मा सेक्टर समेत एक्सपोर्ट ओरिएंटेड कंपनियों को होगा। ऐसे में कुछ शेयरों में 36 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है।


रुपया पहली बार 69 प्रति डॉलर के पार

28 जून 2018 को रुपए में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट रही और रुपया पहली बार 69 प्रति डॉलर का स्तर पार कर गया। वोलेटाइल सेशन में रुपया 49 पैसे फिसलकर 69.10 के लाइफ टाइम लो लेवल पर आ गया। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि कमजोर ग्लोबल संकेतों और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों का डोमेस्टिक मार्केट सेंटीमेंट्स पर असर पड़ा, जबकि महंगाई और करंट अकाउंट डेफिसिट की चिंता की वजह से रुपया ऑलटाइम लो पर फिसल गया।


1 महीने में 72 प्रति डॉलर तक टूट सकता है रुपया

केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि रुपया के मुकाबले डॉलर में मजबूती बनी हुई है। इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड का ऊंचा स्तर, जियोपॉलिटिकल टेंशन, यूएस का ईरान पर प्रतिबंध, जीएसटी कलेक्शन अनुमान से कम जैसे कई फैक्टर्स हैं, जिसकी वजह से रुपए में दबाव बना रह सकता है।

वहीं एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटी के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि रुपए में अभी भी कमजोरी दिख रही है। जिसकी वजह अगले एक महीन में रुपया कमजोर होकर 72 प्रति डॉलर के स्तर तक जा सकता है।


इन सेक्टर को होगा फायदा

फॉर्च्यून फिस्कल के डायरेक्ट जगदीश ठक्कर के मुताबिक, रुपए के मुकाबले डॉलर के मजबूत होने का सबसे ज्यादा फायदा आईटी, फॉर्मा सेक्टर को होगा। इन सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की ज्यादा कमाई पूरी तरह से एक्सपोर्ट बेस होना है। ऐसे में डॉलर की मजबूती से आईटी कंपनियों के साथ यूएस मार्केट में कारोबार करने वाली फार्मा कंपनियों को होगा।

 

किन शेयरों में करें निवेश


डॉ रेड्डीज

डॉ. रेड्डीज को अपनी दवा ब्यूप्रेनॉरफाइन और नैलोक्जोन सुब्लिंगुअल फिल्म को अमेरिकी मार्केट में लॉन्च करने के लिए यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) से फाइनल मंजूरी मिल गई है। सुबोक्जोन ब्रांड की सालाना बिक्री अमेरिका में सालाना लगभग 1.86 अरब डॉलर है। इस जेनेरिक दवा की बिक्री से कंपनी को रेवेन्यू के तौर पर खासा फायदा होने की उम्मीद है। सचिन सर्वदे ने स्टॉक में 3050 रुपए के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है। करंट प्राइस से स्टॉक में 37 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है।


इंफोसिस

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के स्टॉक में इस हफ्ते 3 फीसदी से ज्यादा की रैली देखने को मिली। रुपए में कमजोरी की वजह से स्टॉक में तेजी दर्ज की गई है। फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में इंफोसिस की डॉलर आय 1.8 फीसदी बढ़कर 280.5 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई थी। फाइनेंशियल ईयर 2019 के लिए कंपनी ने डॉलर इनकम गाइडेंस 7 से 9 फीसदी रखा है। अमेरिका आईटी कंपनियों का बड़ा मार्केट है और रुपए में कमजोरी से कंपनियों की रुपए में अर्निंग बढ़ेगी। एक्सपर्ट अजय केडिया ने स्टॉक में 1550 रुपए का लक्ष्य दिया है। करंट प्राइस से 19 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है।


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हैक्सावेयर टेक्नोलॉजीज

 

मिड साइज आईटी सर्विसेज फर्म हैक्सावेयर टेक्नोलॉजीज को रुपए में कमजोरी का फायदा मिल सकता है। फाइनेंशियल ईय़र 2018 के चौथे क्वार्टर में कंपनी का नेट प्रॉफिट 17.9 फीसदी बढ़कर 134.3 करोड़ रुपए रहा था। डॉलर टर्म में कंपनी का नेट प्रॉफिट 20.3 फीसदी बढ़कर 2.07 करोड़ डॉलर रहा, जबकि रेवेन्यू 12.1 फीसदी बढ़कर 16.22 करोड़ डॉलर रहा। सचिन ने स्टॉक में 535 रुपए का लक्ष्य दिया है। करंट प्राइस से स्टॉक में 17 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है।

 


आगे पढ़ें- यहां मिल सकता है 15% रिटर्न

सनफार्मा

 

यूएस एफडीए से हलोल प्लांट को क्लियरेंस मिल जाने से शेयर को लेकर सेंटीमेंट पॉजिटिव बना है। अमेरिका में कंपनी की प्रोडक्ट पाइपलाइन मजबूत है। निगेटिव बातें डिस्काउंट हो चुकी हैं। जगदीश ठक्कर ने सनफार्मा के शेयर के लिए 645 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। करंट प्राइस से शेयर में 15 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है।

 

(नोट- निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं। कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।)

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