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2G के आरोपियों को बरी कराने में है इन वकीलों का हाथ, 1 पेशी की फीस 25 लाख तक

2G स्पेक्ट्रम आवंटन में घोटाले को लेकर शुरू हुआ केस अंत में किसी को भी दोषी साबित करने में नाकाम रहा। यूपीए-2 के कार्यकाल में हुए 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में स्पेशन सीबीआई कोर्ट ने पूर्व टेलिकॉम मिनिस्टर ए. राजा, डीएमके सांसद कनिमोझी समेत सभी 35 आरोपियों को बरी कर दिया। आज हम आपको अपनी इस रिपोर्ट में उन वकीलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने 2जी केस के आपोरियों का केस लड़ा था।

money bhaskar

Dec 22,2017 09:34:00 AM IST

नई दिल्ली. 2G स्पेक्ट्रम आवंटन में घोटाले को लेकर शुरू हुआ केस अंत में किसी को भी दोषी साबित करने में नाकाम रहा। यूपीए-2 के कार्यकाल में हुए 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में स्पेशन सीबीआई कोर्ट ने पूर्व टेलिकॉम मिनिस्टर ए. राजा, डीएमके सांसद कनिमोझी समेत सभी 35 आरोपियों को बरी कर दिया। आज हम आपको अपनी इस रिपोर्ट में उन वकीलों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने 2जी केस के आरोपियों का केस लड़ा।

इन लोगों पर दर्ज हुआ था केस

सीबीआई ने राजा, कनिमोझी, पूर्व टेलीकॉम सेक्रेटरी सिद्धार्थ बेहुरा, राजा के प्राइवेट सेक्रेटरी आरके चंदोलिया, स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर्स शाहिद उस्मान बलवा और विनोद गोयनका, यूनिटेक के एमडी संजय चंद्रा और रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के गौतम दोषी, सुरेंद्र पीपरा और हरि नायर पर दायर किया था। सीबीआई ने कूसेगांव फ्रूट्स एंड वेजिटेबल प्रा. लि. के डायरेक्टर्स आसिफ बलवा-राजी अग्रवाल, कलाइगनार टीवी के डायरेक्टर शरद कुमार और बॉलीवुड प्रोड्यूसर करीम मोरानी को भी आरोपी बनाया था।

क्या है 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला?
2010 में आई कैग की रिपोर्ट में 2008 में आवंटित किए गए 2जी स्पेक्ट्रम पर सवाल उठाए गए। इसमें बताया गया था कि स्पेक्ट्रम की नीलामी के बजाए 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर इसे बांटा गया था। इससे सरकार को 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपए का नुकसान (रेवेन्‍यू लॉस) हुआ था। कैग का कहना था कि नीलामी के जरिए यदि यह स्‍पेक्‍ट्रम आवंटित किए जाते तो यह रकम सरकारी खजाने में जाती।

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आगे पढ़ें- आरोपियों को बरी कराने में है किन वकीलों का हाथ

(नोट- वकीलों की फीस के आंकड़े लीगल साइट्स पाथलीगल डॉट कॉम, वर्ल्डब्लेज डॉट कॉम, लीगल इंडिया डॉट कॉम से लिए गए हैं। इनमें कुछ आंकड़े पुराने भी हो सकते हैं।)

1. वकील- अशोक देसाई आरोपी- सुरेंद्र पीपरा और हरि नायर (रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप) फीस- 2 लाख रुपए आगे पढ़ें-2. वकील- मुकुल रोहतगी आरोपी- विनोद गोयनका (प्रमोटर, डीबी रियल्टी ) फीस- 5 लाख रुपए आगे पढ़ें-3. वकील- सोली सोराबजी आरोपी- गौतम दोषी (रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप) फीस- 10-15 लाख रुपए आगे पढ़ें-4. वकील- राम जेठमलानी आरोपी- ए. राजा (पूर्व टेलिकॉम मिनिस्टर) फीस- 25 लाख रुपए राम जेठमलानी ने तीन महीने पहले वकालत से संन्यास ले लिया है। वहीं, आरोपी संजय चंद्रा के वकील आर एस चीमा और रेबेका जॉन, कनिमोझी के वकील अमरेंद्र शरण और करीम मोरानी के वकील अमित देसाई की फीस नहीं मिल पाई है।
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