Home » Market » StocksIf you are doing private job these Four financial instruments are must for you

प्राइवेट नौकरी करने वाले जरूर करें 4 काम, इमरजेंसी में नहीं होगी परेशानी

प्राइवेट नौकरी में अनि‍श्‍चि‍तता बनी रहती है।

1 of

नई दि‍ल्‍ली.  अगर आप प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं तो ऐसा मानने की भूल कतई न करें कि‍ यह नौकरी हमेशा बरकरार रहेगी। मंदी, घाटा या परफॉर्मेंस इश्‍यू को लेकर अगर कंपनी आपको अचानक नौकरी छोड़ने का नोटि‍स थमा दे तो आप क्‍या करेंगे। आपकी सैलरी लाखों में हो या हजारों में आपको तैयार तो रहना ही पड़ेगा। अचानक बुरा वक्त आ गया तो कि‍स-कि‍स से मदद मांगते रहेंगे। इसलि‍ए प्राइवेट नौकरी करने वाले हर शख्‍स को बैकअप प्लान जरूर बना लेना चाहि‍ए। हम आपको ऐसे 4 बेसिक स्टेप बता रहे हैं जि‍नकी बदौलत आप और आपका परि‍वार फाइनेंशि‍यल क्राइसेस के दौर को भी झेल पाएगा।

 

1. 4 से 6 महीने का रखें सैलरी बैकअप

यह जरूरी है कि आप बुरे वक्त के बारे में पहले से सोच लें। अगर आप प्राइवेट नौकरी में हैं तो सबसे पहले इस बात का अंदाजा लगाएं कि अगर आपकी नौकरी चली गई तो नई नौकरी ढूंढने में आपको कितना वक्त लगेगा। एक्‍सपर्ट कहते हैं कि हमें 4 से 6 महीने का वक्त अपने हाथ में लेकर चलना चाहिए। यानी आपको 4 से लेकर 6 महीने का सैलरी बैकअप तैयार करना होगा। मान लें आज आपकी सैलरी 20 हजार रुपए है तो आपके पास 80 हजार से लेकर 1.20 लाख का फंड ऐसा होना चाहिए।

 

2. टर्म इंश्‍योरेंस लें

प्राइवेट नौकरी करने वाले हर शख्‍स के लिए दूसरा सबसे जरूरी स्टेप है टर्म इंश्‍यारेंस। भगवान न करे आपको कल कुछ हो जाए तो आपके परिवार का क्या होगा। बच्‍चे कैसे पढ़ेंगे, घर कैसे चलेगा। इस बात को ध्‍यान में रखते हुए हर नौकरी पेशा करने वाले शख्‍स को कोई न कोई टर्म प्लान जरूर लेना चाहिए। इसमें बस एक सीधा सा क्लॉज ये होता है कि अगर आपकी अचानक मौत हो जाए तो आपके परिवार को तुरंत आर्थिक मदद मिल जाए। टर्म प्लान में आपको कोई रिटर्न नहीं मिलता इसलिए कुछ लोग इससे कतराते हैं। आप चाहें तो एलआईसी की कोई ऐसी पॉलिसी ले सकते हैं, जिसमें टर्म इंश्‍योरेंस के फायदे मिलें। हालांकि यह बात भी याद रखें कि मृत्‍यु हो जाने की दशा में सबसे बेहतर कवरेज टर्म इंश्‍योरेंस में ही मिलता है। एक्‍सपर्ट्स के मुताबि‍क, आपकी टर्म प्लान आपकी सालाना सैलरी का 20 गुना होना चाहि‍ए।

 

आगे पढ़ें,

3. पीपीएफ अकाउंट खोलें

 

वैसे तो बाजार में स्कीम की कमी नहीं है मगर एक स्‍कीम ऐसी है, जिसमें कोई रिस्‍क नहीं है। पीपीएफ यानी पब्‍लिक प्रॉविडेंड फंड सरकारी योजना है और इसमें एक समय बाद रुपया बेहद तेज रफ्तार से बढ़ता है। इस खाते को आप किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफि‍स में खोल सकते हैं। इसमें मौजूद इंटरेस्‍ट रेट 7.6 % है। यह हर ति‍माही रि‍वाइज होता है। इसमें आप केवल 15 साल तक ही पैसा जमा कर सकते है। पीपीएफ अकाउंट में आप हर साल 1.5 लाख रुपए तक जमा करा सकते हैं।

 

आगे पढ़ें,

4. मेडि‍क्लेम लें

 

आजकल इलाज बेहद महंगा हो गया है। बड़े अस्‍पताल में इलाज करवाना कि‍सी के लि‍ए आसान नहीं है। मेडि‍क्‍लेम पॉलि‍सी एक ऐसा इंस्‍ट्रूमेंट है जो कम कमाने वाले और उसके परि‍वार को भी महंगे से महंगे अस्‍पताल में इलाज कराने की सुवि‍धा मुहैया कराता है। अगर आपको कंपनी की तरफ से मेडि‍क्‍लेम मि‍ला है तो एक बार उसका रीव्‍यू जरूर करें। यह देखें कि‍ जो कवर मि‍ल रहा है क्या वह काफी है। अगर ऐसा नहीं है तो पता करें कि‍ क्या इसमें टॉप अप की भी कोई स्‍कीम है। टॉप अप में थोड़ा प्रीमि‍यम और देकर कवर बढ़ जाता है। अगर ये दोनों ही नहीं हैं तो फि‍र बेहतर होगा आप अलग से एक मेडि‍क्लेम पॉलि‍सी खरीद लें।

 

चार्टर्ड एकाउंटेंट रवि‍ शंकर गुप्‍ता के मुताबि‍क, प्राइवेट नौकरी करने वाले शख्‍स को अपनी इनकम का तकरीबन 40 फीसदी अलग-अलग फाइनेंशि‍यल इंस्‍ट्रूमेंट्स में सेव करना चाहि‍ए। इनसे एक तो आपको और आपके परि‍वार को फाइनेंशि‍यल सि‍क्युरि‍टी मि‍लेगी और दूसरे आपका टैक्स भी बचेगा।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट