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म्‍युचुअल फंड में लागू होगा टोटल रिटर्न इंडेक्‍स, फायदा बताने में नहीं चलेगी मनमानी

म्‍युचुअल फंड स्‍कीम्‍स में रिटर्न बताने का तरीका 1 फरवरी से बदल जाएगा।

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नई दिल्‍ली. म्‍युचुअल फंड स्‍कीम्‍स में रिटर्न बताने का तरीका 1 फरवरी से बदल जाएगा। अब फंड हाउस टोटल रिटर्न इंडेक्‍स (TRI) प्रणाली के आधार पर अपनी स्‍कीम्‍स का रिटर्न बताएंगे। दुनिया में ज्‍यादातर देशों में इस तरीके को अपनाया गया है। वित्‍तीय बाजार के जानकारों के अनुसार इस तरीके को अपनाने से कई म्‍युचुअल फंड स्‍कीम्‍स का मौजूदा रिटर्न बैंचमार्क के मुकाबले घट सकता है। अभी फंड हाउस रिटर्न बताने के लिए प्राइस रिटर्न इंडेक्‍स प्रणाली को अपनाते हैं। 

 

 

निवेशकों के हित में सेबी लगातार ले रही फैसला

सेबी ने फैसला किया है कि म्‍युचुअल फंड 1 फरवरी से टोटल रिटर्न इंडेक्‍स (TRI) के अाधार पर निवेशकों को रिटर्न बताएंगे। सेबी का कहना है कि यह किसी भी स्‍कीम्‍स के रिटर्न हो जानने का सही तरीका है। इससे पहले सेबी ने म्‍युचुअल फंड के बैंचमार्क नियम भी बदले हैं। इसके बाद निवेशकों को यह फैसला करना आसान हो गया है कि किसी कैटेगरी की स्‍कीम में निवेश किया जाए। बैंचमार्क के निए नियमों से अब म्‍युचुअल फंड अपनी हर कैटेगरी में केवल एक ही स्‍कीम चला सकेंगे। 

 

 

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क्‍या है टोटल रिटर्न इंडेक्‍स 

म्‍युचुअल फंड स्‍कीम्‍स में ढेरों स्‍टॉक्‍स और बॉन्‍ड होते हैं। इनमें कई स्‍टॉक्‍स डिविडेंड देते हैं और बॉन्‍ड से ब्‍याज मिलता है। अभी तक प्राइस रिटर्न इंडेक्‍स प्रणाली अपनाई जाती थी, जिसमें स्‍कीम का केवल कैपिटल गेन और बैंचमार्क के अंतर को दर्शाया जाता था। लेकिन अब यह बदल जाएगा। बैंचमार्क की व्‍यवस्‍था भी सेबी बदल चुका है और रिटर्न बताने की नई व्‍यवस्‍था लागू होने के बाद निवेशकों के सामने हर स्‍कीम का सही रिटर्न आएगा। 


कई स्‍कीम का घट जाएगा रिटर्न

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर ए के निगम के अनुसार नई व्‍यवस्‍था लागू होने के बाद कई स्‍कीम्‍स का रिटर्न कम हो सकता है। यह स्‍कीम्‍स टैक्‍स सेविंग से लेकर लार्ज कैप और स्‍माल एंड मिड कैप तक की हैं। उनके अनुसार एक अनुमान है कि अगर नई व्‍यवस्‍था को 2017 में लागू माना जाए तो अपने-अपने बैंचमार्क से 14.3 फीसदी टैक्‍स सेविंग फंड, 8.6 फीसदी लार्ज कैप फंड     और 4.7 फीसदी स्‍माल कैप फंड के रिटर्न कम हो जाएंगे। इसके चलते अब फंड मैनेजर्स पर दबाव रहेगा कि वह स्‍कीम्‍स में और अच्‍छी तरीके से शेयर्स को चुनें, जिससे बैंकमार्क के हिसाब से अच्‍छा रिटर्न दे सकें। 


पारदर्शिता बढ़ने का मिलेगा निवेशकों को फायदा 

च्‍वॉइस ब्रोकिंग के प्रेसीडेंट अजय केजरीवाल के अनुसार नई से म्‍युचुअल फंड इंडस्‍ट्री में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिसका अंत में निवेशकों और इंडस्‍ट्री को फायदा होगा। सेबी के इन कदमों से नए निवेशकों को सही चुनने और सही रिटर्न जानने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार नए तरीके से रिटर्न बताने में कोई कठिनाई नहीं है, अभी भी एक दो फंड हाउस इस तरीके को अपनी तरफ से अपनाए हुए थे। लेकिन जरूरी होने पर अब सभी फंड हाउस इस तरीके पर आ जाएंगे। उनके अनुसार दोनों तरीकों में रिटर्न में अनुमानता करीब 1.6 फीसदी तक का अंतर आ सकता है। 

 

 

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