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सीरिया संकट का बाजार पर शॉर्ट टर्म में होगा असर, Q4 नतीजों से सपोर्ट की उम्मीद

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीरिया संकट का घरेलू बाजार पर देखने को मिल सकता है। लेकिन यह दबाव शॉर्ट टर्म के लिए होगा।

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नई दिल्ली.  पिछले दो महीने में गिरावट के बाद इस महीने डेढ़ महीने के हाई पर पहुंचे बाजार पर सीरिया संकट के बाद बादल छाने लगे हैं। अमेरिका और चीन की तनातनी कम होने से आश्वस्त निवेशकों को अब सीरिया मसले को लेकर चिंता होने लगी है। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया पर 100 से अधिक मिसाइलें दागी हैं जिसका जर्मनी ने समर्थन और रूस ने कड़ा विरोध किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीरिया संकट का घरेलू बाजार पर देखने को मिल सकता है। लेकिन यह दबाव शॉर्ट टर्म के लिए होगा। वहीं चौथी तिमाही में कंपनियों के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है जिससे बाजार को सपोर्ट मिलेगा। ऐसे में एक्सपर्ट बाजार में हर गिरावट को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं।

 

रेंज बाउंड में रहेगा मार्केट

मार्केट एक्सपर्ट सचिन सर्वदे का कहना है कि बाजार में अच्छी रिकवरी आ गई है। इस स्तर से करेक्शन देखने को मिल सकता है। ऐसे में बाजार रेंज बाउंड में कारोबार कर सकता है। निफ्टी में नीचे में 10300-10100 का सपोर्ट लेवल है, जबकि ऊपर में 10,500-10600 का रेजिस्टेंस हैं।
बेहतर इकोनॉमिक डाटा से बाजार को सपोर्ट मिलेगा। मार्च में रिटेल महंगाई (सीपीआई) 5 माह के न्‍यूनतम स्‍तर 4.28 फीसदी पर आ गई। वहीं फरवरी में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) की ग्रोथ में भी सुधार देखने को मिला, जो 7.1 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। इससे सेंटीमेंट्स पॉजिटिव हुआ है।

 

सीरिया संकट का बाजार पर रहेगा सीमित असर

इंडिपेंडेंट मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बालिगा का कहना है सीरिया संकट का बाजार पर असर कुछ समय के लिए दिख सकता है। क्योंकि अमेरिका, ब्रिटेन औऱ फ्रांस की संयुक्त रूप से सीरिया पर किए गए हमले का रूस ने सिर्फ विरोध जताया है, कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इससे यह साबित हुआ है कि सीरिया पर एक तरह से ट्रम्प की जीत हुई है। सीरिया से सम्बंधित पहले किसी विवाद का बाजार पर खास असर नहीं देखने को मिला है। ऐसे में बाजार पर इसका असर कुछ खास नहीं होगा।
वहीं सैमको सिक्युरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च उमेश मेहता के मुताबिक, सीरिया संकट ने युद्ध का रूप नहीं लिया है। यह एकतरफा कार्रवाई है। इससे बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हो सकती है। हालांकि बाद में बाजार में रिकवरी आने की उम्मीद है।

 

चौथी तिमाही के नतीजे से बाजार को मिलेगा सपोर्ट

बालिगा का कहना है कि चौथी तिमाही के नतीजों से घरेलू शेयर बाजार को सपोर्ट मिलेगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद से मार्केट उबर गया है। तीसरी तिमाही में कंपनियों के नतीजे बेहतर रहे थे। इसलिए चौथी तिमाही में भी कंपनियों के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है और यह बाजार के लिए के बूस्टर का काम करेगा। कंपनियों के नतीजे बेहतर रहने से मार्केट में रैली आएगी।

 

30 से ज्यादा कंपनियों के आएंगे नतीजे
इस हफ्ते 35 कंपनियों के नतीजे जारी होंगे। इनमें हैवीवेट टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक औऱ एसीसी शामिल है। एसीसी की चौथी तिमाही नतीजे 18 अप्रैल को जारी होंगे। 19 अप्रैल को टीसीएस और इंडसइंड बैंक व 21 अप्रैल को एचडीएफसी बैंक के नतीजे जारी होंगे। मेहता का कहना है कि कंपनियों के नतीजे अच्छे रहने की संभावना है। क्योंकि नोटबंदी और जीएसटी का असर खत्म हो चुका है। तीसरी तिमाही में कंपनियों के नतीजे बेहतर रहे थे। हालांकि देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस की चौथी तिमाही के नतीजे शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद आए थे। इंफोसिस के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे थे, लेकिन गाइडेंस कमजोर होने का असर कारोबार के दौरान असर देखने को मिलेगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनियों के अच्छे नतीजे बाजार को बूस्ट करने का काम करेंगे।

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