Home » Market » StocksStock Brokers to pay GST on interest income from loans to clients

क्लाइंट्स को दिए लोन पर हुई है इंटरेस्ट इनकम तो ब्रोकर्स को देना होगा GST

ब्रोकर्स को निवेश के लिए क्लाइंट्स को दिए गए उधार पर हुई इंटरेस्ट इनकम पर जीएसटी चुकाना होगा।

Stock Brokers to pay GST on interest income from loans to clients

 

नई दिल्ली. ब्रोकर्स को अपनी उस इनकम पर गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) चुकाना होगा, जो वे स्टॉक मार्केट में निवेश के लिए क्लाइंट्स को उधार देकर इंटरेस्ट के रूप में हासिल करते हैं। कई स्टॉक ब्रोकर्स ने इस खबर की पुष्टि की है।

 

 

18 फीसदी लगेगा जीएसटी

एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) ने स्पष्ट किया है कि नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) सब्सिडियरीज से इतर ब्रोकर्स को मार्जिन फंडिंग और सेटलमेंट पेमेंट में देरी पर मिले इंटरेस्ट पर 18 फीसदी जीएसटी चुकाना होगा।  

 

 

अभी तक मिली हुई थी छूट

अभी तक ये कंपनियां ऐसी इंटरेस्ट इनकम पर जीएसटी नहीं चुकाती थीं। इस कदम से क्लाइंट्स के लिए ट्रांजैक्शन कॉस्ट बढ़ेगी और ऐसी छोटी ब्रोकिंग कंपनियों की मुश्किलें बढ़ेगी,जिनकी अपनी कोई एनबीएफसी नहीं है।

 

 

इन पर लगेगा जीएसटी

इसके साथ ही ब्रोकरेज अमाउंट, सेटलमेंट ऑब्लिगेशंस, मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी के पेमेंट में देरी पर वसूले जाने वाले शुल्क, किसी भी इंटरेस्ट पर भी जीएसटी देना होगा।

अभी तक सिर्फ देरी से मिले पेमेंट पर जीएसटी चुकाना होता था और मार्जिन फंडिंग के माध्यम से वसूले गए इंटरेस्ट को इससे छूट मिली हुई थी।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट