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बैंकिंग सेक्टर में अनुमान से ज्यादा NPA, तुरंत रिफॉर्म की है जरूरतः S&P

एसएंडपी ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसी ने सरकारी बैंकाें में रिफार्म तुरंत करने पर जोर दिया है।

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नई दिल्‍ली. ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सरकारी बैंकाें में रिफार्म तुरंत करने पर जोर दिया है। एसएंडपी का कहना है कि पीएनबी फ्रॉड के बाद ऐसा करना तुरंत जरूरी हो गया है। हालांकि रेटिंग एजेंसी का मानना है कि कड़े रेग्‍युलेटरी नियम और कैपिटल डालने के फैसले से बैंकों की बैलेंसशीट सुधर सकती है। रेटिंग एजेंसी ने अनुमान व्‍यक्‍त किया है कि देश के बैंकिंग सेक्‍टर में NPA की समस्‍या अनुमान से ज्‍यादा हो सकती है।

 

 

और बढ़ सकता है नुकसान

एसएंडपी की रेटिंग एनालिस्‍ट दीपाली सेठ छाबरिया के अनुसार उनको उम्‍मीद है कि सरकारी बैंकों का नुकसान और बढ़ सकता है, लेकिन स्‍ट्रैस्ड एसेट पूरी तरह से सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएनबी फ्रॉड के पहले से ही पूरा सेक्‍टर एनपीए की समस्‍या से जूझ रहा था। इस फ्रॉड के चलते डाउनग्रेड साइकिल और बढ़ जाएगा।

 

 

सरकारी अनुमान से ज्‍यादा है बैंकों का एनपीए

एसएंडपी का मानना है कि देश के बैंकिंग सिस्‍टम में एनपीए सरकारी अनुमान से ज्‍यादा है। सरकार का अनुमान है कि यह एनपीए करीब 12.3 फीसदी है, जबकि एसएंडपी का अनुमान है कि यह 3 से 15 फीसदी तक हो सकता है। यह अनुमान सितबंर छमाही तक का है।

 

 

फरवरी में पकड़ में आया पीएनबी में फ्रॉड

फरवरी 2018 पीएनबी में 12700 करोड़ रुपए का फ्रॉड पकड़ में आया था। इस घोटाले में बैंक के कुछ कर्मचारी और ज्‍वैलर नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी की मिलीभगत सामने आई थी। इन लोगों ने लेटर ऑफ अंडरस्‍टैडिंग (एलओयू) के माध्‍यम से यह घोटाला किया था। इस घोटाले से भारतीय बैंकों के अंदर इंटरनल कंट्रोल की कमी नजर सामने आई थी।

 

 

सरकार बैंकों का रिकैपटलाइजेशन करने जा रही

सरकार ने बैंकों का 2.1 लाख करोड़ रुपए से रिकैपटलाइजेशन करने का फैसला किया है। इसका काफी बड़ा हिस्‍सा सरकार मार्च में बैंकों में डालेगी। इससे बैंकों की बैलेंसशीट मजबूत होगी।

 
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