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आज का खास स्टॉक: 52 हफ्ते की ऊंचाई पर इंफोसिस, रुपए में रिकॉर्ड कमजोरी का असर

देश की दूसरी बड़ी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी इंफोसिस का स्टॉक 52 हफ्ते की नई ऊंचाई पर पहुंच गया।

Infosys hits new high; stock gains 25% so far in 2018

नई दिल्ली.  देश की दूसरी बड़ी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी इंफोसिस का स्टॉक 52 हफ्ते की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। गुरुवार को बीएसई पर कंपनी का स्टॉक 2.28 फीसदी बढ़कर 1298.20 रुपए के भाव पर पहुंच गया, जो 52 हफ्ते का नया हाई है। रुपए में कमजोरी की वजह से आईटी कंपनी के स्टॉक में तेजी आई है। गुरुवार को रुपया पहली बार 69 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया। अमेरिका आईटी कंपनियों का बड़ा मार्केट है और रुपए में कमजोरी से कंपनियों की रुपए में अर्निंग बढ़ेगी।

 

 

मार्केट कैप 3 लाख करोड़ के करीब 
52 हफ्ते के हाई पर पहुंचने के बाद इंफोसिस की मार्केट कैप बढ़कर 2,83,543.38 करोड़ रुपए हो गई। कंपनी की मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपए के करीब पहुंच गई है। फिलहाल इस स्तर के पास पहुंचने से इंफोसिस 16456.62 करोड़ रुपए ही दूर है।
साल 2018 के पहले 6 महीने में सेंसेक्स में 3.3 फीसदी की बढ़ोत्तरी की तुलना में इंफोसिस के स्टॉक में 25 फीसदी से ज्यादा बढ़त दर्ज की गई है। 1 जनवरी 2018 को स्टॉक का भाव 1034.55 रुपए था। वहीं 28 जून के स्टॉक 1298.20 रुपए के भाव पर पहुंच गया। इस तरह 6 महीने में स्टॉक में 25.48 फीसदी का उछाल आया।

 

 

ऐसी रही स्टॉक की चाल

गुरुवार को बीएसई पर इंफोसिस की सपाट शुरुआत हुई। बीएसई पर स्टॉक बिना किसी बदलाव के बुधवार के बंद भाव 1269.20 रुपए पर खुला। आधे घंटे के कारोबार में स्टॉक में तेजी आई और स्टॉक 1298.20 रुपए के हाई पर पहुंच गया, जो इंट्रा-डे के साथ 52 हफ्ते का नया हाई रहा। कारोबार के अंत में स्टॉक 1.01 फीसदी बढ़कर 1282 रुपए के भाव पर बंद हुआ।

 

13 जुलाई को जारी होगा Q1 का नतीजा

बुधवार को इंफोसिस ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के पहले क्वार्टर के नतीजे 13 जुलाई को जारी किए जाएंगे।

 

14 जून को स्टॉक मार्केट में पूरे किए थे 25 साल

देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड ने 14 जून 2018 को स्टॉक मार्केट में अपने 25 साल पूरा किया था। इंफोसिस 1993 में पहली बार आईपीओ लेकर आई थी और उसके बाद 14 जून 1993 को यह शेयर बाजार पर लिस्ट होने वाली पहली आईटी कंपनी थी। इंफोसिस जब आईपीओ लेकर आई थी तो इसका इश्यू प्राइस 95 रुपए था, लेकिन शेयर बाजार में लिस्ट होने के दिन ही इसका शेयर 145 रुपए पर लिस्ट हुआ। यानि लिस्टिंग के समय ही यह अपने निवेशकों को 52 फीसदी तक का रिटर्न दे चुकी है। इंफोसिस 1999 में नैस्डैक पर लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी।

 

रिवाइवल के लिए इंफोसिस ने बनाया 3 साल का रोडमैप

इंफोसिस ने रिवाइवल के लिए 3 साल का रोडमैप तैयार किया है। कंपनी पारंपरिक सर्विसेस की तुलना में ऑटोमेशन पर जोर दे रही है। इसके अलावा शेयरहोल्डर्स को फायदा पहुंचाने की दिशा में कंपनी आगे भी अनुशासित बनी रहेगी।

 

चौथे क्वार्टर में कंपनी का मुनाफा 28 फीसदी घटा

फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 28 फीसदी घटकर 3690 करोड़ रुपए रहा है। जबकि तीसरी तिमाही में कंपनी को 5129 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। जबकि फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 3603 करोड़ रुपए रहा था। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2019 के लिए कंपनी ने एबडिटा मार्जिन गाइडेंस 22-24 फीसदी रखा है।

 

 

 

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