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लिस्टेड कंपनियों में अलग-अलग होंगे चेयरमैन-MD, 2 फेज में लागू होंगी कोटक पैनल की सिफारिशें

मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने लिस्टेड कंपनियों के बोर्ड के गठन के तरीकों में व्यापक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

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नई दिल्ली. मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने लिस्टेड कंपनियों के बोर्ड के गठन के तरीकों में व्यापक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। सेबी ने इन कंपनियों से चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर की पोस्ट के विभाजन और बोर्ड में एक  महिला सहित कम से कम 6 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए कहा है।

 

 

इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के लिए 1 अप्रैल, 2019 की डेडलाइन
सेबी ने कहा कि इन बदलावों को कई फेज में लागू किया जाएगा। इसके तहत इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स से संबंधित बदलावों के लिए 1 अप्रैल, 2019 की डेडलाइन तय कर दी गई है। वहीं सीएमडी पोस्ट के विभाजन के लिए कंपनियों को ज्यादा समय दिया गया है, जिसके लिए 1 अप्रैल, 2020 की डेडलाइन तय कर दी गई है। 
गौरतलब है कि सेबी ने कॉरपोरेट गवर्नैंस पर उदय कोटक पैनल की 80 में से 40 सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था। पैनल ने बीते साल अक्टूबर में सेबी को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। 
नए नियमों में सेबी ने रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस के डिसक्लोजर में विस्तार किया है और लिस्टेड एंटिटीज व उनकी मैटेरियल सब्सिडियरीज के लिए सेक्रेटेरियल ऑडिट्स को अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा सेबी ने लिस्टेड कंपनियों को कम से कम एक महिला और कम से कम 6 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति के निर्देश दिेए हैं। 

 


दो फेज में लागू होंगी सिफारिशें 
अब सेबी ने इन नियमों को दो फेज में लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। सेबी ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि अधिकांश बदलाव 1 अप्रैल, 2019 और 1 अप्रैल, 2020 से लागू हो जाएंगे।  
नए नियमों के अंतर्गत टॉप 500 लिस्टेड कंपनियों को सुनिश्चित करना होगा कि 1 अप्रैल, 2020 से एक नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ही चेरयपर्सन हो। इसके साथ ही चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर की पोस्ट बंट जाएगी। 

 

 

बोर्ड में कम से कम एक महिला इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति
फिलहाल, कई कंपनियों में दो पदों को सीएमडी (चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर) के तौर पर एकीकृत कर दिया गया है, जो कुछ मामलों में बोर्ड और मैनेजमेंट पर भारी पड़ते हैं। इससे हितों के टकराव की स्थिति बन सकती है।
रेग्युलेटर ने टॉप 500 कंपनियों को 1 अप्रैल, 2019 तक कम से एक महिला इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए कहा है। मौजूदा नियमों के तहत बोर्ड में एक महिला डायरेक्टर होना जरूरी है, जो इंडिपेंडेंट या एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हों। 

 


अगले साल से 6 डायरेक्टर्स की नियुक्ति जरूरी

टॉप 1000 लिस्टेड कंपनियों से अगले साल 1 अप्रैल से बोर्ड में कम से कम 6 डायरेक्टर्स की नियुक्ति को जरूरी बताया गया है। इसके साथ ही एक व्यक्ति के पास 1 अप्रैल, 2019 से 8 से ज्यादा लिस्टेड कंपनियों में डायरेक्ट का पद नहीं होगा और 2020 से 7 लिस्टेड कंपनियों से ज्यादा में डायरेक्टर का पद नहीं होगा। 

 


7 से ज्यादा लिस्टेड कंपनियों में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं होगा एक व्यक्ति
इसके अलावा सेबी ने कहा कि एक व्यक्ति के पास 7 से ज्यादा लिस्टेड कंपनियों में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का पद नहीं होगा। 
रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के मामले में सेबी ने कहा कि लिस्टेड एंटिटी के प्रमोटर ग्रुप से संबंधित और लिस्टेड कंपनी में कम से कम 20 फीसदी से स्टेक रखने वाले व्यक्ति या एंटिटी को रिलेटेड पार्टी माना जाएगा। इसके अलावा रिलेटेड पार्टीज को कंसॉलिडेटेड टर्नओवर का 2 फीसदी से ज्यादा रॉयल्टी और ब्रांड पेमेंट करने के लिए शेयरहोल्डर मंजूरी की जरूरत होगी। 

 

 

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