Home » Market » StocksPreposterous to claim $75 bln FPI funds will move out of India on regulatory move: Sebi

SEBI ने खारिज कीं KYC नॉर्म्स में बदलाव से जुड़ी चिंताएं, कहा-5.25 लाखCr का FPI बाहर जाने का दावा फिजूल

FPIs की एक लॉबी द्वारा KYC नॉर्म्स में प्रस्तावित बदलाव के विरोध पर SEBI खुलकर सामने आ गया है।

Preposterous to claim $75 bln FPI funds will move out of India on regulatory move: Sebi

 

मुंबई. फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) की एक लॉबी द्वारा KYC नॉर्म्स में प्रस्तावित बदलाव के विरोध पर मार्केट रेग्युलेटर सेबी अब खुलकर सामने आ गया है। सेबी ने कहा कि इस रेग्युलेटरी कदम से 75 अरब डॉलर (5.25 लाख करोड़ रु) का निवेश भारत से बाहर चले जाने का दावा पूरी तरह ‘फिजूल और गैर जिम्मेदाराना’ है। गौरतलब है कि कुछ FPIs ने नियमों में प्रस्तावित बदलावों पर चिंता जाहिर की थी। इन निमयों के पालन के लिए सेबी पहले ही अतिरिक्त समय दे चुका है।

 

 

स्टॉक और रुपए पर होगा असर

हालांकि एक लॉबी ग्रुप एसेट मैनेजमेंट राउंडटेबल ऑफ इंडिया (AMRI) ने सोमवार को कहा था कि नए नॉर्म्स लागू करने से ओवरसीज सिटीजंस ऑफ इंडिया (OCIs), पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन (PIOs) और नॉन रेसिडेंट इंडियंस (NRIs) द्वारा मैनेज किया जाने वाला 75 अरब डॉलर का निवेश भारत में निवेश के लिए अपात्र हो जाएगा और यह फंड बेहद कम समय में भारत के बाहर चला जाएगा। इस संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि इसका स्टॉक और रुपए पर गंभीर असर पड़ेगा।

 

 

सेबी ने अप्रैल में मांगी थी बेनीफीशियल ओनर की लिस्ट

इन दावों पर गंभीर आपत्ति जाहिर करते हुए सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने सुबह जारी एक बयान में कहा, ‘यह फिजूल और बेहद गैर जिम्मेदाराना दावा है कि सेबी द्वारा अप्रैल, 2016 में जारी किए गए सर्कुलर की वजह से 75 अरब डॉलर का निवेश देश से बाहर चला जाएगा।’

मार्केट रेग्युलेटर ने अप्रैल में कैटेगरी-2 और 3 के एफपीआई से 6 महीने के भीतर एक तय फॉर्मेट में अपने बेनीफीशियल ओनर (BO) की लिस्ट उपलब्ध कराएं। हालांकि बीते महीने इस डेडलाइन को दो महीने बढ़ाकर दिसंबर कर दिया गया था और उनको भरोसा दिलाया गया था कि इन मुद्दों को एक्सपर्ट पैनल में उठाया जाएगा।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट