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Startups के लिए पैसा जुटाना होगा आसान, SEBI ने लचीले किए लिस्टिंग नॉर्म्स

स्टार्टअप्स (Startups) के लिए अब लिस्टिंग कराना खासा आकर्षक होने जा रहा है

Sebi proposes relaxed norms for Startup listing

 

नई दिल्ली. स्टार्टअप्स (Startups) के लिए अब लिस्टिंग कराना खासा आकर्षक होने जा रहा है। मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) ने शुक्रवार को स्टार्टअप की लिस्टिंग के लिए ज्यादा इन्वेस्टर्स की कैटेगरीज, शेयरहोल्डिंग के लचीले नियम और ट्रेडिंग लॉट का अमाउंट घटाने आदि से संबंधित कई नियमों को लचीला बनाने का प्रस्ताव किया है।

 

ITP को आकर्षक बनाने के लिए सेबी का प्रस्ताव

सेबी ने इसके लिए इंस्टीट्यूशनल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ITP) में कई बदलाव करने की योजना बनाई है, क्योंकि अगस्त, 2015 में पेश हुए इस प्लेटफॉर्म को लेकर कंपनियों में अभी तक खास क्रेज नहीं दिखा है। इसे देखते हुए सेबी ने इस प्लेटफॉर्म को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए जुलाई, 2016 में जारी एक डिस्कशन पेपर के माध्यम से कई सिफारिशें की थी।

 

तेज हुई हैं स्टार्टअप गतिविधियां

सेबी के मुताबिक, बाद में भारत के स्टार्टअप क्षेत्र में खासी गतिविधियां देखने को मिली हैं और कई स्टेकहोल्डर्स और इंडस्ट्री बॉडीज ने आईटीपी पर लिस्टिंग को लेकर खासी दिलचस्पी जाहिर की है। इस ट्रेंड को देखते हुए रेग्युलेटर ने आईटीपी फ्रेमवर्क की समीक्षा और बदलाव के लिए एरियाज को चिह्नित करने के वास्ते जून, 2018 में एक समूह का गठन किया था।

 

आईटीपी के नाम में बदलाव का प्रस्ताव

मार्केट रेग्युलेटर ने शुक्रवार को एक ड्राफ्ट पेपर जारी करके आईटीपी का नाम बदलकर इनोवेटर्स ग्रोथ प्लेटफॉर्म (आईजीपी) करने का प्रस्ताव किया। आईटीपी पर लिस्टिंग के लिए पात्रता के क्रम में सेबी ने लिस्टिंग के समय पात्र इन्वेस्टर्स की कैटेगरी बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया है।

 

क्यूआईबी के पास हो कितनी हिस्सेदारी

सेबी ने प्रस्ताव किया है कि 25 फीसदी प्री-इश्यू कैपिटल क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) या अन्य रेग्युलेटेड एंटिटीज या एक्रिडिटेड इन्वेस्टर्स (AIs) के पास कम से कम दो साल से होनी चाहिए। इसके अलावा अन्य एआई के पास 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं होनी चाहिए।

वहीं 500 करोड़ रुपए से ज्यादा नेटवर्थ वाले क्यूआईबी, फैमिली ट्रस्ट, कैटेगरी 3 के एफपीआई (फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स) को पात्र माना जाना चाहिए।

 

होल्डिंग की पात्रता

सेबी ने यह भी प्रस्ताव किया कि न्यूनतम 15 करोड़ डॉलर पूल्ड इन्वेस्टमेंट फंड वाली और इंटरनेशन ऑर्गनाइजेशन ऑफ सिक्युरिटीज कमिशन के मल्टीलेटरल एमओयू के दायरे में आने वाली एंटिटीज 25 फीसदी प्री-इश्यू कैपिटल होल्डिंग के लिए पात्र होनी चाहिए।

मार्केट रेग्युलेटर ने कहा कि सालाना 50 लाख रुपए कुल ग्रॉस इनकम वाले इंडिविजुअल और जिसकी मिनिमम लिक्विड वर्थ 5 करोड़ रुपए से कम हो या 25 करोड़ रुपए की नेटवर्थ वाली कॉरपोरेट बॉडी का वर्णन एआई के तौर पर किया गया है।

रेग्युलेटर ने प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड एंटिटीज में शेयर अलोकेशन लिमिट में बदलाव का भी सुझाव दिया है।

 
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