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डेट पेमेंट में देरी की जानकारी लिस्‍टेड कंपनियां 24 घंटे में दें, सेबी का प्रस्‍ताव

सेबी ने लिस्‍टेट कंपनियों के लिए प्रस्‍ताव किया है कि उन्‍हें 24 घंटे में डेट पेमेंट में देरी का डिसक्‍लोजर देना होगा।

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नई दिल्‍ली. सेबी ने लिस्‍टेट कंपनियों के लिए प्रस्‍ताव किया है कि उन्‍हें 24 घंटे के अंदर डेट पेमेंट में किसी भी तरह की देरी या संभावित देरी के बारे डिसक्‍लोजर देना होगा। सेबी ने यह प्रस्‍ताव उन शिकायतों के बाद किया है, जिसमें कंपनियों की तरफ से नॉन कंवर्टिबल डेट सिक्‍योरिटीज (NCDs) और नॉन कंबर्टिबल रिडिमेबल प्रिफरेंश शेयर (NCRPs) के ब्‍याज में देरी की शिकायतें मिली हैं। वहीं सेबी से कई स्‍टेक होल्‍डर ने लिस्टिंग एंड डिसक्‍लोजर रिक्‍वॉयरमेंट को लेकर अपनी दिक्‍कतें बताई हैं।

 

-NCDs और NCRPs को लेकर सेबी के नए प्रापोजल को लेकर उम्‍मीद है कि ऐसी सिक्‍योरिटीज लिस्‍टेड कराने वालों को ईज ऑफ कंप्‍लाइंस से राहत मिलेगी। सेबी की तरफ से जारी कंसलटेशन पेपर के अनुसार लिस्‍टेड कंपनियां अगर किसी डेट से जुड़ा भुगतान तय तारीख को नहीं कर पाती हैं या डिविडेंड नहीं दे पाती हैं तो उन्‍हें समय से इसकी सूचना देनी होगी। सेबी के अनुसार इसमें 24 घंटे से ज्‍यादा की देरी नहीं होने चाहिए।

 

 

डिसक्‍लोजर में क्‍या क्‍या देनी होगी जानकारी

सेबी के अनुसार इस डिसक्‍लोजर में डेट का डिटेल, उसके भुगतान की तय तारीख, रेटिंग और देनी वाली एजेंसी की जानकारी देनी होगी। इसमें ठीक उसी तरह से जानकारी देनी होगी जैसे बैंकरप्‍सी कोड के तहत दी जाती है। अभी नियम है कि लिस्‍टेड कंपनियों को समय से NCDs करना चाहिए।

 

 

पेमेंट की जानकारी देती हैं

सेबी का कहना है कि अभी देखने में आ रहा है कि जब कंपनियां समय से डेट से संबंधित भुगतान करती हैं तो उसकी जानकारी देती हैं, लेकिन ऐसा न होने पर जानकारी नहीं देती हैं। हालांकि अभी भी नियम है कि अगर पेमेंट नहीं हो पाया है तो उसकी जानकारी दें। सेबी के अनुसार उसके नए प्रस्‍ताव से यह पक्‍का होगा कि कंपनियां ऐसी जानकारी समय पर दें।

 
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