बिज़नेस न्यूज़ » Market » StocksMF एडवायजरी और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन होगा अलग-अलग, SEBI ने किया फैसला

MF एडवायजरी और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन होगा अलग-अलग, SEBI ने किया फैसला

सेबी ने म्‍युचुअल फंड बेचने और इसके लिए एडवाइजरी बिजनेस को अलग-अलग करने का फैसला किया है।

1 of

मुम्‍बई. सेबी ने म्‍युचुअल फंड बेचने और इसके लिए एडवाइजरी बिजनेस को अलग-अलग करने का फैसला किया है। 31 मार्च, 2019 के बाद यह नियम मान्‍य हो जाएगा। गुरुवार को सेबी बोर्ड की हुई बैठक में इसके अलावा म्‍युचुअल फंड कंपनियों में 10 फीसदी शेयर हाल्डिंग दूसरी कंपनी रखने पर भी रोक लगा दी। इस फैसले को लेने का अाधार बताते हुए सेबी ने कहा है कि भविष्‍य में पोटेंशियल कंफ्लिक्‍ट ऑफ इंटरेस्‍ट्र को रोका जा सकेगा। सेबी के इस फैसले का असर यूटीआई आसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) पर पड़ेगा। UTI को कंपनी में शेयर होल्डिंग में यह बदलावा अगले साल में करने होंगे। 

 

चार कंपनियों की 10 फीसदी से ज्‍यादा है हिस्‍सेदारी 
UTI आसेट मैनेजमेंट कंपनी में इस वक्‍त भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI), पंजाब नैशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और भारतीय इंश्‍याेरेंश कार्पोरेशन (LIC) की क्रमश 18.24 फीसदी हिस्‍सेदारी है। इसी के साथ यह चारों अपने म्‍युचुअल फंड कंपनियां भी चलाते हैं। 
 
दो कंपनियों में नहीं ले सकते है 10 फीसदी से ज्‍यादा हिस्‍सेदारी
सेबी ने आज हुई बैठक में फैसला लिया है कि अगर किसी कंपनी की म्‍युचुअल फंड हाउस में 10 फीसदी या इससे ज्‍यादा हिस्‍सेदारी है तो वह दूसरे म्‍युचुअल फंड हाउस में हिस्‍सेदारी नहीं ले सकेगी। इसके अलावा म्‍युचुअल फंड की प्रवर्तक कंपनी, इससे जुड़ी कंपनी और ग्रुप कंपनियां किसी भी एएमसी में 10 फीसदी से ज्‍यादा हिस्‍सेदारी नहीं ले सकेंगी। इसके अलावा इस स्थिति में दूसरी कंपनी के बोर्ड में इसके चलते प्रतिनिधित्‍व नहीं दिया जाएगा। 

 

 

यह भी पढ़ें : बड़े काम का है टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड, जानें निवेश की A B C D

 

 

एडवायजरी और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन को अलग करने की तैयारी

इसके अलावा सेबी ने तय किया है कि वह एक कंसल्‍टेशन पेपर जारी करेगा। इसमें इन्‍वेस्‍टमेंट एडवाइजर और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन को अलग अलग करने पर सलाह मांगी जाएगी। सेबी चीफ अजय त्‍यागी ने बताया कि जल्‍द ही यह पेपर जारी किया जाएगा। इस वक्‍त म्‍युचुअल फंड बेचने वाले ही फंड की खूबियों को बताते हैं। 
 
कंफ्लिक्‍ट ऑफ इंटरेस्‍ट्र को रोकने की कवायद 
हितों के टकराव को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। अभी जो इसे बेचता है वही प्रोडक्‍ट की खूबियों को भी समझाता है। यह दोनों काम एक ही व्‍यक्ति करता है। इस काम में बंटवारा करने की जरूरत है। सेबी ने कहा कि इन दोनों कामों में साफ - साफ बंटवारा करना चाहता है। 
 
31 मार्च 2019 तक का दिया समय
सेबी ने कहा कि वर्तमान में जो भी म्‍युचुअल फंड एडवाइजर के साथ इन प्रॉडक्‍ट को बेचने के काम में भी हैं उन्‍हें 31 मार्च 2019 तक इनमें से एक काम को चुनना होगा। 1 अप्रैल 2019 से दोनों काम अलग अलग हो जाएंगे। कोई भी व्‍यक्ति, उनके रिलेटिव, होल्डिंग या सब्सिडियरीज और एसोसिएशट कंपनीज अब एडवायजरी या इन्‍वेस्‍टमेंट में से एक ही काम कर सकेंगे। 

 

 

यह भी पढ़ें : ये है घर बैठे म्‍यूचुअल फंड में निवेश की A B C D, आसान है तरीका

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट