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IPO के लिस्टिंग टाइम को 6 से घटाकर 4 दिन कर सकता है सेबीः त्यागी

मार्केट रेग्युलेटर सेबी आईपीओ के प्रोसेस को आसान और तेज करने की योजना बना रहा है।

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मुंबई. मार्केट रेग्युलेटर सेबी इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के प्रोसेस को आसान और तेज करने की योजना बना रहा है। सेबी का लक्ष्य प्रोसिजर्स को सरल बनाकर लिस्टिंग टाइम को घटाकर 4 दिन करने का है, जो फिलहाल 6 दिन है।

 

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कई दिन तक फंसा रहता है पैसा

सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) पहले ही बिडिंग बंद होने के बाद लिस्टिंग के टाम को घटाकर 7 से 6 दिन कर चुका है। इस दौरान यदि इन्वेस्टर को पूरा सब्सक्रिप्शन नहीं मिलता है तो उसका पैसा कई दिनों तक फंसा रहता है।

इससे पहले रेग्युलेटर ने आईपीओ जारी करने वाली कंपनी को अबसा फैसिलिटी के माध्यम से इन्वेस्टर को पूरा सब्सक्रिप्शन अमाउंट डीमैट अकाउंट में ब्लॉक रखने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इससे आईपीओ प्रोसेस खत्म होने के बाद इन्वेस्टर का पैसा थर्ड पार्टी अकाउंट में ब्लाक होने की कवायद पर रोक लगाने में मदद मिली।

 

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आईपीओ के प्रोसिजर को सरल बनाने की योजना

मंगलवार को एक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग समिट के दौरान सेबी चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा, 'हम आईपीओ के लिए प्रोसिजर्स को सरल बना रहे हैं और लिस्टिंग टाइम को घटाने पर जोर दे रहे हैं, जिससे प्राइमरी मार्केट ज्यादा सक्षम हो सकें। इसका उद्देश्य आईपीओ के बाद एक एक्सचेंज पर कंपनी की लिस्टिंग में लगने वाले समय को 6 दिन से घटाकर 4 दिन करना है।'

 

 

एक साल में 6 गुनी जुटाई रकम

आईपीओ मार्केट के प्रदर्शन को संतोषजनक बताते हुए उन्होंने कहा, 'इस साल प्राइमरी इश्यूज के माध्यम से जुटाई गई रकम बीते कुल 6 साल से भी ज्यादा है।'

उन्होंने इसके लिए सरकार की नीतियों और रिफॉर्म्स के साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार और रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि नोट बैन के इकोनॉमी के फॉर्मलाइज होने, इंटरेस्ट रेट्स में नरमी के साथ म्युचुअल फंड्स के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ने से भी डिमांड बढ़ी है। वहीं अच्छे इश्यूज आने से भी सप्लाई साइड से भी मदद मिली है।

 

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