Home » Market » StocksSebi allows bourses to extend trading time for equity drivatives till 11.55 pm

इक्विटी डेरिवेटिव के लिए रात 11.55 बजे तक एक्सटेंड होगी ट्रेडिंग, SEBI ने दी मंजूरी

सेबी ने एक्सचेंजेस को इक्विटी डेरिवेटिव्स के लिए ट्रेडिंग टाइम बढ़ाकर रात 11.55 बजे तक करने को मंजूरी दे दी है।

1 of


नई दिल्ली. मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने एक्सचेंजेस को इक्विटी डेरिवेटिव्स के लिए ट्रेडिंग टाइम बढ़ाकर रात 11.55 बजे तक करने को मंजूरी दे दी है। यह बदलाव 1 अक्टूबर से लागू होगा। यह फैसला सेबी के एक ही एक्सचेंज में स्टॉक्स और कमोडिटीज की ट्रेडिंग के इंटिग्रेशन को संभव बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। 

 

सेबी ने जारी किया सर्कुलर
सेबी ने अपने सर्कुलर में कहा, ‘स्टॉक एक्सचेंजेस को इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट के लिए अपने ट्रेडिंग के घंटे सुबह 9 बजे और रात 11.55 बजे के बीच तय करने की मंजूरी दे दी गई है।’ यह कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट के लिए स्वीकृत ट्रेडिंग के घंटों के समान है, जो फिलहाल सुबह 10 बजे और रात 11.55 बजे के बीच है। 

 

पहले सेबी से लेनी होगी मंजूरी
यह मंजूरी स्टॉक एक्सचेंजेस और क्लीयरिंग कॉरपोरेशन रिस्क मैनेजमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर को ट्रेडिंग घंटों के अनुरूप बनाने पर निर्भर करेगी। सर्कुलर के मुताबिक इसका मतलब है कि अगर स्टॉक एक्सचेंजेस की ट्रेडिंग टाइमिंग बढ़ाने की योजना है तो उन्हें पहले सेबी से मंजूरी लेनी होगी। 

 

1 अक्टूबर से होगा लागू
एक्सचेंजेस को रिस्क मैनेजमेंट, सेटलमेंट प्रोसेस, पोजिशंस की मॉनिटरिंग, मैनपावर की उपलब्धता, सिस्टम कैपेबिलिटी और सर्विलांस सिस्टम के लिए फ्रेमवर्क सहित एक विस्तृत प्रस्ताव भी जमा करना होगा। मार्केट रेग्युलेटर ने कहा कि यह 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। 
दिसंबर में सेबी बोर्ड ने स्टॉक्स और कमोडिटीज की ट्रेडिंग को इस साल अक्टूबर से एक सिंगल एक्सचेंज पर इंटिग्रेट करने की घोषणा की थी। फिलहाल कमोडिटी डेरिवेटिव्स अलग-अलग एक्सचेंजेस पर ट्रेड होते हैं, जिसमें एमसीएक्स और एनसीडीईएक्स शामिल हैं। फॉरवर्ड मार्केट्स कमीशन (एफएमसी) के अपने साथ मर्जर के बाद से ही सेबी कमोडिटी डेरिवेटिव मार्केट को रेग्युलेट कर रहा है।

 

बजट में हुआ था ऐलान
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2017-18 के बजट में पार्टिसिपैंट्स, ब्रोकर्स और ऑपरेशनल फ्रेमवर्क्स के इंटिग्रेशन के द्वारा कमोडिटीज और सिक्युरिटीज डेरिवेटिव मार्केट को इंटिग्रेट करने का प्रस्ताव किया था। 

 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट