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रोनोजॉय दत्ता बने IndiGo के सीईओ, दामोदरन चेयरमैन

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने बोर्ड में बदलाव को दी मंजूरी

Ronojoy Dutta appointed IndiGo CEO

दिसंबर, 2018 में समाप्त तिमाही के दौरान प्रॉफिट में 75 फीसदी की कमी दर्ज करने के एक दिन बाद इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) के स्वामित्व वाली इंडिगो (IndiGo) ने एविएशन इंडस्ट्री के अनुभवी रोनोजॉय दत्ता (Ronojoy Dutta) को चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) नियुक्त करने का ऐलान किया। यह फैसला गुरुवार से ही लागू हो गया।

मुंबई. दिसंबर, 2018 में समाप्त तिमाही के दौरान प्रॉफिट में 75 फीसदी की कमी दर्ज करने के एक दिन बाद इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) के स्वामित्व वाली इंडिगो (IndiGo) ने एविएशन इंडस्ट्री के अनुभवी रोनोजॉय दत्ता (Ronojoy Dutta) को चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) नियुक्त करने का ऐलान किया। यह फैसला गुरुवार से ही लागू हो गया।

 

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने दी मंजूरी

एयरलाइन के बोर्ड ने इंडिपेंडेंड नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एम. दामोदरन (Meleveetil Damodaran) को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चेयरमैन नियुक्त किए जाने की भी मंजूरी दे दी। मार्केट शेयर के लिहाज से देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने बीएसई में दी फाइलिंग में कहा, ‘गुरुवार को हुई बोर्ड मीटिंग में रोनोजॉय दत्ता को सीईओ नियुक्त करने को मंजूरी  दे दी गई। यह नियुक्ति 24 जनवरी से ही लागू मानी जाएगी।’

 

9 महीने से खाली था सीईओ पद

अप्रैल, 2018 में प्रेसिडेंट आदित्य घोष के इस्तीफे के बाद से यह पद बीते 9 महीने से खाली था। घोष बीते लगभग एक दशक से एयरलाइन की अगुआई कर रहे थे। आईआईटी और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में पढ़े दत्ता हाल में एक कंसल्टैंट के तौर पर एयरलाइन से जुड़े थे। इससे पहले वह एविएशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की निवेश सलाहकार कंपनी एसीओ इन्वेस्टमेंट के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर थे। 

 

कई बड़ी कंपनियों में रह चुके हैं दत्ता

67 वर्षीय दत्ता 2005 से 2008 के बीच एयर सहारा के प्रेसिडेंट और 1999 से 2002 के बीच यूनाइटेड एयरलाइंस के प्रेसिडेंट भी रहे थे। दत्ता ने 2003-04 के दौरान यूएस एयरवेज के बोर्ड में और 1997 से 2005 के बीच मार्सिको ट्रस्ट फंड्स में भी सेवाएं दे थीं।

 

दिसंबर तिमाही में इंडिगो को लगा झटका

इंडिगो ने बुधवार को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए थे, जिसमें कंपनी का प्रॉफिट 75 फीसदी की गिरावट के साथ 190.89 करोड़ रुपए रह गया था। कंपनी को फ्यूल की ऊंची कीमतें और रुपए में कमजोरी से तगड़ा झटका लगा था। वहीं एक साल पहले समान तिमाही के दौरान कंपनी का प्रॉफिट 762.03 करोड़ रुपए रहा था। हालांकि ऑपरेशन से रेवेन्यू 28 फीसदी की बढ़त के साथ 7,916.22 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया था। 

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