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RITES का IPO 6700% से ज्यादा हुआ सब्सक्राइब, रिटेल निवेशकों की तरफ से मजबूत डिमांड

रेलवे कंसल्टैंसी फर्म राइट्स (RITES) का आईपीओ तीसरे दिन 67.10 गुना यानी करीब 6700 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।

RITES IPO subscribed over 6700% so far on last day of issue

नई दिल्ली.  रेलवे कंसल्टैंसी फर्म राइट्स (RITES) का आईपीओ तीसरे दिन 67.22 गुना यानी 6700 फीसदी से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है। RITES के 466 करोड़ रुपए के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 180 से 185 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है, जिसमें रिटेल शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए 6 रुपए का डिस्काउंट रखा गया है। रिटेल सेगमेंट की ओर से राइट्स के आईपीओ की डिमांड ज्यादा है। अंतिम दिन क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी 71.71 गुना नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स 194.56 गुना और रिटेल इन्वेस्टर्स कोटा 15.52 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि कर्मचारियों का रिजर्व कोटा 0.96 गुना सब्सक्राइब हुआ।

 

 

आईपीओ का आज आखिरी दिन

राइट्स के आईपीओ के जरिए सरकार अपनी 12 फीसदी हिस्सेदारी या 2.52 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगी। आईपीओ 20 जून से 22 जून तक खुला रहेगा। राइट्स की पेड-अप कैपिटल 200 करोड़ रुपए है और अभी सरकार के पास कंपनी की 100 फीसदी हिस्सेदारी है। आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 180 से 185 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। इसके जरिए कुल 466 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्‍य है। बुधवार को आईपीओ 60 फीसदी सब्सक्राइब हुआ था।
 
आईपीओ के मैनेजर

इलारा कैपिटल (इंडिया), आईडीबीआई कैपिटल मार्केट एंड सिक्युरिटीज, आईडीएफसी बैंक औऱ एसबीआई कैपिटल मार्केट्स इश्यू के मैनेजर हैं।


ट्रांसपोर्ट और इंजीनियरिंग कंसल्टेंट कंपनी

राइट्स मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे के तहत ट्रांसपोर्ट और इंजीनियरिंग कंसल्टैंट है, जो अपनी सर्विस विदेशों में भी देती है। कंपनी रेलवे के लिए इंजीनियरिंग, प्रॉक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन बेसिस पर प्रोजेक्ट लेती है। कंपनी ने एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और पश्चिम एशिया में 55 देशों में अपने प्रोजेक्ट चलाए हैं। कंपनी विदेशों में रॉलिंग स्टॉक मुहैया कराने के लिए इंडियन रेलवेज की एकमात्र एक्सपोर्ट कंपनी है। 

 

कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति 
राइट्स पिछले 5 साल से मुनाफे के बिजनेस में है और शेयर होल्डर्स को रेग्युलर डिविडेंड दे रही है। फाइनेंशियल ईयर 2013 से 2017 के बीच कंपनी का रेवेन्यू औसतन  फीसदी सालाना के दर से बढ़ा है। वहीं, इस दौरान नेट प्रॉफिट 11 फीसदी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट के हिसाब से बढ़ा है। इस दौरान एबटिडा ग्रोथ 13.3 फीसदी रही है। दिसंबर में खत्म हुए 9 महीने में कंपनी का रेवेन्यू 936 करोड़ रुपए और प्रॉफिट 243 करोड़ रुपए रहा है। कंपनी का ऑर्डरबुक पिछले 3 साल में 35.8 फीसदी सालाना के दर से बढ़ा है जो 4500 करोड़ रुपए से ज्यादा का हो चुका है।

 

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