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11 राज्यों के GDP से ज्यादा है अंबानी की RIL का टैक्स, भरती है मोदी सरकार का खजाना

आरआईएल ने वर्ष 2017-18 में लगभग 79 हजार करोड़ रुपए का टैक्स दिया, जो प्राइवेट सेक्टर में सबसे ज्यादा है।

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नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने हाल में ऐलान किया कि उनकी कंपनी ने देश में सबसे ज्यादा गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी), एक्साइस एंड कस्टम ड्यूटी और इनकम टैक्स दिया है। अगर सभी टैक्सेज को जोड़ लें तो आरआईएल ने वर्ष 2017-18 में लगभग 79 हजार करोड़ रुपए का टैक्स दिया। दिलचस्प है कि यह धनराशि देश के 11 राज्यों के जीडीपी से ज्यादा है।

 

 

प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़ी टैक्सपेयर आरआईएल 

इसके साथ ही आरआईएल प्राइवेट सेक्टर की देश की सबसे बड़ी टैक्सपेयर बनी हुई है। एक साल पहले लागू हुए जीएसटी की बात करें तो कंपनी इस मामले में सबसे आगे है और उसने 42,553 करोड़ रुपए का जीएसटी चुकाया। 

 

 

कहां कितना दिया टैक्स

टैक्स करोड़ रुपए में
जीएसटी   42553 
एक्साइस-कस्टम ड्यूटी  26312 
इनकम टैक्स 9844 

                         

   

                   

 

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आरआईएल से पीछे हैं 11 राज्य

देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की कंपनी द्वारा चुकाए गए टैक्स की अगर राज्यों के जीडीपी से तुलना करें तो देश के 11 राज्य उसके आसपास भी नहीं हैं। देखिए, पीछे हैं कौन से राज्य…

 

राज्य             जीडीपी (करोड़ रु. में)

गोवा*            54275

त्रिपुरा*            34368

चंडीगढ़            32073

मेघालय        28446

पुड्डुचेरी        27739

अरुणाचल        22150

नगालैंड*        19816

मणिपुर*         19223

सिक्किम         18552

मिजोरम*         15339

अंडमान निकोबार     5932

स्रोतः RBI

-आंकड़े 2016-17 के हैं

*2015-16 के हैं             

 

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रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा प्रॉफिट

इससे पहले अप्रैल में आरआईएल का रिजल्ट घोषित करते समय मुकेश अंबानी ने कहा था, ‘रिलायंस अपने हर प्रमुख बिजनेस-रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और डिजिटल सर्विसेस 10 अरब डॉलर से ज्यादा रिकॉर्ड पीबीडीआईटी (प्रॉफिट बिफोर डेप्रिशिएशन इंटरेस्ट और टैक्स) दर्ज करने वाली भारत की पहली कंपनी बन गई है। ’

 
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