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दुनिया के अमीरों को टक्कर दे रहा ये मैट्रिक पास, कमाए 1 लाख करोड़

हम यहां ऐसे ही एक मैट्रिक पास शख्स की बात कर रहे हैं, जो अब दुनिया के टॉप अमीरों को टक्कर दे रहा है।

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नई दिल्ली. यूं तो साधारण घरों के लोग अपने टैलेंट और एजुकेशन के दम पर अमीर बन जाते हैं, लेकिन दुनिया में ऐसे लोग कम ही हैं जिन्होंने कम पढ़े लिखे होने के बावजूद यह मुकाम हासिल किया है। हम यहां ऐसे ही एक मैट्रिक पास शख्स की बात कर रहे हैं, जो अब दुनिया के टॉप अमीरों को टक्कर दे रहा है। इस शख्स की कुल वेल्थ 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है। यही नहीं उसकी कंपनी ने अब कई प्लेन खरीद लिए हैं, जो उसका बिजनेस बढ़ाने के काम आ रहे हैं।

 

 

कमा लिए 1 लाख करोड़ रुपए

हम चीन के टॉप 10 अमीरों में शामिल वांग वेई की बात कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनायर इंडेक्स के मुताबिक 17.7 अरब डॉलर (1.15 लाख करोड़ रुपए) की दौलत के साथ वह चीन के 10वें बड़े अमीर बने हुए हैं। हालांकि बीते लगभग 10 महीनों के दौरान वांग वेई को तगड़ा झटका लगा है। मार्च, 2017 में उनकी दौलत लगभग 27.6 अरब डॉलर (1.85 लाख करोड़ रुपए) थी, जो अब घटकर 17.7 अरब डॉलर रह गई है। भले ही उनकी दौलत तेजी से घटी है, लेकिन उनके स्ट्रगल की अहमियत कम नहीं हो जाती। उनका यहां तक का सफर खासा मुश्किल भरा रहा है।

 


 

सिर्फ हाईस्कूल पास हैं वेई

1971 में जन्मे शंघाई में जन्मे वांग वेई के पिता चीन की एयरफोर्स में ट्रांसलेटर और मां यूनिवर्सिटी में लेक्चरर थीं। वेई की उम्र जब 7 साल थी तो उनकी फैमिली हांगकांग चली गई। वह पढाई में अच्छे नहीं थे, इसलिए हाईस्कूल पास करते ही उन्होंने चीन की एक डाई कंपनी में काम करने लगे। 1990 के दशक की शुरुआत में हांगकांग की लगभग 50 हजार कंपनियों को रिलोकेट किया गया। उस दौरान उन्हें अपने बिजनेस का आइडिया आया।

 

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ऐसे आया बिजनेस का आइडिया

उस दौरान हांगकांग और चीन के बीच करेसपॉन्डेंस यानी गुड्स को इधर-उधर भेजने का काम तेजी से बढ़ा। वांग वेई को इसमें बिजनेस का बड़ा मौका नजर आया। उन्होंने अपने पिता से 1 लाख युआन (लगभग 10 लाख रुपए) उधार लिए और 1993 में अपनी कंपनी एसएफ एक्सप्रेस की शुरुआत की। हालांकि उन्हें शुरुआत में डिलिवरी ब्वॉय के रूप में भी काम करना पड़ा।

 

 

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अपनी कंपनी में भी डिलिवरी ब्वॉय थे वांग वेई

उन्होंने महज 6 कर्मचारियों के साथ कंपनी की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने हांगकांग और चीन के डेल्टा रीजन बीच करेसपॉन्डेंस के साथ शुरुआत की। शुरू में वह न सिर्फ पूरे बिजनेस को मैनेज करते थे, बल्कि वह खुद भी डिलिवरी ब्वॉय के तौर पर काम किया करते थे। धीरे-धीरे वह प्राइस घटाकर मार्केट शेयर बढ़ाने की स्थिति में आ गए। उन्होंने धीरे-धीरे बिजनेस बढ़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने फ्रेंचाइजी बांटनी शुरू कीं और 1997 तक हांगकांग में उनका मार्केट शेयर बढ़कर 70 फीसदी तक पहुंच गया। उस समय तक वांग वेई की उम्र महज 26 साल थी।

 

 

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डिलिवरी के लिए खरीदे प्लेन

उनका बिजनेस इतनी तेजी से बढ़ा कि उन्हें कई बड़े फैसले लेने पड़े। एसएफ एक्सप्रेस ने अपना हेडक्वार्टर बदलकर शेनझेन कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ी डील करते हुए 5 प्लेन खरीदे, जिससे उन्हें बिजनेस बढ़ाने में खासी मदद मिली। इसके साथ ही एसएफ एक्सप्रेस प्लेन खरीदने वाली चीन की पहली कंपनी बन गई।

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