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Home » Market » StocksRCom to go for insolvency resolution process after failure to repay debt

मोदी सरकार की एक शर्त पड़ी भारी, अब अनिल अंबानी की कंपनी होगी दिवालिया

मुकेश अंबानी की कंपनी Jio से भी नहीं मिला सहारा

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नई दिल्ली. सरकार की एक शर्त अनिल अंबानी (Anil Ambani) के लिए इतनी भारी पड़ रही है कि उनके स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications) को दिवालिया (insolvency proceedings) की प्रक्रिया से गुजरने के लिए अर्जी दाखिल होने को मजबूर होना पड़ा है। दरअसल, ट्राई की एक शर्त के कारण अनिल अंबानी का अपनी कंपनी आरकॉम (Rcom) को बेचने का प्लान अटक गया। 

 

इस शर्त की वजह से नाकाम हुई डील

गौरतलब है कि आरकॉम की मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) को स्पेक्ट्रम बेचने की कोशिशें नाकाम हो गईं। माना जा रहा था कि इस डील से मिली रकम से कर्ज में डूबी आरकॉम को खासी राहत मिलेगी और वह अपने लेंडर्स का पैसा लौटा सकेगी।
टेलिकॉम रेग्युलेटर ट्राई की एक शर्त के कारण रिलायंस जियो इस डील से पीछे हट गई। ट्राई की शर्त थी कि स्पेक्ट्रम खरीदने के बाद आरकॉम पर निकलने वाली देनदारी का निबटारा जियो को करना होगा।

 

बोर्ड ने एनसीएलटी में जाने का लिया फैसला

आरकॉम ने एक बयान में कहा, ‘कंपनी के बोर्ड ने एनसीएलटी (NCLT) के फ्रेमवर्क के माध्यम से डेट रिजॉल्युशन प्लान को लागू करने का फैसला किया है।’ स्वीडन की टेलिकॉम कंपनी इरिक्सन ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (National Company Law Tribunal) में याचिका दायर करके आरकॉम के खिलाफ इनसॉल्वेंसी की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है। हालांकि आरकॉम के अनुरोध पर एनसीएलटी ने उसे इनसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग से बचने के लिए बकाया चुकाने के वास्ते कुछ समय दिया है।

 


 

 

आरकॉम पर है 46 हजार करोड़ रु का कर्ज

अनुमानित तौर पर आरकॉम पर 46,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। आरकॉम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शुक्रवार को कंपनी के डेट रिजॉल्युशन प्लान की समीक्षा की। बोर्ड ने देखा कि 18 महीने गुजरने के बावजूद लेंडर्स को प्रस्तावित एसेट मोनेटाइजेशन प्लान से एक भी पैसा नहीं मिला। इसके साथ ही डेट रिजॉल्युशन प्लान में कोई प्रगति नहीं हो सकी।

 
पूरी तरह फेल हुई एसेट बेचने की योजना 

इससे पहले कंपनी ने लगभग 25,000 रुपए की एसेट्स बेचने की योजना बनाई थी और उसका इरादा इस रकम को 40 लेंडर्स का पैसा लौटाने का था। आरकॉम (RCom), जियो को स्पेक्ट्रम बेचकर 975 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद कर रही थी। कंपनी ने इस रकम से 550 करोड़ रुपए इरिक्सन को और 230 करोड़ रुपए से रिलायंस इन्फ्राटेल के माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स का बकाया चुकाने का वादा किया था। 

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