Home » Market » StocksRCom concludes sale of media nodes to Reliance Jio for Rs 2000 crore

अनिल अंबानी ने बड़े भाई को 2000 करोड़ में बेचे RCom के एसेट्स, कर्ज चुकाने की पहली कोशिश

RCom ने 2000 करोड़ की संपत्ति जियो को बेची।

1 of

नई दिल्ली.  अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) ने करीब 2000 करोड़ रुपए में 248 मीडिया कंवर्जेंस नोड्स और इससे संबंधित इंफ्रास्क्ट्रक्चर एसेट्स को अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी की रिलांयस जियो इंफोकॉम (Relinace Jio Infocom) को बेच दी है। आरकॉम लगभग 45 हजार करोड़ रुपए के भारी बोझ से दबा है और लंबे समय से इसे चुकाने के प्रयासों में लगा हुआ है।

248 मीडिया नोड्स बेचे

आरकॉम ने एक बयान में कहा कि इस लेनदेन में करीब 5 मिलियन वर्ग फीट क्षेत्र के करीब 248 नोड्स शामिल हैं,  जो दूरसंचार बुनियादी ढांचे की मेजबानी के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। अब ये सभी अब जियो में ट्रांसफर हो गए हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट ने दी थी एसेट बेचने की इजाजत

बता दें कि मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने दिसंबर में आरकॉम के स्पेक्ट्रम, मोबाइल टावर और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क सहित अन्य मोबाइल बिजनेस एसेट्स खरीदने का सौदा किया था। यह कदम कर्ज को कम करने के लिए उठाया गया था। लेकिन एरिक्सन की याचिका पर एनसीएलटी ने आरकॉम की टावर बिक्री पर रोक लगा दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने जियो और आरकॉम के बीच डील को अगस्त में अपनी मंजूरी दी थी।

 

आरकॉम ने रखी 774 करोड़ की बैंक गारंटी

इससे पहले, आरकॉम और इसकी सहायक कंपनी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड ने  दूरसंचार विभाग (डीओटी) के साथ 774 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी को बहाल किया, यानी दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीएसएटी) की ओर से दी गई अंतिम तारीख 10 सितंबर 2018 से पहले।

 

आगे पढ़ें,

 

यह भी पढ़ें, खुलकर छोटे भाई की मदद कर पाएंगे मुकेश अंबानी, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत

550 करोड़ में हुआ था सेटेलमेंट

 

गौरतलब है कि एनसीएलएटी ने आरकॉम की ओर से एरिक्सन को 550 करोड़ रुपए का भुगतान करने पर सहमति जताने के बाद 30 मई को उसके खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया को रोक दिया था। 550 करोड़ रुपए का भुगतान 30 सितंबर 2018 को अथवा इससे पहले किया जाना चाहिए।

 

 

आगे भी पढ़ें, 

45 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी है आरकॉम

 

आरकॉम लगभग 45 हजार करोड़ रुपए के भारी बोझ से दबा है और लंबे समय से इसे चुकाने के प्रयासों में लगा हुआ है। जियो की मार्केट में इंट्री के बाद शुरू हुए कड़े कॉम्पिटीशन के सामने कंपनी नहीं टिक पाई और इसे 2017 के आखिरी तक अपना वायरलेस बिजनेस बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा है। आरकॉम को जियो को एसेट्स की बिक्री से 25,000 करोड़ रुपए मिलने की उम्‍मीद है। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट