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मोदी के बजट पर सेंसेक्स का 'अविश्वास प्रस्ताव': राहुल; इकोनॉमिक सेक्रेटरी ने कहा-शॉर्ट टर्म की है गिरावट

शुक्रवार को स्टॉक मार्केट में आई भारी गिरावट के बाद कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया।

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नई दिल्ली. शुक्रवार को स्टॉक मार्केट में आई भारी गिरावट के बाद कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यह मोदी के बजट के खिलाफ सेंसेक्स का 'अविश्वास प्रस्ताव' है। वहीं सरकार ने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि मार्केट में गिरावट 'शॉर्ट टर्म फिनोमिना' है और इन्वेस्टर्स को भारत की ग्रोथ स्टोरी को लेकर ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

 

मार्केट पर दिखा LTCG का असर, सेंसेक्स 840 प्वाइंट टूटा

इससे पहले बजट में प्रस्तावित लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स का असर एक दिन बाद भी शेयर बाजार पर दिखा। सेंसेक्स 840 अंक गिरकर 35,067 अंक पर और निफ्टी 256 अंक गिरकर 10,761 अंक पर बंद हुआ। अगस्त 2017 के बाद पहली बार मार्केट इतना नीचे गया है। गिरावट के चलते इन्वेस्टर्स के 4.5 लाख करोड़ रुपए डूब गए।

 

शार्ट टर्म के लिए होगा असरः इकोनॉमिक सेक्रेटरी

इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने एक इंटरव्यू में कहा, 'मार्केट एलटीसीजी टैक्स पर रिएक्ट कर रहा है। इसका आगे भी असर दिख सकता है, लेकिन मेरा मानना है कि यह एक शॉर्ट टर्म फिनोमिना है।' उन्होंने कहा कि इसका भारत की ग्रोथ स्टोरी पर कोई फर्क पड़ने नहीं जा रहा है, इसलिए 'इन्वेस्टर्स को कोई चिंता नहीं करनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि भारत निश्चित तौर पर 8 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ हासिल करने की राह पर है और दुनिया की 5वीं बड़ी इकोनॉमी बनने जा रहा है।

 

राहुल गांधी ने किया कटाक्ष

उधर मार्केट की गिरावट पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने इसे सेंसेक्स का मोदी के बजट पर 'नो कॉन्फिडेंस मोशन' करार दिया। उन्होंने ट्वीट किया, 'पार्लियामेंट्री लैंग्वेज में यह सेंसेक्स का 800 प्वाइंट का नो कॉन्फिडेंस मोशन है।'

उन्होंने अपने ट्वीट के साथ 'बस एक और साल' का भी इस्तेमाल, जिसका मतलब है कि मोदी सरकार का सिर्फ एक साल बचा है।

 

कैपिटल गेन टैक्स का नहीं होगा असरः विदेशी ब्रोकरेज

वहीं विदेशी ब्रोकरेज ने एलटीसीजी का ज्यादा असर नहीं पड़ने की बात कही है। अमेरिकी ब्रोकरेज हाउस मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक घरेलू मार्केट पर कुछ समय के लिए ग्लोबल फैक्टर्स का असर दिखेगा, जहां 2018 के दौरान अर्निंग ग्रोथ बढ़ते रहने का अनुमान और डिमांड-सप्लाई का अंतर कम हो सकता है। मोर्गन स्टैनली अपनी एक रिपोर्ट में कहा, 'हमें लगता है कि मार्केट पहले ही 10 फीसदी एसटीसीजी टैक्स को डिस्काउंट कर चुका है। लेकिन एक्सपेंडिचर ग्रोथ कम रही है, इसलिए हम अर्निंग एस्टीमेट बढ़ाने की जरूरत महसूस नहीं करते।'

स्विस ब्रोकरेज ने निफ्टी के लिए 11,900 का टारगेट कायम रखते हुए कहा कि भले ही एसटीसीजी टैक्स से नुकसान पहुंचा है, लेकिन इसके बावजूद यह बूलिश मार्केट बना हुआ है। उसके मुताबिक, 'शुरुआती रिएक्शन ज्यादा निराशाजनक नहीं लगती है।'

 

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