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RCom ने Reliance Jio को बेची 3000 करोड़ रु की फाइबर एसेट्स, कम होगा कर्ज का बोझ

रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) ने मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस जियो इन्फोकॉम (RJIO) को 3,000 करोड़ रुपए में अपनी

R Com completes sale of fibre assets to Reliance Jio for Rs 3000 crore

 

नई दिल्ली. रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) ने मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस जियो इन्फोकॉम (RJIO) को 3,000 करोड़ रुपए में अपनी फाइबर एसेट्स और संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट्स बेचने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। RCOM ने बीएसई को दी सूचना में कहा, ‘फाइबर बेचने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद 1,78,000 किलोमीटर लंबी फाइबर एसेट्स को RJIO को ट्रांसफर कर दिया है।’
 

 

एसेट सेल प्लान पर काम कर रही आरकॉम

बीते सप्ताह रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अपनी मीडिया कन्वर्जेंस नोड्स (एमसीएन) और संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट्स को 2,000 करोड़ रुपए में रिलायंस जिओ इन्फोकॉम को बेचने की प्रस्तावित योजना को पूरा कर लिया था। इस महीने की शुरुआत में ही रिलायंस कम्युनिकेशंस ने टेलिकॉम ट्रिब्यूनल द्वार तय डेडलाइन से पहले ही टेलिकॉम डिपार्टमेंट को 774 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जमा कर दी थी और कहा था कि उसका 25,000 करोड़ रुपए का एसेट सेल प्लान पटरी पर है।

बीते साल अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस ने वायरलेस स्पेक्ट्रम, टावर, फाइबर और एमसीएन एसेट्स बेचने के लिए रिलायंस जियो के साथ समझौता किया था, जिसका उद्देश्य कर्ज का बोझ घटाना था।

 

 

आरकॉम ने बेचे थे 248 मीडिया नोड्स

RCom ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि उसने करीब 2000 करोड़ रुपए में 248 मीडिया कंवर्जेंस नोड्स और इससे संबंधित इंफ्रास्क्ट्रक्चर एसेट्स को अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी की Relinace Jio Infocom को बेच दी है। आरकॉम लगभग 45 हजार करोड़ रुपए के भारी बोझ से दबा है और लंबे समय से इसे चुकाने के प्रयासों में लगा हुआ है।

आरकॉम ने एक बयान में कहा कि इस लेनदेन में करीब 5 मिलियन वर्ग फीट क्षेत्र के करीब 248 नोड्स शामिल हैं,  जो दूरसंचार बुनियादी ढांचे की मेजबानी के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। अब ये सभी अब जियो में ट्रांसफर हो गए हैं।

 

 

सुप्रीम कोर्ट ने दी थी एसेट बेचने की इजाजत

बता दें कि मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने दिसंबर में आरकॉम के स्पेक्ट्रम, मोबाइल टावर और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क सहित अन्य मोबाइल बिजनेस एसेट्स खरीदने का सौदा किया था। यह कदम कर्ज को कम करने के लिए उठाया गया था। लेकिन एरिक्सन की याचिका पर एनसीएलटी ने आरकॉम की टावर बिक्री पर रोक लगा दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने जियो और आरकॉम के बीच डील को अगस्त में अपनी मंजूरी दी थी।

 

 

 

आरकॉम ने रखी 774 करोड़ की बैंक गारंटी

इससे पहले, आरकॉम और इसकी सहायक कंपनी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड ने  दूरसंचार विभाग (डीओटी) के साथ 774 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी को बहाल किया, यानी दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीएसएटी) की ओर से दी गई अंतिम तारीख 10 सितंबर 2018 से पहले।

 

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