Home » Market » StocksReserve Bank of India Warns Defaulters Against NPA Proceedings, भारतीय रिजर्व बैंक की सख्ती से सरकारी बैंकों के स्टॉक्स टूटे, PSU बैंक इंडेक्स 3% गिरा

RBI की सख्ती से सभी सरकारी बैंकों के स्टॉक्स टूटे, PSU बैंक इंडेक्स 3% गिरा

सभी सरकारी बैंकों में कमजोरी से निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 3 फीसदी टूट गया है।

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नई दिल्ली.  एनपीए की समस्या को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के तेवर और सख्त हो गए हैं। आरबीआई ने बैड लोन रेजलूशन के लि‍ए नि‍यमों को सख्‍त करते हुए बड़े एनपीए नि‍पटाने के लि‍ए समयसीमा तय कर दी है। इस खबर से बुधवार को सरकारी बैंकों के स्टॉक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। सभी सरकारी बैंकों में कमजोरी से निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 3 फीसदी टूट गया है।

 

सभी सरकारी बैंक स्टॉक्स टूटे

- आरबीआई द्वारा सख्त कदम उठाए जाने से बुधवार के कारोबार में सभी सरकारी बैंक के स्टॉक्स में भारी गिरावट देखने को मिली। सबसे ज्यादा गिरावट पीएनबी में 6.77 फीसदी दर्ज की गई। इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया 6.01%, ओरिएंट बैंक 4.31%, आईडीबीआई बैंक 4.22%, कैनरा बैंक 4.03%, इलाहाबाद बैंक 3.78%, यूनियन बैंक 3.34%, आंध्रा बैंक 3.28%, सिंडिकेट बैंक 3.27%, एसबीआई 2.48%, इंडियन बैंक 1.89% और बैंक ऑफ बड़ौदा 1.19% तक गिरे।
- सभी सरकारी बैंकों में कमजोरी से निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.01 फीसदी टूट गया है।

 

आरबीआई ने क्‍या कहा

आरबीआई ने कहा कि‍ बैंकों की ओर से तय समयसीमा को पूरा करने में हुई कि‍सी भी तरह की वि‍फलता या बैंकों की ओर से खातों की वास्‍तवि‍क स्‍थि‍ति‍ छुपाने वाले कि‍सी एक्‍श्‍ान पर आरबीआई की ओर से सख्‍त नि‍रीक्षण कि‍या जाएगा। 

 

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बड़े कर्ज मामलों का करें खुलासा

आरबीआई ने वि‍भि‍न्‍न रेजलूशन प्‍लांस की परि‍भाषा जारी की है और वि‍त्‍तीय दि‍क्‍कतों की सांकेति‍क लि‍स्‍ट दी है। साथ ही, बैंकों को निर्देश दि‍या है कि‍ वह चुनिंदा डि‍फाल्‍ट कर्जधारकों पर बने डाटा को आरबीआई के साथ प्रत्‍येक शु्क्रवार को शेयर कि‍या जाए। बड़े खाते ऐसे हैं जि‍नहें बैंकों ने रेजलूशन में डाल दि‍या है और उनहें रीस्‍ट्रक्‍चर्ड स्‍टैंडर्ड एसेट्स के तौर पर देखा जा रहा है।

 

180 दि‍न के भीतर लि‍या जाएगा फैसला 
भारतीय बैंकों में इस वक्‍त 10 लाख करोड़ रुपए से ज्‍यादा फंसे कर्ज हैं। अगर कोई कंपनी दिवालिया हो चुकी है तो 180 दिन के भीतर उसे बंद करने का निर्णय भी लिया जा सकता है। इसके अलावा दूसरे जो एनपीए हैं उन पर भी 6 महीने के भीतर प्लान सौंपा जाएगा।

 

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