Home » Market » StocksPNB to hire detective agencies to locate untraceable borrowers

घर कब्जा कराने के लिए 1.5 लाख रुपए देगा PNB, खबर देने पर मि‍लेंगे 30, 000

पंजाब नैशनल बैंक (PNB) ने डूबे कर्ज की वसूली के लिए अब जासूसी एजेंसियों की मदद लेने का फैसला किया है।

1 of

नई दिल्‍ली. पंजाब नैशनल बैंक (PNB) कर्ज की वसूली के लिए अब जासूसी एजेंसियों की मदद ले रहा है।  बैंक ने इसके लिए हाल ही में एक नोटिफिकेशन भी जारी कि‍या था, इसमें बताया गया था कि‍ वह जासूसी एजेंसियों को भगोड़े डिफाल्‍टरों   की जानकारी देने पर किस तरह पेमेंट करेगा। बैंक ने तय किया है अगर भगोड़े डिफाल्‍टरों की प्रॉपर्टी के बारे में पुख्‍ता जानकारी मिलती है तो वह 1.5 लाख रुपए तक का भुगतान फीस के रूप में कर सकता है।

 

यही नहीं अगर किसी केस में जासूसी एजेंसी सफल नहीं रहती है तो भी बैंक उसकी मेहनत के आधार पर उसे कुछ भुगतान दे सकती है। हाल ही बैंक में नीरव मोदी के फ्रॉड का मामला सामने आया था। इसके अलावा भी बैंक का करीब 57 हजार करोड़ रुपए का डूबा हुआ लोन है, जिसे वह वसूलना चाहता है।

 

इन लोगों को खोजना होगा

बैंक ने कहा है कि सभी तरह के NPA अकाउंट वालों के अलावा लोन लेने वाले के गारंटर और उनके कानूनी वारिस को खोजने की जिम्‍मेदारी इन जासूसी एजेंसियों की होगी। इन एजेंसियों को जहां इनका पता लगाना होगा वहीं उनकी बिजनेस या अन्‍य वित्‍तीय जानकारी जुटाने की जिम्‍मेदारी भी होगी। बैंक की शर्तों के अनुसार ऐसी एजेंसियों को डिफाल्‍टरों के बैंक खातों जैसी जानकारी जुटाने के लिए 60 दिन का समय मिलेगा। अगर केस ज्‍यादा कठिन होगा तो इस समय को बढ़ा कर 90 दिन किया जा सकता है।

  

प्रॉपर्टी की जानकारी देने पर मिलेगा 1.5 लाख रुपए तक

बैंक ने कई तरह की फीस तय की है। इसमें सबसे ज्‍यादा फीस रूप में पैसा लोन डिफाल्‍टर की प्रॉपर्टी की जानकारी उपलब्‍ध कराने वालों को दिया जाएगा। बैंक ऐसे प्रत्‍येक लोन अकाउंट के बारे में डिफाल्‍टर की प्रॉपर्टी की जानकारी देने के बदले न्‍यूनतम 20 हजार रुपए का भुगतान करेगा। लेकिन अगर बैंक को लगता है कि किसी मामले में ज्‍यादा फीस दी जा सकती है तो वह 1.5 लाख करोड़ रुपए तक का भुगतान किसी भी केस पर कर सकता है। लेकिन यह जानकारी ऐसी होनी चाहिए जिस पर बैंक एक्‍शन लेकर अपना डूबा लोन का पैसा वसूल सके।

 

लोन लेकर भागे व्‍यक्ति की जानकारी देने पर मिलेगा 30 हजार रुपए तक

बैंक ने तय किया है कि वह जासूसी एजेंसियों को लोन लेकर भाग गए लोगों या कंपनियों की जानकारी देने पर न्‍यूनतम 7500 रुपए देगा। लेकिन यह भुगतान 30 हजार रुपए तक किया जा सकता है। लेकिन बैंक का कहना है कि यह जानकारी ऐसी होनी चाहिए जिस पर बैंक कार्रवाई करके अपने डूबे हुए लोन की रिकवरी कर सके।

 

 

इस काम के लिए मिल सकते हैं 10 हजार रुपए तक

बैंक ने अपने नोटिस में बताया है कि वह ऐसी सूचनाओं के लिए भी जासूसी एजेंसियों को 10 हजार रुपए तक प्रत्‍येक केस के हिसाब से देगा, जिसकी मदद से वह लोन लेकर भागे व्‍यक्ति या कंपनी से वसूली कर सके। हालांकि ऐसे मामले के लिए बैंक ने न्‍यूनतम फीस 2500 रुपए तक की है।

 

 

सफल न रहने पर भी मिलेगा पैसा

बैंक ने अपने नोटिफिकेशन में बताया है कि हर केस में खर्च होने वाली पॉकेट मनी के रूप में अधिकतम 10 हजार रुपए तक दे सकता है। इसके अलावा अगर किसी केस में उसे सफलता नहीं मिलती है तो भी उसे हर केस के हिसाब से 3000 रुपए तक का भुगतान किया जा सकता है।

 

आगे पढ़ें : अन्‍य तरीकों से भी वसूला जाएगा NPA

 

 

 

गांधी‍गीरी करके भी बैंक वसूले का NPA

इससे पहले बैंक ने तय किया है कि वह गांधीगीरी करके भी हर माह 150 करोड़ रुपए का NPA वसूलेगी। बैंक का इरादा पूरे साल में 1800 करोड़ रुपए का NPA इस तरीके से वसूलने का है। बैंक ने NPA वसूली पर अचानक पूरा ध्‍यान लगा दिया है। हाल ही में बैंक को नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने 13 हजार करोड़ रुपए का चूना लगाया है।

 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट