बिज़नेस न्यूज़ » Market » Stocksफ्रॉड से PNB के आए बुरे दिन, संपत्ति बेचने की हो रही तैयारी

फ्रॉड से PNB के आए बुरे दिन, संपत्ति बेचने की हो रही तैयारी

नीरव मोदी के फ्रॉड के चलते संकट में आए पंजाब नैशनल बैंक (PNB) मार्च तक अपनी कुछ संपत्ति बेचने की योजना बनाई है।

1 of
 
नई दिल्‍ली। नीरव मोदी के फ्रॉड के चलते संकट में आए पंजाब नैशनल बैंक (PNB) मार्च तक अपनी कुछ संपत्ति बेचने की योजना बनाई है। इसमें कुछ ऐसे कार्यालय हैं जिनका अभी इस्‍तेमाल नहीं हो रहा है। बैंक को उम्‍मीद है कि इस बिक्री से वह 500 करोड़ रुपए जुटा सकेगी। 
 

 

कई कार्यालय की प्रॉपर्टी खाली पड़ी है

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सूत्रों का कहना कि बैंक के पास कई ऐसी कार्यालय की प्रॉपर्टी हैं, जिनका अभी इस्‍तेमाल नहीं हो रहा है। इस फिक्‍स आसेट को बेचा जा सकता है। इस सूत्र का कहना है कि अगर प्रॉपर्टी के सही दाम मिले तो मार्च के अंत तक इन प्रॉपर्टी को बेचा जा सकता है।

 

 

PNB हाउसिंग की बेची हिस्‍सेदारी

चालू वित्‍तीय वर्ष में PNB अपनी सहयोगी कंपनी PNB हाउसिंक की 5.9 फीसदी हिस्‍सेदारी बेच चुका है। इस बिक्री से बैंक को 1,321 करोड़ रुपए मिले थे। इसके अलावा पीएनबी ने अपनी आसेट मैनेजमेंट कंपनी की हिस्‍सेदारी बेचकर 125 करोड़ रुपए जुटाए थे। इस प्रकार बैंक इस चालू वित्‍त वर्ष में 1450 करोड़ रुपए जुटा चुकी है।

 

पिछले हुआ है पीएनबी में घोटाला

पीएनबी में पिछले हफ्ते 11 हजार रुपए से ज्‍यादा का घोटाला सामने आया है। डायमंड कारोबारी नीरव मोदी ने बैंक से बड़ा फ्रॉड किया है, जो अब सामने आया है।

 

 

यह भी पढ़ें : PNB फ्रॉड केस : LIC और म्युचुअल फंड्स को भी लगा झटका, डूब गए 1700 करोड़ रु

 

 

आगे पढ़ें : ऐसे हुआ फ्रॉड

 

 

कैसे हुआ फ्रॉड?
- इस पूरे फ्रॉड को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के जरिए अंजाम दिया गया। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि अकाउंटहोल्डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाये का भुगतान करे।
- पीएनबी के कुछ अफसरों ने नीरव मोदी को गलत तरीके से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) दी। इसी एलओयू के आधार पर मोदी और उनके सहयोगियों ने दूसरे बैंकों से विदेश में कर्ज ले लिया। पीएनबी ने भले ही दूसरे लेंडर्स के नाम का उल्लेख नहीं किया, लेकिन समझा जाता है कि पीएनबी द्वारा जारी एलओयू के आधार पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक ने भी क्रेडिट ऑफर कर दिया था।
 
 
घोटाले में कौन-कौन हैं आरोपी ?
- हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप्स के मालिक मेहुल चौकसी इस घोटाले के मुख्‍य आरोपी हैं। इन दोनों ने गोकुलनाथ शेट्टी के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।
- 280 करोड़ के फ्रॉड केस में ED ने नीरव मोदी की पत्नी आमी, भाई निशाल, मेहुल चीनूभाई चौकसी, डायमंड कंपनी के सभी पार्टनर्स, सोलर एक्सपर्ट्स, स्टेलर डायमंड और बैंक के दो अफसरों गोकुलनाथ शेट्टी (अब रिटायर्ड) और मनोज खरात को गिरफ्तार कर लिया है।
 
 

यह भी पढ़ें ; कौन हैं नीरव मोदी, जानिए कैसे बैंकों को लगाया हजारों करोड़ का चूना

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट