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फ्रॉड से PNB को लगा एक और झटका, टॉप 100 वैल्यूड कंपनियों की लिस्ट से हुआ बाहर

देश की टॉप 100 मोस्ट वैल्यूड कंपनियों की लिस्ट से पीएनबी बाहर हो गई है।

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नई दिल्ली.  देश की दूसरी बड़ी सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को एक और झटका लगा है। देश की टॉप 100 मोस्ट वैल्यूड कंपनियों की लिस्ट से पीएनबी बाहर हो गई है। दरअसल, नीरव मोदी द्वारा पीएनबी को लगाए गए 11,400 करोड़ रुपए का चूना के बाद स्टॉक्स में भारी गिरावट हुई। जिससे कंपनी का मार्केट कैप 12 हजार करोड़ रुपए ज्यादा गिर गया। मार्केट कैप में गिरावट से पीएनबी टॉप 100 कंपनियों की लिस्ट से बाहर हो गई।


5 दिन में 31% टूटा स्टॉक, 12 हजार करोड़ घटा मार्केट कैप

- पीएनबी में 11,400 करोड़ रुपए का फ्रॉड उजागर होने के बाद से स्टॉक्स में गिरावट जारी है। 5 ट्रेडिंग सेशन में स्टॉक 31.33 फीसदी टूट गया है। इसकी वजह से पीएनबी का स्टॉक गिरकर 111 रुपए के भाव पर आ गया है, जो यह 52 हफ्ते का लो लेवल है। इसके साथ ही पांच दिनों में पीएनबी का मार्केट कैप गिरकर 12,274.67 करोड़ रुपए गिरकर 26900 करोड़ रुपए हो गया है। 12 फरवरी को पीएनबी का मार्केट कैप 39174.74 करोड़ रुपए था।
- टॉप 100 कंपनियों की लिस्ट में पीएनबी 108वें नंबर पर आ गया है। उससे आगे आइडिया सेल्युलर, एबीबी इंडिया, टीवीएस मोटर्स, एससीसी, एमआरएफ आगे हैं।

 

फिच के बाद मूडीज ने पीएनबी को वाच लिस्ट में डाला

- इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने पीएनबी को डाउनग्रेड करने के लिए वाच लिस्ट में डाला है। इससे पहले रेटिंग एजेंसी फिच ने मंगलवार को पंजाब नेशनल बैंक को रेटिंग वाच नेगेटिव पर रखा है। इसका मतलब है कि पंजाब नेशनल बैंक की रेटिंग को घटाया जा सकता है।

 

ऐसे हुआ फ्रॉड

- इस पूरे फ्रॉड को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के जरिए अंजाम दिया गया। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि अकाउंटहोल्डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाये का भुगतान करे।
- पीएनबी के कुछ अफसरों ने नीरव मोदी को गलत तरीके से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) दी। इसी एलओयू के आधार पर मोदी और उनके सहयोगियों ने दूसरे बैंकों से विदेश में कर्ज ले लिया। पीएनबी ने भले ही दूसरे लेंडर्स के नाम का उल्लेख नहीं किया, लेकिन समझा जाता है कि पीएनबी द्वारा जारी एलओयू के आधार पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक ने भी क्रेडिट ऑफर कर दिया था।

 

आगे पढ़ें- घोटाले में कौन-कौन हैं आरोपी ?

- हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप्स के मालिक मेहुल चौकसी इस घोटाले के मुख्‍य आरोपी हैं। इन दोनों ने गोकुलनाथ शेट्टी के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।
- 280 करोड़ के फ्रॉड केस में ED ने नीरव मोदी की पत्नी आमी, भाई निशाल, मेहुल चीनूभाई चौकसी, डायमंड कंपनी के सभी पार्टनर्स, सोलर एक्सपर्ट्स, स्टेलर डायमंड और बैंक के दो अफसरों गोकुलनाथ शेट्टी (अब रिटायर्ड) और मनोज खरात को गिरफ्तार कर लिया है।

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