Home » Market » Stocksपी नोट्स इन्वेस्टमेंट- अक्टूबर में पी नोट्स इन्वेस्टमेंट बढ़कर 1.31 लाख करोड़ हुआ

अक्टूबर में पी नोट्स इन्वेस्टमेंट बढ़कर 1.31 लाख करोड़ हुआ

घरेलू मार्केट में पी नोट्स के जरिए इन्वेस्टमेंट अक्टूबर महीने में बढ़कर 1.31 लाख करोड़ रुपए रहा है।

1 of

नई दिल्ली. घरेलू मार्केट में पार्टिसिपेटरी नोट (पी नोट्स) के जरिए इन्वेस्टमेंट अक्टूबर महीने में बढ़कर 1.31 लाख करोड़ रुपए रहा है। हालांकि पिछले महीनों में पी नोट्स इन्वेस्टमेंट 8 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया था।

 

क्या है पी-नोट्स?

पार्टिसिपेटरी नोट यानी पी-नोट्स एक तरह का ऑफशोर डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट होता है, जो इन्वेस्टर्स सेबी के पास रजिस्ट्रेशन कराए बगैर इंडियन सिक्योरिटीज में पैसा लगाना चाहते हैं, वे इनका इस्तेमाल करते हैं। विदेशी इन्वेस्टर्स को पी-नोट्स सेबी के पास रजिस्टर्ड फॉरेन ब्रोकरेज फर्म्स या डोमेस्टिक ब्रोकरेज फर्म्स की विदेशी यूनिट्स जारी करती हैं। ब्रोकर इंडियन सिक्योरिटीज (शेयर, डेट या डेरिवेटिव्स) में खरीदारी करते हैं और फीस लेकर उन पर क्लाइंट को पी-नोट्स इश्यू करते हैं।

 

ये भी पढ़ें- पी नोट्स इन्वेस्टमेंट 8 साल के निचले स्तर पर पहुंचा, सेबी के सख्त नियम का असर

 

अक्टूबर में 1.31 लाख करोड़ रहा पी नोट्स निवेश

सेबी डाटा के अनुसार, अक्टूबर महीने में पी नोट्स के जरिए घरेलू मार्केट में इन्वेस्टमेंट सितंबर महीने में 1,22,684 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,31,006 करोड़ रुपए हो गया। सेबी द्वारा नियमों को सख्त किए जाने की वजह से जून से इस रूट के जरिए निवेश में गिरावट देखने को मिली थी और सितंबर में पी नोट्स इन्वेस्टमेंट गिरकर 8 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया था।

- सितंबर में इक्विटी में पी नोट का इन्वेस्टमेंट 91,160 करोड़ रुपए रहा है और बाकी डेट और डेरिवेटिव्स मार्केट में रहा। इसके अलावा, पी नोट्स के जरिए एफपीआई इन्वेस्टमेंट बिना बदलाव के 4.1 फीसदी रहा।

 

सेबी ने सख्त किए थे नियम

पी नोट्स रजिस्टर्ड फॉरेन पोर्टफोलियो के द्वारा उन विदेशी निवेशकों को जारी किए जाते हैं जो बिना रजिस्टर हुए भारतीय स्टॉक मार्केट में निवेश करना चाहते हैं। ऐसे में उन्हें कई कागजी कार्रवाईयों से छूट मिल जाती थी। हालांकि इस रूट के जरिए निवेश में कई तरह की गड़बड़ियों की आशंका के बाद सेबी ने पी नोट्स के जरिए निवेश के नियम सख्त कर दिए। जिसके बाद से इस रूट्स से निवेश में गिरावट देखने को मिली।

 

यह भी पढ़ें- FPI निवेश 8 महीने के हाई पर, नवंबर में स्टॉक मार्केट में लगाए 19700 करोड़

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट