Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

पेट्रोल-डीजल के दाम नई ऊंचाई पर; दिल्‍ली में अबतक का रिकॉर्ड भाव, मुंबई में सबसे ज्‍यादा महंगा टॉप 5 कंपनियों में निवेशकों के डूबे 57333 करोड़ रु, RIL में सबसे ज्यादा नुकसान भारत दुनिया का छठां सबसे अमीर देश, 559 लाख करोड़ रु. है दौलत कस्‍टम्‍स ब्रोकर लाइसेंस लेने के लिए आधार और PAN अनिवार्य : टैक्‍स डिपार्टमेंट RIL के 2338 करोड़ के प्रोजेक्‍ट को पर्यावरण मंजूरी, नागोथाने पेट्रो कॉम्‍प्‍लेक्‍स का करेगी विस्‍तार Tech in gadgets: रैम नहीं प्रोसेसर पर लगाएं दांव, स्‍मार्टफोन की स्पीड में नहीं खाएंगे धोखा कानून बना, सजा हुई, जुर्माना लगा, लेकिन 30 लाख होम बायर्स को नहीं मिला घर 8000 करोड़ रुपए से जम्‍मू-कश्‍मीर में बनेगा हाईड्रो पावर प्‍लांट, पाक ने किया विरोध 127 करोड़ रुपए के फ्रॉड में GST डिपार्टमेंट की कार्रवाई , दो को किया अरेस्‍ट सीईओ ने स्नैपचैट के रिडिजाइन को दी मंजूरी, यूजर्स दे रहे निगेटिव रिव्‍यू कर्नाटक: फ्लोर टेस्‍ट से पहले येदियुरप्पा ने दिया इस्‍तीफा, नहीं जुटा पाए बहुमत कश्मीर को 12 महीने कनेक्ट करने वाली 5 सुरंग, बनवा रही है मोदी सरकार सोना 40 रुपए सस्‍ता, चांदी 41 हजार के पार देश की पहली स्‍मार्ट टनल बनेगी जोजिला, जानें इसकी 10 खास बातें PM मोदी ने J&K में किया जोजिला टनल का शिलान्यास, निर्माण पर 6800 Cr रु होंगे खर्च
बिज़नेस न्यूज़ » Market » Stocksपी-नोट्स इन्वेस्टमेंट 1 लाख करोड़ रु के साथ 9 साल के लो पर, सेबी की सख्ती का असर

पी-नोट्स इन्वेस्टमेंट 1 लाख करोड़ रु के साथ 9 साल के लो पर, सेबी की सख्ती का असर

नई दिल्ली. अप्रैल में भारतीय कैपिटल मार्केट में पार्टिसिपेट्री नोट्स (पी-नोट्स) के माध्यम से कुल इन्वेस्टमेंट 9 साल के निचले लेवल 1 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है। इसकी वजह सेबी द्वारा इस इंस्ट्रुमेंट्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए नॉर्म्स में की गई सख्ती मानी जा रही है।  

रजिस्टर्ड फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफपीआई) द्वारा ऐसे ओवरसीज इन्वेस्टर्स को पी-नोट्स जारी किए जाते हैं, जो खुद को सीधे रजिस्टर्ड कराए बिना भारतीय स्टॉक मार्केट का हिस्सा बनना चाहते हैं। हालांकि उन्हें इसके लिए एक लंबी प्रक्रिया (ड्यू डिलिजेंस) से गुजरना पड़ता है। 

 

 

जून, 2009 के लो लेवल पर पी-नोट्स निवेश
सेबी के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के अंत तक इंडियन मार्केट में इक्विटी, डेट और डेरिवेटिव्स में पी-नोट्स इन्वेस्टमेंट की कुल वैल्यु घटकर 1,00,245 करोड़ रुपए पर आ गई, जबकि एक महीने पहले तक यह आंकड़ा 1,06,760 करोड़ रुपए के आसपास था। यह जून, 2009 के बाद का सबसे निचला लेवल है, जब कुल इन्वेस्टमेंट वैल्यू 97,885 करोड़ रुपए थी। 

 

 

एफपीआई में पी-नोट्स की हिस्सेदारी 3 फीसदी
बीते महीने किए गए कुल निवेश में पी-नोट्स की इक्विटीज में होल्डिंग 72,321 करोड़ रुपए थी और बाकी डेट व डेरिवेटिव मार्केट्स में थी। इसके अलावा अप्रैल में एफपीआई में पी-नोट्स के माध्यम इन्वेस्टमेंट की हिस्सेदारी घटकर 3 फीसदी रह गई, जबकि पिछले महीने यह आंकड़ा 3.4 फीसदी था। 
पी-नोट्स इन्वेस्टमेंट बीते साल जून से लगातार घट रहा है और सितंबर में यह 8 महीने के निचले लेवल पर पहुंच गया था। हालांकि अक्टूबर में इसमें मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई, लेकिन नवंबर में इसमें एक बार फिर गिरावट आई और इस साल अप्रैल तक लगातार यह ट्रेंड जारी है।

 

 

सेबी ने सख्त किए हैं नॉर्म्स 
पी-नोट्स इन्वेस्टमेंट में गिरावट की वजह मार्केट रेग्युलेटर द्वारा इसका दुरुपयोग रोकने के लिए उठाए गए कई कदम बताए जा रहे हैं। पी-नोट्स के दुरुपयोग पर कई सवाल भी उठते रहे हैं। जुलाई, 2017 में सेबी ने ब्लैकमनी को चैनलाइज करने के लिए हो रहे इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रति इंस्ट्रुमेंट 1,000 डॉलर फीस लगाई थी। इसके अलावा भी कई प्रकार से नॉर्म्स सख्त किए गए हैं। 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.