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इस साल 20% IPO ही रहे हिट, अगले 36 कंपनियों के ऑफर पर निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह

ऐसे में निवेशकों को वैल्युएशन देखकर ही निवेश की सलाह होगी।

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नई दिल्ली.  2017 जहां इनिशियल पब्लिक ऑफर्स (IPO) के लिए बेहतर साल रहा था। वहीं साल 2018 अब तक सुस्त रहा है। 2018 में अब तक 15 कंपनियों के आईपीओ आए हैं जिनमें सिर्फ 20 फीसदी की ही लिस्टिंग बेहतर हुई है। ये कंपनियां  निवेशकों   के उम्मीदों पर खरी उतरी हैं। पिछले साल की तुलना में 2018 में बाजार में ज्यादा रिटर्न मिलने संभावना नहीं है। इसके बावजूद अगले कुछ महीने में 36 कंपनियां आईपीओ लेकर आ रही है, जिनका लक्ष्य बाजार से 35 हजार करोड़ रुपए जुटाने हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल मार्केट में कोई बड़ा ट्रिगर नहीं है। ऐसे में जिन कंपनियों का वैल्युएशन बेहतर होगा, उनको अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। जबकि कमजोर वैल्युएशन वाली कंपनियां इसका लाभ नहीं ले पाएंगी। ऐसे में निवेशकों को वैल्युएशन देखकर ही निवेश की सलाह होगी।

 

ये आईपीओ रहे हिट

हिट रहने वाले आईपीओ में बंधन बैंक, एचईजी इंफ्रा और अंबर एंटरप्राइजेज शामिल हैं। बंधन बैंक इश्यू प्राइस से 29.10 फीसदी, एचईजी इंफ्रा इंजीनियरिंग 22.18 फीसदी और अंबर एंटरप्राइजेज 26.54 फीसदी बढ़ा है।

 
इन कंपनियों को मिली सेबी की अनुमति
अगले कुछ महीने में 3 दर्जन कंपनियां अपना IPO ला रही हैं। IPO लाने वाली कंपनियों में 6 सरकारी कंपनियां है जिसमें इंडियन रीनूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी, रेल विकास निगम, IRCON इंटरनेशनल, RITES, गार्डेन रिच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियरिंग और मझगांव डॉक शामिल है। वहीं बार्बिक्यू नेशन हॉस्पिटलिटी, TCNS क्लोथिंक कंपनी, नज़ारा टेक्नोलॉजिज औऱ देवी सीफूड्स उन 12 कंपनियों में शामिल हैं जिनको सेबी से आईपीओ लाने की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा 24 कंपनियां जिसमें रूट मोबाइल, क्रेडिटएसेस ग्रामीण, सेम्पकॉर्प एनर्जी इंडिया, फ्लेमिंगो ट्रैवल रिटेल औऱ लोढा डेवलपर्स शामिल हैं को अभी सेबी की मंजूरी का इंतजार है।
 
आईपीओ लाने की है ये वजह
इक्विरस कैपिटल के डायरेक्टर कैपिटल मार्केट मुनीश अग्रवाल के मुताबिक, 2017 में आईपीओ से रिकॉर्ड फंड जुटाने के बाद इस साल भी प्राइमरी मार्केट से फंड जुटाने की गतिविधि देखने को मिलेगी। बैंकिंग इंडस्ट्री में खराब स्थिति के कारण क्रेडिट उपलब्धता को मजबूत करने के लिए कंपनियां आईपीओ का सहारा लेंगी।
 
वैल्युएबल कंपनियों को मिलेगा रिस्पॉन्स
मार्केट एक्सपर्ट सचिन सर्वदे का कहना है कि शेयर बाजार के सेंटीमेंट बदले हुए हैं और क्रूड की बढ़ती कीमतों में बाजार का मूड और खराब कर दिया है। पिछले साल की तरह इस साल मार्केट में उतना रिटर्न मिलने की उम्मीद नहीं है। इस साल जिन कंपनियों के आईपीओ आए हैं उनमें  वैल्युएशन वाले आईपीओ को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। बाकी की लिस्टिंग सुस्त रही या फिर डिस्काउंट प्राइस पर लिस्ट हुए। इस वजह से निवेशकों को आईपीओ लाने वाली कंपनी का प्रदर्शन देखकर ही निवेश की सलाह होगी।  
 
2018 में अभी तक 15 कंपनी लिस्ट

इस साल अभी तक 15 कंपनियों की लिस्टिंग शेयर बाजार में हुई है। इनमें से तीन कंपनियों की बंपर लिस्टिंग हुई है। इनमें अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, अंबर एंटरप्राइजेज औऱ बंधन बैंक  शामिल हैं। जबकि 5 कंपनियों की सुस्त लिस्टिंग हुई। वहीं 6 कंपनियां डिस्काउंट प्राइस पर लिस्ट हुई। एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग इश्यू प्राइस पर लिस्ट हुआ।

 

कंपनी लिस्टिंग (फीसदी में)
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स 73.82%
अंबर एंटरप्राइजेज 37.36%
बंधन बैंक 33%
लेमन ट्री होटल्स 10%
इंडोस्टार कैपिटल फाइनेंस 4.90%
संधार टेक्नोलॉजीज 4.25%
न्यूजेन सॉफ्टवेयर 3.3%
गैलेक्सी सर्फेंक्टेंट्स 3%
कारडा कंस्ट्रक्शन -24%
ICICI सिक्युरिटीज -17%
भारत डायनामिक्स -16%
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स -5%
एस्टर डीएम हेल्थकेयर -4.2%
मिधानि -3%

 

आगे भी पढ़ें- करीब आधे शेयर इश्यू प्राइस से नीचे

इस साल लिस्ट होने वाली कंपनियों में करीब आधे अपने इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे हैं। इनमें ICICI सिक्युरिटीज (-26.92%), अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (-27.75%), हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स (-15.64%), भारत डायनामिक्स (-10.51%), गैलेक्स सर्फेक्टेंट्स (-6.65%), एस्टर डीएम हेल्थकेयर (-4.74%), कारडा कंस्ट्रक्शन (-1.16%) शामिल हैं।

 

क्या करें निवेशक
सचिन का कहना है कि निवेशकों को उन कंपनियों के आईपीओ में निवेश करना चाहिए जिनका वैल्युएशन अच्छा हो। महंगे वैल्यूएशन वाले आईपीओ का मतलब का नहीं है कि उसकी लिस्टिंग भी अच्छी ही होगी।

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