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ऐसे बनाएं पैसे से पैसा, 3 महीने तक नहीं देना कोई चार्ज

एनएसई क्रॉस करेंसी डेरिवेटिव्स में कारोबार करने वाले निवेशकों से 3 महीने तक ट्रांसजैक्शन चार्ज नहीं लेगा।

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नई दिल्ली.  क्रॉस करेंसी डेरिवेटिव्स में ट्रेड करने वाले निवेशकों के अच्छी खबर है। देश के प्रमुख एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने क्रॉस करेंसी डेरिवेटिव्स में कारोबार करने वाले निवेशकों से 3 महीने तक ट्रांसजैक्शन चार्ज नहीं लेने का फैसला किया है। एक्सचेंज का मकसद ऐसे कॉन्ट्रैक्ट में निवेशकों की भागदीरी बढ़ाना है।

 

सुबह 9 से शाम 7.30 बजे तक होगी ट्रेड

बीएसई और एनएसई ने मंगलवार से क्रॉस करेंसी में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग लॉन्च की है। इस कॉन्ट्रैक्ट्स में सुबह 9 बजे से शाम 7.30 बजे तक कारोबार करने की अनुमति होगी।

एनएसई का कहना है कि इस फैसले से फॉरेन करेंसी एक्सचेंज में एक्सपोजर बढ़ाने में मदद मिलने के साथ करेंसी कॉन्ट्रैक्ट्स में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

 

3 महीने तक नहीं देने होगा ट्रांजैक्शन चार्ज
एनएसई ने अपने सर्कुलर में कहा है कि क्रॉस करेंसी एफएंडओ कॉन्ट्रैक्ट्स में निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के वास्ते एक्सचेंज ने ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगाने का फैसला किया है। एक्सचेंज के मुताबिक, 27 फरवरी से 31 मई 2018 के दौरान क्रॉस करेंसी कॉन्ट्रैक्ट्स में ट्रेड पर कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना होगा।

 

आगे पढ़ें- इन फॉरेन करेंसी में होगी ट्रेड

 

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- पिछले हफ्ते सेबी ने एनएसई को Euro (EUR)-अमेरिकी डॉलर (USD), पाउंड स्टर्लिंग (GBP)-USD और USD-जापानी येन (JPY) जैसे जोड़े में क्रॉस करेंसी डेरिवेटिव्स कारोबार की मंजूरी दी थी। इसके अतिरिक्त मौजूदा USD-INR के अलावा EUR-INR, GBP-INR और JPY-INR में ट्रेडिंग के लिए एक्सचेंज को अनुमति मिली है।

 

- नए कॉन्ट्रैक्ट्समें स्टॉक ब्रोकर्स, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स, एफपीआई और क्लाइंट्स को क्रॉस करेंसी फ्यूचर एंड ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स में होने वाले कारोबार में पोजीशन ग्रहण करने की अनुमति होगी।

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