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LIC के लिए कमाई का सौदा बनेगा IDBI बैंक, बढ़ सकता है मार्केट कैपः नीति आयोग

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि एलआईसी, आईडीबीआई बैंक में निवेश करके ‘काफी अच्छा पैसा’ कमाएगी।

NITI Aayog sees LIC making very good money by investing in IDBI Bk

 

नई दिल्ली. नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), आईडीबीआई बैंक में निवेश करके ‘काफी अच्छा पैसा’ कमाएगी। उनके इस बयान से उन अटकलों की भी पुष्टि होने के संकेत मिले कि एलआईसी मुश्किलों से जूझ रहे पब्लिक सेक्टर के बैंक में स्टेक खरीद लेगी।

 

 

ऐसे मौके को भुना चुका है अमेरिका

एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एलआईसी द्वारा आईडीबीआई बैंक में स्टेक खरीदने से जुड़े जोखिम के सवाल पर उन्होंने एक दशक पहले के अमेरिका के अनुभव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘जब अमेरिका का बैंकिंग सेक्टर तबाह हो गया था तो तत्कालीन अमेरिकी प्रेसिडेंट बराक ओबामा ने 700 अरब डॉलर जुटाए थे और संकटग्रस्त बैंकों में निवेश किया था। बाद में उन्होंने खरीदी गई इक्विटी पर अच्छा पैसा कमाया था। इसलिए मुझे उम्मीद है कि एलआईसी, आईडीबीआई बैंक में निवेश करके अच्छा पैसा कमाएगी।’

ऐसी अटकलें हैं कि सरकार आईडीबीआई बैंक की बड़ी हिस्सेदारी एलआईसी को बेचने पर विचार कर रही है।

 

 

एलआईसी की हिस्सेदारी पर इरडा से मांगी है सलाह

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने आईडीबीआई बैंक में एलआईसी की हिस्सेदारी 15 फीसदी से ज्यादा करने के प्रस्ताव पर बीमा नियामक इन्श्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (इरडा) की राय मांगी थी। 31 मार्च, 2018 तक आईडीबीआई बैंक में सरकार की 80.96 फीसदी, जबकि एलआईसी के पास 10.82 फीसदी स्टेक है।

 

 

US ने 2014 में खरीदे थे 707 फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के स्टॉक

अमेरिका सरकार ने अक्टूबर, 2014 में कैपिटल परचेज प्रोग्राम की थी, जिसके माध्यम से 205 अरब डॉलर में 707 फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के प्रिफर्ड स्टॉक खरीदे गए थे। ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसेस के दौरान घोषित इस प्रोग्राम का लक्ष्य फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को क्रेडिट फ्लो बढ़ाने के लिए कैपिटल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना था।

 

 

अमेरिकी सरकार को मिले 16 अरब डॉलर

अमेरिका के कांग्रेसनल बजट ऑफिस के मुताबिक, अमेरिकी सरकार के 700 अरब डॉलर के ट्रबुल्ड एसेट रिलीफ प्रोग्राम के अंतर्गत कैपिटल परचेज प्रोग्राम से डिविडेंड, इंटरेस्ट और अन्य गेन्स के रूप में अनुमानित तौर पर 16 अरब डॉलर मिले।

 

 

नए एमडी-सीईओ के नाम का हो चुका है ऐलान

राजीव कुमार ने भी कहा कि नए मैनेजमेंट से आईडीबीआई बैंक की किस्मत ही बदल जाएगी। कुमार ने कहा, ‘उन्होंने आईडीबीआई बैंक का मैनेजमेंट बदल दिया है और मैं उसकी कमान संभालने वाले को जानता हूं। वह हमारे सर्वश्रेष्ठ बैंकर्स, सर्वश्रेष्ठ प्रोफेशनल्स में से एक हैं और मैं आईडीबीआई बैंक का कायापलट होता देख रहा हूं। साथ ही आने वाले साल में इसके मार्केट कैप में भी सुधार हो सकता है।’ शुक्रवार को सरकार ने आईडीबीआई बैंक के एमडी और सीईओ पद के लिए एसबीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. श्रीराम के नाम का ऐलान किया।

 

 

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