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लंदन में ज्‍वैलरी स्‍टोर के ऊपर बने फ्लैट में रह रहा था नीरव मोदी, संडे टाइम्स ने किया खुलासा

पासपोर्ट रद होने के बाद भी उसने कई बार विदेश यात्राएं कीं।

Nirav Modi has been using Britain as a safe haven
 
लंदन. पंजाब नैशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी डायमंड कारोबारी नीरव मोदी उस वक्त लंदन के अपने ज्वैलरी स्टोर के ऊपर बने फ्लैट में रह रहा था, जब उसे भारत सहित दुनियाभर में खोजा जा रहा था। लंदन के एक मीडिया रिपोर्ट में इस बाता का खुलासा हुआ है। इसके अनुसार 13,000 करोड़ रुपए के घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी लंदन के पॉश इलाके मेफेयर में अपने ज्वेलरी स्टोर के ऊपर रह रहा था। हालांकि अब यह स्‍टोर बंद हो गया है। फरवरी महीने में भारतीय अधिकारियों के द्वारा पासपोर्ट रद्द होने के बावजूद वह कम से कम चार बार विदेश की यात्रा कर चुका है।
 
 
आखिर सब भाग कर क्‍यों आते हैं ब्रिटेन
लंदन के अखबार संडे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, लंदन में रहने के दौरान नीरव मोदी ओल्ड बॉन्ड स्ट्रीट पर 'नीरव मोदी' ज्वेलरी बुटीक के ऊपर रह रहा था, जो कि पिछले सप्ताह ही बंद हो गया। अखबार ने एक भारतीय अधिकारी का हवाला देते हुए लिखा है कि इस तरह के लोग लंदन में ही क्यों आते हैं? क्योंकि ब्रिटेन इनके लिए एक सुरक्षित जगह है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नीरव मोदी ब्रिटेन को सुरक्षित जगह के रूप में उपयोग करता आ रहा है, जिससे भारत और ब्रिटेन के बीच राजनयिक संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है।
 
 
मामा भांजे ने मिल कर किया था PNB घोटाला
बता दें कि नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी (गीतांजलि जेम्स के प्रमुख) ने पीएनबी से फर्जी एलओयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) के जरिये 13,000 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की थी।
 
 
Email पर जारी हुआ नीरव मोदी का अरेस्‍ट वारंट
नीरव मोदी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कस्‍टम ड्यूटी की चोरी के एक मामले में सूरत की कोर्ट ने नीरव मोदी के खिलाफ अरेस्‍ट वारंट जारी किया है। रेवेन्‍यु इंटेलीजेंस एजेंसी DRI ने इसे ईमेल के जरिए नीरव मोदी को भेजा है। DRI ने मार्च में नीरव मोदी और उनकी तीन फर्मों फायरस्‍टार इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (FIPL), फायर स्‍टार डायमंड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (FDIPL) और रैडेशिर ज्‍वैलरी को प्राइवेट लिमिटेड (RJCPL) के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। ये फर्म सूरत की स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) में हैं। DRI का आरोप है कि नियमों में अलग कामों के लिए ड्यूटी फ्री इंपोर्टेड सामान का इस्‍तेमाल किया गया।
 
क्‍या है मामला
नियमों के मुताबिक, सेज में स्थित यूनिट्स द्वारा सामानों के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट को केवल तभी मंजूरी मिलती है, जब उनका इस्‍तेमाल कच्‍चे माल के तौर पर किया जाए और वैल्‍यु एडिशन या प्रोसेसिंग के बाद उनका एक्‍सपोर्ट किया जाए। अधिकारियों के मुताबिक, नीरव मोदी के मामले में पाया गया कि 890 करोड़ रुपए के महंगे हीरे और मोती, जिन पर 52 करोड़ कस्‍टम ड्यूटी बनती है को गलत तरीके से सेज यूनिट्स द्वारा मंगाया गया और उन्‍हें मार्केट में बेचा गया। इंपोर्ट ड्यूटी से बचने के लिए नीरव मोदी ने खराब गुणवत्‍ता वाले हीरे-मोती एक्‍सपोर्ट किए और दावा किया कि इन्‍हें पहले इंपोर्ट किया गया और फिर इनकी प्रोसेसिंग की गई।  

 

 

 

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