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2018 में 12 हजार के लेवल तक पहुंचेगा निफ्टी, ये शेयर बन सकते हैं मल्टीबैगर

बाजार में तेजी के बीच कई स्टॉक्स मल्टीबैगर साबित हो सकते हैं औऱ निवेशकों यहां अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

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नई दिल्ली.  नए साल में भारतीय शेयर बाजार लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। बीएसई का सेंसेक्स पहली बार 36 हजार के पार हुआ है, तो वहीं एनएसई का निफ्टी50 11 हजार के स्तर को पार कर गया। सरकार के रिफॉर्म्स, तीसरे क्वार्टर में कॉरपोरेट अर्निंग में सुधार और रेटिंग सुधरने से डोमेस्टिक के साथ ही फॉरेन इनफ्लो में बढ़ोत्तरी से मार्केट नई ऊंचाई पर पहुंचा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक 2018 में निफ्टी 12,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। बाजार में तेजी के बीच कई स्टॉक्स मल्टीबैगर साबित हो सकते हैं औऱ निवेशकों यहां अच्छा रिटर्न मिल सकता है।


4 ट्रेडिंग सेशन में 1,000 अंक चढ़ा सेंसेक्स

बाजार में तेजी के बीच सेंसेक्स को 35 हजार से 36 हजार के लेवल तक पहुंचने में सिर्फ 4 दिन लगे। 17 जनवरी को सेंसेक्स पहली बार 35 हजार के लेवल पर पहुंचा था। 23 जनवरी को सेंसेक्स 36 हजार के लेवल को पार कर गया। 4 दिन में सेंसेक्स में 1000 प्वाइंट्स की बढ़ोतरी हुई।


#क्यों बढ़ रहा है मार्केट


कॉरपोरेट्स अर्निंग में सुधार

एक्सपर्ट्स ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी का असर कम हुआ है। फाइनेंशियल ईयर 2018 की तीसरी तिमाही में कॉरपोरेट अर्निंग सुधरी है। हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, टीसीएस के तीसरे क्वार्टर के नतीजे बेहतर रहे हैं। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

 

निवेश बढ़ा रहे फॉरेन इन्वेस्टर्स

एसएमसी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के टेक्निकल एनालिस्ट सचिन सर्वदे का कहना है डोमेस्टिक लेवल पर मैक्रो इकोनॉमी में सुधार, कॉरपोरेट अर्निंग में रिकवरी और आकर्षक यील्ड ने फॉरेन इन्वेस्टर्स को अपनी ओर आकर्षित किया है। एफआईआई ने जनवरी के 16 ट्रेडिंग सेशन में 6575 करोड़ रुपए की खरीददारी की है।

 

बैंक रिकैपिटलाइजेशन और भारतमाला प्रोजेक्ट से बूस्ट

एक्सपर्ट्स के मुताबिक साल 2017 से ही भारतीय शेयर बाजार में रैली जारी है। अक्टूबर में इंडस्ट्रियल टर्नअराउंड और इकोनॉमिक ग्रोथ के साथ बैंक रिकैपिलाइजेशन और भारतमाला जैसी घोषणाओं से मार्केट की रैली को सपोर्ट मिला।

 

इन वजहों से मार्केट को होगा फायदा

- फॉर्च्यून फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि 2019 चुनाव ज्यादा दूर नहीं है। इससे सरकार द्वारा कुछ अन्य इकोनॉमिक रिफॉर्म्स कदम उठाए जाने की उम्मीद बढ़ गई है। वहीं सर्वदे ने कहा कि सरकार इस साल खासतौर पर रूरल और इंफ्रा सेक्टर पर खर्च बढ़ाएगी। फरवरी में पेश होने वाले बजट में इसका एलान हो सकता है। खर्च बढ़ने का फायदा मार्केट को होगा। जीएसटी का पॉजिटिव असर अब दिखना शुरू हो गया है। तीसरे क्वार्टर में कंपनियों के नतीजे अच्छे आ रहे हैं। ट्रेड स्विफ्ट के रिसर्च हेड संदीप जैन ने कहा कि सरकार नई नौकरियां देने के लिए बजट में कई उपाय कर सकती है। इससे मार्केट की आगे की दिशा तय होगी।

 

निफ्टी का अगला टारगेट 12,000

- सर्वदे ने कहा कि इस साल के अंत तक निफ्टी 12,000 के आंकड़े को छू लेगा। बाजार में जो रैली देखने को मिल रही है उससे देखकर लगता है इस स्तर को छूने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

- बाजार में तेजी से 23 जनवरी को निफ्टी ने पहली बार 11,000 के स्तर को पार किया। 6 महीने में इंडेक्स में 1000 अंक की तेजी दर्ज की गई। 26 जुलाई 2017 को निफ्टी ने 10 हजार के स्तर को छुआ था।

 

 

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जिंदल स्टील एंड पावर

 

सचिन के मुताबिक, जिंदल स्टील एंड पावर और इंटरनेशनल पेपर एपीपीएम के शेयर मल्टीबैगर बन सकते हैं। इंफ्रा पर सरकार का फोकस बढ़ने से जिंदल स्टील एंड पावर में तेजी देखने को मिल सकती है।

 

 

इंटरनेशनल पेपर एपीपीएम

 

वहीं चीन में रिलाइकलिंग पेपर नियमों में कड़ाई से घरेलू पेपर इंडस्ट्रीज को फायदा मिला है और आगे भी मिलने की उम्मीद है। 

 

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ग्लेनमार्क


एक्सपर्ट जगदीश ठक्कर का कहना है कि पिछले साल मार्केट की रैली में फार्मा सेक्टर नहीं चले हैं। लेकिन इस साल फार्मा सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है। यूएस एफडीए से फार्मा कंपनियों को क्लियरेंस मिल रहे हैं। उनकी चिंताएं दूर हो रही हैं। इससे फार्मा शेयरों में इस साल में अच्छी ग्रोथ दिख सकती है।

 

ओएनजीसी

 

मायस्टॉक रिसर्च लिमिटेड के डायेक्टर लोकेश उप्पल के मुताबिक, साल 2018 में ऑयल एंड गैस कंपनी ओएनजीसी मल्टीबैगर बन सकता है। जीएसटी काउंसिल ने पेट्रोलियम पदार्थों और नैचरल गैस की माइनिंग और ड्रिलिंग सर्विसेज देने वाली कंपनियों पर घटाकर 12% और टैक्स क्रेडिट के बिना 5% किया है। इसका फायदा ओएनजीसी को मिलेगा। 

 

(नोट- यहां दी गई सभी सलाह टॉप मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर हैं। हर स्टॉक से जुड़े अपने जोखिम होते है, इसलिए सलाह है कि अपने स्तर पर जांच या अपने एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही निवेश का फैसला लें।)

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