RBI की बैठक और आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी निवेशकों की नजर, ऐसे बनाएं स्ट्रैटजी

लगातार चार सप्ताह की गिरावट में रहने वाले स्टॉक मार्केट की दिशा अगले हफ्ते ग्लोबल संकेतों, क्रू़ड ऑयल प्राइस और रुपए के उतार-चढ़ाव के अलावा आर्थिक आंकड़े, वाहन बिक्री के आंकड़े और रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक के नतीजे से तय होगी।

money bhaskar

Sep 30,2018 03:04:00 PM IST

नई दिल्ली। Stock Market: लगातार चार सप्ताह की गिरावट में रहने वाले स्टॉक मार्केट की दिशा अगले हफ्ते ग्लोबल संकेतों, क्रूड ऑयल प्राइस और रुपए के उतार-चढ़ाव के अलावा आर्थिक आंकड़े, वाहन बिक्री के आंकड़े और रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक के नतीजे से तय होगी।

बाजार में गिरावट की वजह

कैपिटल स्टार्स फाइनेंशियल रिसर्च के फाउंड एंड डायरेक्टर अभिषेक उपाध्याय के अनुसार, पिछले हफ्ते भारतीय बाजार में मंदी के प्रमुख कारण ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी, रुपय में गिरावट और अमेरिका और चीन के बीच चल रहा ग्लोबल ट्रेड वार है। इस सप्ताह बैंकिग और नॉन बैंकिग सेक्टर मे लिक्विडिटी को लेकर भी कुछ निगेटिव खबरें आई हैं जिसने बाजार के सेंटीमेंट को और निगेटिव कर दिया है।

अगले हफ्ते ये फैक्टर्स रहेंगें हावी

उन्होंने कहा जहां तक अगले हफ्ते की मार्किट की बात करें तो RBI की क्रेडिट पॉलिसी, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज की मासिक बिक्री के आंकड़े अगले सप्ताह बाजार की चाल को निर्धारित कर सकते हैं। इस महीने दूसरे तिमाही के कंपनियों के नतीजे भी आने हैं जिस पर भी ट्रेडर्स को नजर रखना जरूरी है। अगले हफ्ते कई महत्वपूर्ण ग्लोबल आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी। चीन का मैन्युफैक्चरिंग और नॉन मैन्युफैक्चरिंग आंकड़ा , यूरोपियन मार्केट का भी मैन्युफैक्चरिंग और नॉन मैन्युफैक्चरिंग आंकड़ा, अमेरिका के एम्प्लॉयंट्स और पेरोल आंकड़ा भी बाजार की चाल को प्रभावित करेगा। अगस्त महीने के GST कलेक्शन जुलाई से कम थे तो सितम्बर महीने के GST नंबर भी मार्किट के सेंटीमेंट के लिए महत्पूर्ण होंगे।

गिरावट का दौर रह सकता जारी

तकनीकी रूप से बाजार मे अगले सप्ताह भी गिरावट का दौर जारी रह सकता है। निफ्टी और बैंक निफ्टी से ज्यादा कमजोरी छोटे और मझोले शेयरों में देखने को मिल सकती हैं। बैंकिंग शेयरों में ट्रेडर्स को बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में मंदी करने के मौके मिल सकते है। नॉन बैंकिंग सेक्टर्स मे इंडियाबुल्स, श्रीराम ट्रांसपोर्ट और दीवान हाउसिंग फाइनेंस आदि कंपनियों में भी ट्रेडर्स बेच कर मुनाफा कमा सकते हैं। ऑटोमोबाइल्स कंपनियों के मासिक नम्बरों में और आने वाले फेस्टिव सीजन को देखते हुए ट्रेडर्स और निवेशक, मारुति और महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी निवेश कर सकते है। टायर सेक्टर के शेयर्स जैसे अपोलो टायर्स , बालकृष्ण इंडस्ट्री में भी कमजोरी देखने को मिल सकती है।

यहां बन सकते हैं निवेश के मौके

सिविल एविएशन सेक्टर की कम्पनीज भी हाई फ्यूल कॉस्ट के कारन प्राइस प्रेशर मे हैं जो नेक्स्ट वीक मे भी कमजोर रह सकते है। नेक्स्ट वीक मे अगर किसी पॉजिटिव डेवलपमेंट के कारण मार्केट मे टेक्निकल रिकवरी आती हैं तो ट्रेडर्स/इन्वेस्टर्स को आईटी सेक्टर की कंपनियों जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और इंफोसिस मे खरीदने के मौके मिल सकते है। कंज्यूमर से रिलेटेड कंपनियों में ब्रिटानिया, नेस्ले , बाटा, लिबर्टी शूज में भी खरीददारी के मौके मिल सकते है।

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