बिज़नेस न्यूज़ » Market » Stocksकभी 10 हजार नहीं मिलती थी सैलरी, अब हर महीने 1 लाख रु कमा रहा यह शख्स

कभी 10 हजार नहीं मिलती थी सैलरी, अब हर महीने 1 लाख रु कमा रहा यह शख्स

आइए जानते हैं इस शख्स के बारे में...

1 of

नई दिल्ली.  उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला यह शख्स अब हर महीने लाखों की कमाई कर रहा है। 5 साल की प्राइवेट नौकरी में इस शख्स को कभी 10 हजार रुपए की सैलरी भी नहीं मिली। लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद इसकी किस्मत पलटी और अब वह मंथली 1 लाख रुपए कमा रहा है। आइए जानते हैं इस शख्स के बारे में...

 

नौकरी में नहीं कमाए 10 हजार रु

मेरठ के दयालपुर के रहने वाले आदेश कुमार ने मनीभास्कर से बातचीत में बताया कि वो एग्रीकल्चर में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। पोस्ट ग्रैजुएशन करने के बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी किया। जहां उनकी सैलरी 7 हजार रुपए थी। 5 साल की नौकरी के दौरान उनकी सैलरी कभी 10 हजार रुपए तक नहीं गई।

 

 

आगे पढ़ें- एक पौधे ने बदली जिंदगी

एक पौधे ने बदली जिंदगी

 

आदेश बताते हैं कि नौकरी के दौरान उन्होंने देखा बाजार में औषधीय पौधे सतावर की काफी डिमांड है। सतावर का उपयोग विभिन्‍न दवाएं बनाने में होता है। इस दौरान उन्हें सरकार द्वारा दी जा रही ट्रेनिंग के बारे में पता। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ मोरादाबाद के एग्रीक्लिनिक, एग्री बिजनेस से ट्रेनिंग लेकर एक ट्रेंडड एग्रीपन्योर बन गए। 

 

18 महीने में तैयार होती है फसल 


सतावर ए ग्रेड औषधीय पौधा है। इसकी फसल 18 महीने में तैयार होती है। सतावर की जड़ से दवाएं तैयार होती हैं। इससे 18 महीने बाद गिली जड़ प्राप्‍त होती हैं। इसके बाद जब इनको सुखाया जाता है तो इसमें वजन लगभग एक तिहाई रह जाता है। मसलन अगर आप 10 क्विंटल जड़ प्राप्‍त करते हैं तो सुखाने के बाद यह केवल 3 क्विंटल ही रह जाती हैं। फसल का दाम जड़ों की गुणवत्‍ता पर ही निर्भर करता है। उनका कहा है कि सतावर की खेती से इनकम भी अच्‍छी खासी है।

 

आगे पढ़ें-

5 लाख रु लोन लेकर की शुरुआत

ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्होंने एक सरकारी बैंक से 5 लाख रुपए का लोन लेकर सतावरी की खेती की। मार्केट से सतावर की बीज खरीदी और फिर खेतों में इसके बीज बोए। उनका कहना है कि एक एकड़ में 20 से 30 क्विंटल की पैदावार हो जाती है। और मार्केट में एक क्विंटल की कीमत 50 से 60 हजार रुपए है।

 

6 साल में 1.5 करोड़ का खड़ा किया बिजनेस

 

आदेश का कहना है कि अब वो किसानों को सतावर की खेती के बारे में बताते हैं और उनको प्रशिक्षित करते हैं। किसानों की उपज को वो कमिशन पर मार्केट में बेचते हैं। इसके लिए उन्होंने नेशनल ऑर्गेनिक्स फर्म शुरुआत की है। इसके अलावा बायो फर्टिलाइजर का भी निर्माण करते हैं।

 

आगे पढ़ें- 

सालना करते हैं 10 लाख से ज्यादा की कमाई

 

सरकार से सहयोग से आदेश अपने गांव में एक कृषि सेवा केंद्र चलाते हैं। उनका कहना है कि यह एक सरकारी मान्या प्राप्त संस्था है, जहां वो गांव-गांव घूमकर किसानों के खेतों की मिट्टी जांच करते हैं। किसानों को इसकी रिपोर्ट हाथों-हाथों देते हैं और इसके लिए वो 100 रुपए चार्ज करते हैं। दिनभर में वो 10 से 15 सैंपल की जांच कर लेते हैं। आदेश कहते हैं वो अपने बिजनेस से सालाना 10 लाख रुपए की कमाई कर लेते हैं।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट