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पोते-पोती के पास ही रहेगा गायत्री देवी का महल, इनकी खूबसूरती के कभी अमिताभ भी थे दीवाने

NCLT ने इस होटल का परिचालन करने वाली कंपनी में उनकी हिस्सेदारी को फिर से स्थापित किया है।

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नई दिल्ली.  दिवंगत महारानी गायत्री देवी के पोते-पोती को जयपुर स्थित जय महल होटल (Jai Mahal Hotel) का मालिकाना हक वापस मिल गया है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इस होटल का परिचालन करने वाली कंपनी में उनकी हिस्सेदारी को फिर से स्थापित किया है। NCLT की दिल्ली शाखा ने गायत्री देवी के पोते महाराज देवराज और पोती राजकुमारी लालित्य कुमार की याचिका को स्वीकार करते हुए उनके मालिकाना हक को पुन: स्थापित किया। महाराज देवराज और राजकुमारी लालित्य गायत्री देवी के बेटे महाराज जगत सिंह के बच्चे हैं, जिन्हें अब गायत्री देवी का एकमात्र वारिस माना जाता है। जय महल होटल हकीकत में जयपुर राजघराने से संबंध 260 साल पुराना एक शाही महल है, जिसे बाद में एक ‘हेरिटेज होटल' में तब्दील कर दिया गया। इसका प्रबंधन कार्य ताज होटल ग्रुप देखता है।

 

खूबसूरती के अमिताभ भी दीवाने

जब भी देश के तमाम राजघरानों की खूबसूरत महारानियों का जिक्र होता है सबसे पहले गायत्री देवी का नाम सामने आता है। गायत्री देवी कूच बिहार की राजकुमारी और जयपुर राजघराने की महारानी थीं। गायत्री देवी की खूबसूरती के दीवानों की लिस्‍ट में बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन भी शामिल हैं। अमिताभ बच्‍चन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह गायत्री देवी की एक झलक पाने के लिए बेताब रहते थे। अमिताभ के मुताबिक, गायत्री देवी को देखने के लिए मैं पोलो ग्राउंड जाया करता था और जब वह रेशमी ड्रेस में पोलो ग्राउंड पहुंचती थीं तो मैं मैच नहीं बल्कि उनकी सुंदरता को निहारता था।

 

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क्या है मामला

 

जय महल होटल की 99 फीसदी हिस्सेदारी महाराज देवराज और राजकुमारी लालित्य के पिता (महाराजा जगत सिंह) के पास था, जिसे उन्हें देने से लगातार मना किया जाता रहा। इस संबंध में महाराज देवराज और राजकुमारी लालित्य ने कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। उन्होंने उनकी 99 फीसदी हिस्सेदारी को गलत तरीके से कम करके छह फीसदी किए जाने की शिकायत की थी जिसके लिए महाराज पृथ्वीराज और उनके बेटे राजकुमार विजित सिंह को शेयर आवंटित कर दिए गए।

 

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कारों की थीं दीवानी
 
आमतौर पर राजघराने के लोगों को घोड़े का शौक होता है लेकिन महारानी गायत्री देवी इस मामले में अलग थीं। उन्‍हें कारों को बहुत शौक था। पहली मर्सीडिज डब्ल्यू 126 और 500 एसईएल कार गायत्री देवी ने ही विदेश से मंगवाई। हालांकि बाद में 500 एसईएल को मलयेशिया भेज दिया गया। उनके पास कई रॉल्स रॉयल्स गाडियां और एक एयरक्राफ्ट भी था। जयपुर की महारानी एक अच्छी घुड़सवार और पोलो प्लेयर भी थीं। गायत्री देवी जब भी लंदन जाती थीं तो वहां हॉलीवुड फिल्में जरूर देखती थीं।

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