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लालच छोड़ें आईटी लीडर्स, मुश्किल दौर से गुजर रही है इंडस्ट्रीः मूर्ति

इन्फोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने भारी वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर सीनियर मैनेजमेंट पर तगड़ा हमला किया।

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मुंबई. इन्फोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने भारी वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर सीनियर मैनेजमेंट पर तगड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि इन दिनों सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री मुश्किल दौर से गुजर रही है और सीनियर मैनेजमेंट खुद को ज्यादा पैसा बांटने में लगा हुआ है। मूर्ति ने कैपिटलिज्म में आम आदमी का भरोसा बनाए रखने के लिए आईटी लीडर्स को 'त्याग' करने की सलाह दी।

 

 

एआई और ऑटोमेशन की चुनौती को किया खारिज

मूर्ति ने मौजूदा दौर को आईटी सर्विसेज सेक्टर के लिए मुश्किल माना, लेकिन आर्टीफियल इंटेलीजेंस और ऑटोमेशन जैसी चुनौतियों को खारिज करते हुए कहा कि इसे 'हकीकत की तुलना में ज्यादा ही तवज्जो दी जा रही है।'

 

 

जूनियर्स के वेतन में बढ़ोत्तरी नहीं करने का ट्रेंड चिंताजनक

जूनियर्स और फ्रेशर्स के वेतन में कोई बढ़ोत्तरी नहीं किए जाने के ट्रेंड को 'चिंताजनक' करार देते हुए मूर्ति ने कहा कि सीनियर लेवल के लोग बढ़िया हाइक ले रहे हैं। वह वीकेंड के दौरान आईआईटी-बॉम्बे में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह ऐसे देश में कैपिटलिज्म को व्यापक तौर पर स्वीकार्य बनाने का सही तरीका नहीं है, जहां खासी गरीबी हो।'

 

 

बेनिफिट्स का बड़ा हिस्सा लेने से बचना होगा

मूर्ति ने कहा, 'यदि हम कैपिटलिज्म में भरोसा करते हैं, यदि हमें भरोसा है कि देश के लिए सर्वश्रेष्ठ समाधान आगे बढ़ाना है तो कैपिटलिज्म के लीडर्स को कंपनी चलाने से हुए बेनिफिट्स के बड़े हिस्से को खुद को ही देने से बचना होगा।'

 

इन्फोसिस पर पहले उठाए थे सवाल

इन्फोसिस में अपनी सक्रियता के दौर से ही 'नरम पूंजीवाद' के समर्थक रहे मूर्ति ने इस बार इन्फोसिस का कोई उल्लेख नहीं किया। गौर करने वाली बात है कि मूर्ति ने इन्फोसिस के सीनियर एग्जीक्यूटिव के कम्पन्सेशन को लेकर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर की थी।

 

 

फ्रेशर्स की सैलरी स्थिर, सीनियर कर्मचारियों को हुआ फायदा

मूर्ति ने इस प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों के सामने कहा कि बीते 7 साल से सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में फ्रेशर्स की सैलरी लगभग स्थिर बनी हुई है, वहीं इसी अवधि में सीनियर लेवल के कर्मचारियों की सैलरी में 1000 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'यदि हम सभी त्याग करते हैं तभी युवा समझेंगे।'

 

 

मुश्किल दौर से गुजर रही है इंडस्ट्री

उन्होंने कहा कि आईटी सेक्टर जिस दौर से गुजर रहा है, वह साइक्लिक नेचर का है और ऐसा कई साल में एक बार होता है।

यही एक वजह है, जिसके चलते ग्लोबल क्लाइंट्स ने पूर्व में आईटी में निवेश किया है। उन्होंने कहा कि वे फिर से निवेश शुरू करने से पहले फायदा मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

 

 

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