विज्ञापन
Home » Market » StocksMukesh Ambani and Sunil Mittal consider competing for stake in Zee group

अंबानी-मित्तल के बीच छिड़ेगी नई जंग, यहां लगा सकते हैं हजारों करोड़

जियो के बाद अब इस वजह से भिड़ेंगे मुकेश अंबानी और सुनील मित्तल

1 of


नई दिल्ली. देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और भारती एयरटेल ग्रुप के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल के बीच एक नई जंग का आगाज हो सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अरबपति देश के बड़े मीडिया ग्रुप्स में से एक ज़ी (Zee) में बड़ी हिस्सेदारी के लिए बिड लगाने पर विचार कर रहे हैं। दोनों ही कंपनियों के बीच दुनिया के दूसरे बड़े मोबाइल मार्केट में कंटेंट के लिए बड़ी होड़ मची हुई है। ज़ी (Zee) ग्रुप वर्तमान में कई मुश्किलों से गुजर रहा है।

 

भारती एयरटेल और ज़ी के बीच चल रही है बातचीत

रिपोर्ट के मुताबिक, भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के मित्तल ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस (Zee Entertainment Enterprises) से शुरुआती बातचीत कर रहे हैं और उम्मीद है कि इस संबंध में जल्द ही औपचारिक प्रस्ताव दिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अंबानी की रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Reliance Jio Infocomm) भी मीडिया ग्रुप के लिए बिड लगाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी बातचीत शुरुआती दौर में है और जरूरी नहीं है कि यह फाइनल हो।

 

यह भी पढ़ें-वित्त वर्ष के पहले दिन ही अंबानी ने बनाया रिकॉर्ड, 18 हजार करोड़ बढ़ी दौलत

 

5 जी ऑक्शन पर टिकी है बाजार की नजर

ज़ी (Zee) के एक प्रतिनिधि ने कहा कि कंपनी इस तरह की अटकलों पर कोई टिप्पणी नहीं करती है। रिलायंस जियो इन्फोकॉम और भारती एयरटेल से इस संबंध में तुरंत टिप्पणी नहीं मिल सकी। अगर यह डील हो जाती है तो ज़ी (Zee) को खरीदने वाली कंपनी को अपने यूजर रेवेन्यू में वीडियो सर्विसेस को व्यापक स्तर पर जोड़ने में मदद मिलेगी, क्योंकि सरकार इस साल 5जी एयरवेव्स का ऑक्शन करने की तैयारी में है।

 

यह भी पढ़ें-चीन से आई अच्छी खबर, इस कंपनी ने कुछ घंटों में कमा लिए 3500 करोड़ रु

 

 

 

टीवी और केबल टीवी मार्केट में मचेगा धमाल

एटीएंडटी इंक (AT&T Inc), वोडाफोन ग्रुप (Vodafone Group) और केडीडीआई कॉर्प (KDDI Corp) सहित दुनिया की बड़ी टेलिकम्युनिकेशंस कंपनियां अपनी कमाई को बूस्ट देने के लिए फिल्म और टेलीविजन प्रोडक्शन व केबल टीवी एसेट्स खरीदती रही हैं।

 

नेटफ्लिक्स और अमेजन का आगाज बड़ी वजह

ऐसी एसेट्स के लिए बिडिंग बढ़ने की एक वजह यह भी है कि एंटरटेनमेंट प्रोवाइडर्स खुद इंटरनेट के माध्यम से प्रोग्रामिंग ऑफर करने के लिए कंटेंट इकट्ठा करते हैं और नेटफ्लिक्स इंक (Netflix Inc) और अमेजन डॉट कॉम (Amazon) की प्राइम सर्विस (Prime service) को प्रतिस्पर्धा देती हैं।

 

 
 
कर्ज के बोझ से दबा है ज़ी ग्रुप

राइस ट्रेडिंग से मीडिया मुगल बने सुभाष चंद्रा (Subhash Chandra) के नियंत्रण वाली ब्रोडकास्टर कंपनी ज़ी (Zee) इन दिनों भारी कर्ज के बोझ से दबी हुई है और नेटफ्लिक्स, अमेजन और सैकड़ों लोकल टीवी चैनल्स से मिल रही प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए स्ट्रैटजिक इन्वेस्टर की खोज कर रही है।
ज़ी (Zee) के पास 78 चैनलों और 4800 मूवी टाइटल्स के माध्यम से 173 देशों में 130 करोड़ दर्शक हैं। कंपनी में पहले सोनी कॉर्प और कॉमकास्ट कॉर्प जैसी कंपनियों ने भी दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन उसे अभी तक खरीददार नहीं मिल सका है। टेलीविजन नेटवर्क ने अपने फैमिली शेयर्स में आधी हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की थी, जिसमें से 59 फीसदी हिस्सेदारी लेंडर्स के पास गिरवी पड़ी है।

 

जियो के प्राइस वार से हिल गया था टेलिकॉम सेक्टर

इससे पहले वर्ष 2016 में जियो (JIO) के आगाज से देश के टेलिकॉम मार्केट में प्राइस वार का आगाज हुआ था। इसके चलते कई कंपनियों का बिजनेस बिक गया तो कुछ कंपनियां अपने ऑपरेशन के मर्जर को मजबूर हो गई थीं। इनमें अनिल अंबानी की आरकॉम, वोडाफोन और आइडिया भी शामिल हैं, जो इस प्राइस वार से बड़े स्तर पर प्रभावित हुई थीं। भारती एयरटेल भी इस असर से अछूती नहीं रही थी।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Recommendation
विज्ञापन
विज्ञापन