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मुकेश अंबानी की शॉपिंग: 6 कंपनियों में खरीदी हिस्सेदारी, खर्च किए 92 करोड़ रु.

रिलायंस रिटेल वेंचर्स ने जेनिसिस कलर्स में 16.31 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी।

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नई दिल्ली. देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी का कंपनियों को खरीदने का सिलसिला जारी है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ( Reliance Industries) की सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (Reliance Retail Ventures Lt) ने रेडीमेड गारमेंट होलसेलर एंड रिटेल जेनिसिस कलर्स लिमिटेड (GCL) में 16.31 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। यह डील 34.80 करोड़ रुपए में हुई। इसके अलावा RRVL ने 5 और कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी है। इसके लिए उन्होंने 57.03 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

 

Genesis कलर्स में खरीदी 16.31% हिस्सेदारी

बीएसई फाइलिंग में RIL ने कहा कि उसकी सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड ने जेनिसिस कलर्स में 34.80 करोड़ रुपए में 16.31 फीसदी खरीदी है। इस खरीददारी से साथ GCL में RRVL की हिस्सेदारी बढ़कर 65.77 फीसदी हो गई है। इस अधिग्रहण के बाद कंपनी के ब्रांडेड फैशन रिटेल के मौजूदा पोर्टफोलियो में बढ़ोतरी होगी। 
जेनिसिस कलर्स की स्थापना नवंबर 1998 में हुई थी। GCL सीधे या अपनी सब्सिडियरी/ज्वाइंट वेंचर्स के जरिए ब्रांडेड रेडीमेड गारमेंट्स, बैग्स, फुटवियर एंड एक्सेसरीज के बिजनेस में है। 2017-18 में GCL का सालाना टर्नओवर 86.02 करोड़ रुपए है। वहीं 2016-17 में 80.04 करोड़ रुपए और 2015-16 में टर्नओवर 114.16 करोड़ रुपए था।

 

5 अन्य कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी

इसके अलावा, RRVL ने 5 अन्य कंपनियों की हिस्सेदारी खरीदी है। ये कंपनियां ब्रांडेड रेडीमेड गारमेंट्स, बैग्स, फुटवियर और ऐक्सेसरीज की रिटेलिंग व होलसेल बिजनेस में हैं। RRVL ने GLF लाइफस्टाइल ब्रांड्स (GLF Lifestyle Brands) और जेनिसिस ला मोड (Genesis La Mode) की हिस्सेदारी क्रमश: 38.45 करोड़ रुपए व 10.57 करोड़ रुपए में खरीदी। वहीं जेनिसिस लग्जरी फैशन प्राइवेट लिमिटेड (Genesis Luxury Fashion Pvt Ltd) में 2.07 फीसदी हिस्सेदारी 3.37 करोड़ रुपए में खरीदी। इस खरीददारी के साथ कंपनी में RRVL की हिस्सेदारी बढ़कर 49.37 फीसदी हो गई। RRVL ने GML इंडिया फैशन (GML India Fashion) और GBL बॉडी केयर (GLB Body Care) में 50 फीसदी हिस्सेदारी क्रमश: 4.48 करोड़ रुपए व 16 लाख रुपए में खरीदी।

 

रिटेल इंडस्ट्री में बढ़ेगा कदम

इस अधिग्रहण से कंपनी को रिटेल इंडस्ट्री में अपने को मजबूत करने में मदद मिलेगी और रिटेल इंडस्ट्रीज में अपनी वैल्यू को बढ़ाने की रणनीति को सपोर्ट मिलेगा।

 

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खर्च कर दिए 29 हजार करोड़ रु.

मुकेश अंबानी की अगुआई में कंपनी बीते एक साल के दौरान कंपनियां या उनकी स्टेक खरीदने पर लगभग 4.21 अरब डॉलर यानी 28,900 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। आरआईएल द्वारा की गईं इस डील्स में शामिल 10 कंपनियां कंज्यूमर बिजनेस से जुड़ी हैं। अंबानी भारत की मौजूदा बैड लोन की समस्या को भुनाने के मूड में है, जिस क्रम में टेक्सटाइल कंपनी आलोक इंडस्ट्रीज के अलावा एक कार्बन फाइबर फर्म और अंबानी की कर्ज में डूबी कंपनी आरकॉम की कई एसेट्स खरीदने की डील की है।

 

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अगला बड़ा दांव ई-कॉमर्स पर

अंबानी अब अगला बड़ा दांव ऑनलाइन मार्केटप्‍लेस पर लगा रहे हैं। RIL ऑनलाइन और रि‍टेल, दोनों को मि‍लाकर एक नया प्‍लेटफॉर्म बनाने की प्‍लानिंग कर रही है। RIL की योजना हाइब्रि‍ड ऑनलाइन-टू-ऑफलाइन रि‍टेल को शुरू करने की है। इस प्‍लेटफॉर्म को ग्रुप की टेलि‍कॉम सर्वि‍स और 7,500 रि‍टेल स्‍टोर्स के साथ मि‍लाकर बनाया जाएगा।

 

 

बायर्स, सेलर्स और मैन्‍युफैक्‍चरर्स...

रिलायंस एक मल्‍टी चैनल प्‍लेटफॉर्म पर काम कर रही है जि‍से जल्‍द ही शुरू कि‍या जाएगा। यहां पर कंज्‍यूमर्स, बि‍जनेस और मैन्‍युफैक्‍चरर्स सभी, हर तरह की गुड्स एंड सर्वि‍सेज को कहीं से भी ऑनलाइन या ऑफलाइन स्‍टोर्स के जरि‍ए खरीद सकते हैं। 

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