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सहारा में फंसा है पैसा, वापस लेने के लिए यहां करें अप्‍लाई

सहारा ग्रुप की दो कंपनियों में अगर किसी का पैसा फंसा है तो उसको वापस करने के लिए सेबी ने फिर से पहल शुरू की है।

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नई दिल्‍ली. सहारा ग्रुप की दो कंपनियों में अगर किसी का पैसा फंसा है तो उसको वापस करने के लिए सेबी ने फिर से पहल शुरू की है। लोग सेबी में अपने निवेश के दस्‍तावेज जमा कराके यह पैसा वापस ले सकते हैं। यह दो कंपनियां हैं सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) हैं। इन कंपनियों ने करीब 3 करोड़ निवेशकों से 17400 करोड़ रुपए जमा कराया था, जो फंसा हुआ है। अब यह निवेश ब्‍याज के साथ करीब 36 हजार करोड़ रुपए हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेबी इस मामले में प्रमुख भूमिका निभा रहा है और पैसे वापस कराने में इसकी प्रमुख भूमिका है। सहारा से इन पैसों की वसूली के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एम्‍बे वैली को बेचने की प्रक्रिया चल रही है। 

 
सेबी के पास दस्‍तावेज जमा कराने की अंतिम तिथि है 2 जुलाई 
सेबी ने अपनी बेवसाइट और देश के प्रमुख अखबारों में इस संबंध में विज्ञापन दिया है। इस विज्ञापन में दोनाें कंपनियों में जिनका पैसा फंसा है उनको कैसे वापस मिल सकता है यह बताया गया है। सेबी ने इसके लिए एक फार्म जारी किया है, जिसे भरकर निवेशकों को 2 जुलाई 2018 तक सेबी के पास जमा कराना है। यह फार्म निवेशक चाहे तो अखबरों में दिए विज्ञापन का इस्‍तेमाल कर सकता है या चाहे तो सेबी के वेबसाइट से डाउनलोड कर सकता है। 
 
 
फार्म भरने के लिए चाहिए क्‍या-क्‍या 
इस फार्म के साथ निवेशकों को बॉन्‍ड की ओरीजनल कापी भेजनी होगी। अगर इसकी जगह सहारा ने पासबुक जारी हो तो उसको भेजा जा सकता है। बिना इन दस्‍तावेजों के सेबी आवेदन पर विचार नहीं करेगा। निवेशक चाहे तो एक ही आवेदन पर अपने सारे निवेश का रिफंड मांग सकता है। इसके अलावा निवेशक को स्‍वप्रमाणित पहचान और एड्रेस का प्रूफ देना होगा। 
 
 
पैसा ऑनलाइन वापस मिलेगा
सेबी ने इस विज्ञापन में बतया है कि निवेशकों को पैसा ऑनलाइन वापस किया जाएगा। इसलिए उन्‍हें अपने बैंक का डिटेल भी देना होगा। इसके लिए निवेशकों को अपनी पासबुक की पहली पेज की फोटो कापी और कैंसिल चेक भी देनी होगी। यह दोनों दस्‍तावेज स्‍वप्रमाणित होने चाहिए। 
 
 
पहचान के इन प्रमाणों को स्‍वीकर करेगी सेबी
सेबी ने इस विज्ञापन में बताया है कि वह आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, सरकारी कर्मचारी की आईडी, मनरेगा का जॉब कार्ड, पेंनशर्न फोटो कार्ड जैसे दस्‍तावेज स्‍वीकार किए जाएंगे। 

एड्रेस प्रूफ के चाहिए यह दस्‍तावेज
पते के लिए निवेशकों कई तरह के दस्‍तावेजों में किसी एक को भेजना होगा। इनमें आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली और गैस का बिल जो तीन माह के अंदर का हो, बैंक पासबुक जिसमें पिछले तीन माह में कोई इंट्री हुई हो जैसे दस्‍तावेज अपने आवेदन के साथ भेज सकते हैं। 

 
इनकम टैक्‍स कटने से बचाने के लिए भेजे यह दस्‍तावेज
सेबी ने बताया है कि इस भुगतान से TDS काटा जाएगा। अगर किसी को लगता है कि वह TDS के दायरे में नहीं आता है तो वह इसके लिए फार्म 15G या 15H भेज सकता है। 
 
 
आगे पढ़ें : क्‍या है यह मामला 
 
कई लोगों को जाना पड़ा था जेल 
सहारा ग्रुप की 2 कंपनियों- सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) ने रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 3 करोड़ से ज्यादा इन्वेस्टर्स से 17,400 करोड़ रुपए जुटाए थे। बाद में सहारा ने इन कंपनियों का IPO लाने के लिए सेबी के पास दस्‍तावेज जमा कराए। सेबी को इन दस्‍तावेजों की जांच और गड़बड़ी मिलने पर 2010 में जांच के आदेश दिए। बाद में यह मामला बढ़ता गया और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की दोनों कंपनियों को इन्वेस्टर्स के ब्‍याज के साथ हो गए 36 हजार करोड़ रुपए लौटाने का आदेश दिया। लेकिन कंपनी ने आदेश नहीं और माना इस मामले में सहारा के मुखिया सुब्रत राय और उनके दो उनके दो डायरेक्‍टर रवि शंकर दूबे और अशोक रॉय चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। 
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